एशियन पैरा गेम्स 2026: मंजीत व्यास ने जेवलिन थ्रो एफ13 में 61.03 मीटर के पर्सनल बेस्ट के साथ सिल्वर जीता
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा-एथलीट मंजीत व्यास ने 21 अक्टूबर 2026 को आइची-नागोया एशियन पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ13 स्पर्धा में सिल्वर मेडल जीतकर अपने करियर का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। उन्होंने अपनी दूसरी कोशिश में 61.03 मीटर का थ्रो फेंककर पर्सनल बेस्ट रिकॉर्ड बनाया और महाद्वीपीय मंच पर भारत के लिए एक और मेडल सुनिश्चित किया।
मंजीत का प्रदर्शन और अभियान का सफर
कंबाइंड एफ12/एफ13 इवेंट में हिस्सा लेते हुए मंजीत ने अपनी दूसरी कोशिश में ही 61.03 मीटर का थ्रो फेंका, जो उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। यह थ्रो एफ13 वर्ग में पोडियम फिनिश दिलाने के लिए पर्याप्त साबित हुआ। गौरतलब है कि 2026 में मंजीत का प्रदर्शन लगातार उत्कृष्ट रहा है — उन्होंने इससे पहले नई दिल्ली में वर्ल्ड पैरा एथलेटिक्स ग्रां प्री और बेंगलुरु में इंडियन ओपन पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप, दोनों में पुरुषों की एफ13 जेवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता था। एशियन पैरा गेम्स क्वालीफायर में भी उन्होंने 59.08 मीटर के थ्रो के साथ शीर्ष स्थान हासिल किया था।
प्रदीप कुमार और आयुष वर्मा का भी पोडियम पर दबदबा
जेवलिन थ्रो में भारत का मेडल अभियान यहीं नहीं रुका। प्रदीप कुमार और आयुष वर्मा ने पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ53 कैटेगरी में क्रमशः दूसरे और तीसरे स्थान पर रहते हुए सिल्वर और ब्रॉन्ज मेडल जीते। एफ54 वर्ग में प्रतिस्पर्धा कर रहे प्रदीप ने अपनी अंतिम कोशिश में 27.45 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो फेंककर सिल्वर जीता। यह एशियन पैरा गेम्स में पुरुषों की एफ54 जेवलिन इवेंट में उनका दूसरा सिल्वर मेडल था — वह हांगझोऊ 2022 में भी रनर-अप रहे थे और 2026 राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप में गोल्ड जीत चुके हैं।
आयुष ने अपनी पाँचवीं कोशिश में 17.88 मीटर का पर्सनल बेस्ट थ्रो फेंककर ब्रॉन्ज मेडल पक्का किया। पॉइंट्स-आधारित इस प्रणाली में अलग-अलग वर्गीकरण के एथलीटों को केवल दूरी के बजाय उनके प्रदर्शन के आधार पर आंका जाता है, जिससे आयुष का पोडियम स्थान सुनिश्चित हुआ।
रिंकू हुड्डा और अजीत सिंह का ऐतिहासिक एक-दो
सोमवार को पुरुषों की जेवलिन थ्रो एफ46 इवेंट में रिंकू हुड्डा और अजीत सिंह ने शीर्ष दो स्थान हासिल कर भारत के लिए यादगार एक-दो का नतीजा दर्ज किया। रिंकू ने 65.11 मीटर के थ्रो के साथ गोल्ड जीता, जबकि अजीत ने 65.02 मीटर के थ्रो के साथ सिल्वर जीता — दोनों के बीच महज नौ सेंटीमीटर का अंतर था, जिसने इसे एक रोमांचक मुकाबला बना दिया।
खेल मंत्री मांडविया की बधाई
केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने एक्स पर पोस्ट करते हुए मंजीत को बधाई दी। उन्होंने लिखा, 'एशियाई पैरा गेम्स 2026 में पुरुषों की जैवलिन थ्रो एफ12/एफ13 में सिल्वर मेडल जीतने पर मंजीत को बधाई।' यह सरकार की ओर से पैरा-एथलीटों के प्रति बढ़ती स्वीकृति और समर्थन को दर्शाता है।
भारत की बढ़ती मेडल तैली
मंजीत के पर्सनल-बेस्ट सिल्वर और प्रदीप तथा आयुष के पोडियम फिनिश के साथ, आइची-नागोया 2026 एशियन पैरा गेम्स में भारत की पैरा-एथलेटिक्स मेडल तैली लगातार मजबूत होती जा रही है। यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय पैरा-स्पोर्ट्स को घरेलू स्तर पर बढ़ती पहचान और निवेश मिल रहा है। आने वाले दिनों में भारतीय दल के अन्य स्पर्धाओं में भी पोडियम पर पहुँचने की उम्मीद बनी हुई है।