28 अक्टूबर 2026
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साई गांधीनगर ने एशियन पैरा गेम्स 2026 के 16 पदक विजेता एथलीट्स को किया सम्मानित

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साई गांधीनगर ने एशियन पैरा गेम्स 2026 के 16 पदक विजेता एथलीट्स को किया सम्मानित

सारांश

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत के 114 पदकों में से 16 गांधीनगर के एनसीओई से जुड़े एथलीट्स ने जीते। साई गांधीनगर ने इन विजेताओं को सम्मानित कर 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और लॉस एंजिल्स पैरालंपिक की तैयारी का संकल्प दोहराया।

मुख्य बातें

साई क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर ने 28 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 के पदक विजेताओं का सम्मान समारोह आयोजित किया।
भारत ने जापान के आइची-नागोया में कुल 114 पदक जीते; एनसीओई गांधीनगर के एथलीट्स का 16 पदकों में योगदान रहा।
तेजलबेन अमराजी दामोर ने 400 मीटर टी12 में रजत और 200 मीटर टी12 में कांस्य, प्राची पांडे ने पैरा टेबल टेनिस महिला सिंगल्स क्लास 6 में कांस्य जीता।
शुभम वाधवा ने पैरा टेबल टेनिस में दो कांस्य पदक हासिल किए; शैलेश कुमार ने हाई जंप में स्वर्ण और लॉन्ग जंप में कांस्य जीता।
एथलीट्स ने 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखा है।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (SAI) के क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर ने 28 अक्टूबर 2026 को एशियन पैरा गेम्स 2026 के पदक विजेता भारतीय पैरा-एथलीट्स के सम्मान में एक विशेष समारोह का आयोजन किया। जापान के आइची-नागोया में आयोजित इन खेलों में भारत ने कुल 114 पदक जीते, जिनमें से एनसीओई गांधीनगर से जुड़े मौजूदा और पूर्व एथलीट्स ने 16 पदक अपने नाम किए।

मुख्य पदक विजेता और उनकी उपलब्धियाँ

पैरा-एथलीट तेजलबेन अमराजी दामोर ने महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में रजत और 200 मीटर टी12 स्पर्धा में कांस्य पदक हासिल किया। एनसीओई गांधीनगर और 'खेलो इंडिया' से जुड़ी पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी प्राची पांडे ने महिला सिंगल्स क्लास 6 इवेंट में कांस्य पदक जीता।

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी शुभम वाधवा ने पुरुष डबल्स एमडी4 और मिक्स्ड डबल्स एक्सडी7 — दोनों इवेंट में कांस्य पदक जीते। एनसीओई के पूर्व एथलीट निमिषा ने टी46 लॉन्ग जंप में रजत पदक हासिल किया, जबकि शैलेश कुमार ने हाई जंप में स्वर्ण और लॉन्ग जंप में कांस्य पदक जीता।

एथलीट्स की प्रेरक कहानियाँ

पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी शुभम वाधवा ने बताया कि 2015 में एक मोटरसाइकिल दुर्घटना के बाद खेल में वापसी करना उनके लिए बेहद कठिन था। परिवार, कोच और साई के सहयोग से उन्होंने अपने लक्ष्यों की ओर काम जारी रखा। उन्होंने अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में दो पदक जीतकर देश का गर्व बढ़ाया।

शुभम के भविष्य के लक्ष्यों में आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप में पदक जीतने के साथ-साथ 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में शानदार प्रदर्शन करना शामिल है।

साई की प्रशिक्षण सुविधाएँ और सहयोग

प्राची पांडे ने साई में उपलब्ध प्रशिक्षण सुविधाओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि खेल-विशेष कोचिंग के अलावा, एथलीट्स को फिटनेस ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी सपोर्ट, मेंटल कंडीशनिंग, योग और ध्यान जैसी सुविधाएँ भी दी जाती हैं, जो प्रदर्शन को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाती हैं।

तेजलबेन ने अपने कोच नितिन चौधरी और साई टीम को उनके निरंतर सहयोग के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने गुजरात को 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी के लिए तैयार करने के प्रयासों की भी सराहना की।

अधिकारियों की प्रतिक्रिया

साई क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर के क्षेत्रीय निदेशक प्रशांत सिंह ने कहा, 'हमारी प्राथमिकता एथलीटों को बेहतरीन कोचिंग, सुविधाएँ, पोषण और स्पोर्ट्स साइंस से जुड़ी सहायता प्रदान करना है, ताकि वे अपनी पूरी क्षमता हासिल कर सकें। ये उपलब्धियाँ उनकी कड़ी मेहनत, उनके कोचों के समर्पण और हमारे सपोर्ट स्टाफ के सामूहिक प्रयासों का परिणाम हैं।'

साई एनसीओई अहमदाबाद के उप-निदेशक बिभुभूषण और साई क्षेत्रीय केंद्र गांधीनगर की सहायक निदेशक इशप्रीत कौर ने भी एथलीट्स और कोचों को बधाई देते हुए पैरा-स्पोर्ट्स में उनके योगदान की सराहना की।

आगे की राह

यह समारोह केवल सम्मान का अवसर नहीं था, बल्कि भारतीय पैरा-खेलों के भविष्य के प्रति एक प्रतिबद्धता का प्रतीक भी था। 2030 के कॉमनवेल्थ गेम्स और लॉस एंजिल्स पैरालंपिक की तैयारी के मद्देनज़र, साई गांधीनगर अपने एथलीट्स को और उन्नत सहयोग प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह भी विचारणीय है कि 114 में से 16 पदक एक ही केंद्र से आना — जो कुल का लगभग 14% है — देश के अन्य पैरा-प्रशिक्षण केंद्रों की तुलनात्मक क्षमता और संसाधन-वितरण पर सवाल खड़े करता है। 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और लॉस एंजिल्स पैरालंपिक के लिए बड़ी महत्वाकांक्षाएँ तभी फलीभूत होंगी, जब इस मॉडल का विस्तार राज्य स्तर तक हो।
RashtraPress
28 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कुल कितने पदक जीते?
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कुल 114 पदक जीते, जो जापान के आइची-नागोया में आयोजित हुए। इनमें से 16 पदक अकेले एनसीओई गांधीनगर से जुड़े मौजूदा और पूर्व एथलीट्स ने जीते।
साई गांधीनगर सम्मान समारोह में किन एथलीट्स को सम्मानित किया गया?
समारोह में तेजलबेन अमराजी दामोर (400 मीटर टी12 रजत, 200 मीटर टी12 कांस्य), प्राची पांडे (पैरा टेबल टेनिस महिला सिंगल्स क्लास 6 कांस्य), शुभम वाधवा (पैरा टेबल टेनिस में दो कांस्य), शैलेश कुमार (हाई जंप स्वर्ण, लॉन्ग जंप कांस्य) और निमिषा (टी46 लॉन्ग जंप रजत) को सम्मानित किया गया।
शुभम वाधवा की प्रेरणादायक कहानी क्या है?
शुभम वाधवा ने 2015 में एक मोटरसाइकिल दुर्घटना के बाद पैरा-खेलों में वापसी की। परिवार, कोच और साई के सहयोग से उन्होंने अपने पहले एशियन पैरा गेम्स में दो पदक जीते और भविष्य में वर्ल्ड चैंपियनशिप तथा लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में बेहतर प्रदर्शन का लक्ष्य रखा है।
साई गांधीनगर एथलीट्स को क्या-क्या सुविधाएँ देता है?
साई गांधीनगर में खेल-विशेष कोचिंग के अलावा फिटनेस ट्रेनिंग, स्पोर्ट्स साइकोलॉजी सपोर्ट, मेंटल कंडीशनिंग, योग और ध्यान जैसी सुविधाएँ दी जाती हैं। प्राची पांडे सहित कई एथलीट्स ने इन सुविधाओं को अपनी अंतरराष्ट्रीय सफलता का अहम कारण बताया है।
एशियन पैरा गेम्स 2026 के बाद भारतीय पैरा-एथलीट्स के अगले लक्ष्य क्या हैं?
गांधीनगर के पैरा-एथलीट्स ने आगामी वर्ल्ड चैंपियनशिप, 2030 कॉमनवेल्थ गेम्स और लॉस एंजिल्स पैरालंपिक में पदक जीतने का लक्ष्य रखा है। साई क्षेत्रीय केंद्र ने भविष्य की अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए बेहतर सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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