5 नवंबर 2026
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सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पाँचवें एशियाई पैरा गेम्स 2026 के 6 पदक विजेताओं को किया सम्मानित

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सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पाँचवें एशियाई पैरा गेम्स 2026 के 6 पदक विजेताओं को किया सम्मानित

सारांश

पाँचवें एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय सेना के 9 में से 6 खिलाड़ियों ने पदक जीते — 1 स्वर्ण, 2 रजत, 3 कांस्य। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नई दिल्ली में इन वीर जवानों को सम्मानित कर घायल सैनिकों के खेल पुनर्वास के प्रति सेना की प्रतिबद्धता को रेखांकित किया।

मुख्य बातें

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में एशियाई पैरा खेल 2026 के पदक विजेताओं को सम्मानित किया।
सेना के 9 खिलाड़ियों में से 6 ने पदक जीते — 1 स्वर्ण, 2 रजत, 3 कांस्य ।
सूबेदार सोलैराज डी, वीएसएम ने लंबी कूद में स्वर्ण; सिमरन (नायक गजेंद्र की पत्नी) ने 100 मीटर और 200 मीटर में दो स्वर्ण पदक जीते।
आर्मी पैरालंपिक नोड , आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर और स्पाइनल कॉर्ड इंजरी सेंटर मिलकर घायल जवानों को खेलों के लिए तैयार करते हैं।
प्रशिक्षकों में लेफ्टिनेंट कर्नल दलजीत सिंह (नोड प्रभारी) और सूबेदार बिबिन देव (एथलेटिक्स कोच) को भी सराहा गया।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में पाँचवें एशियाई पैरा खेल 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया। सेना के कुल नौ खिलाड़ियों ने इन खेलों में प्रतिभाग किया, जिनमें से छह ने एक स्वर्ण, दो रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया।

मुख्य पदक विजेता

सूबेदार सोलैराज डी, वीएसएम ने लंबी कूद में स्वर्ण पदक जीतकर सेना की पदक तालिका में सबसे ऊँचा स्थान हासिल किया। रजत पदक विजेताओं में हवलदार राकेश (चक्का फेंक) और हवलदार कपिल कुमार (400 मीटर फ्रीस्टाइल तैराकी) शामिल रहे।

कांस्य पदक विजेताओं में सूबेदार एच होकाटो सेमा, एवीएसएम (गोला फेंक), सूबेदार अजय कुमार (400 मीटर दौड़) और हवलदार प्रदीप कुमार (चक्का फेंक) शामिल रहे। इन खिलाड़ियों ने एथलेटिक्स, तैराकी और फील्ड स्पर्धाओं में अपनी असाधारण प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

नायक गजेंद्र की पत्नी सिमरन को विशेष सम्मान

सेना प्रमुख ने नायक गजेंद्र की पत्नी सिमरन को भी इस अवसर पर विशेष रूप से सम्मानित किया। सिमरन ने 100 मीटर और 200 मीटर दौड़ स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक जीतकर भारत की पदक तालिका को और मज़बूत किया। उनकी उपलब्धि सैन्य परिवारों की दृढ़ इच्छाशक्ति का प्रतीक मानी जा रही है।

घायल सैनिकों के पुनर्वास की मिसाल

इन खिलाड़ियों की सफलता इसलिए भी असाधारण है क्योंकि इनमें से अनेक सैनिक शारीरिक चोटों से उबरकर खेल के मैदान में वापस लौटे हैं। भारतीय सेना का आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर और स्पाइनल कॉर्ड इंजरी सेंटर, आर्मी पैरालंपिक नोड के साथ मिलकर घायल जवानों को कृत्रिम अंग, विशेष चिकित्सा सुविधा, पुनर्वास और व्यवस्थित खेल प्रशिक्षण प्रदान करता है। यह संयुक्त प्रयास खिलाड़ियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम बनाता है।

प्रशिक्षकों और सहयोगी दल की सराहना

सेना प्रमुख ने खिलाड़ियों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले प्रशिक्षकों और सहयोगी दल की भूरि-भूरि प्रशंसा की। सम्मानित किए गए प्रशिक्षकों में एथलेटिक्स प्रशिक्षक सूबेदार बिबिन देव, सूबेदार मुर्तजा, शारीरिक क्षमता एवं फिटनेस प्रशिक्षक हवलदार अविनाश ए तथा आर्मी पैरालंपिक नोड के प्रभारी लेफ्टिनेंट कर्नल दलजीत सिंह शामिल थे।

सेना की प्रतिबद्धता

इस सम्मान समारोह के माध्यम से भारतीय सेना ने घायल जवानों के पुनर्वास, उन्हें खेलों में समान अवसर दिलाने और अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा में आगे बढ़ाने की अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को दोहराया। गौरतलब है कि यह पहल केवल पदकों तक सीमित नहीं है — यह उन सैनिकों की अदम्य जिजीविषा का सम्मान है जिन्होंने चोटों के बावजूद खेल की राह नहीं छोड़ी। आने वाले समय में सेना इस कार्यक्रम को और विस्तार देने की योजना बना रही है, ताकि अधिक से अधिक घायल सैनिक पैरा खेलों में प्रतिनिधित्व कर सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

और यह दर्शाता है कि संस्थागत समर्थन — कृत्रिम अंग केंद्र से लेकर समर्पित कोचिंग तक — ज़मीनी फर्क डाल रहा है। विडंबना यह है कि इस सफलता की चर्चा मुख्यधारा के खेल संवाद में उतनी नहीं होती जितनी होनी चाहिए। जब तक पैरा एथलीटों की उपलब्धियाँ नीति और बजट आवंटन में बराबर की हिस्सेदारी नहीं पातीं, तब तक सम्मान समारोह एक शुरुआत है — मंज़िल नहीं।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पाँचवें एशियाई पैरा खेल 2026 में भारतीय सेना ने कितने पदक जीते?
भारतीय सेना के 9 खिलाड़ियों में से 6 ने पदक जीते — 1 स्वर्ण, 2 रजत और 3 कांस्य। ये खिलाड़ी एथलेटिक्स, तैराकी और फील्ड स्पर्धाओं में प्रतिस्पर्धा करने उतरे थे।
सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने किसे सम्मानित किया?
5 नवंबर 2026 को नई दिल्ली में सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने पदक विजेता जवानों के साथ-साथ उनके प्रशिक्षकों और नायक गजेंद्र की पत्नी सिमरन को भी सम्मानित किया, जिन्होंने 100 मीटर और 200 मीटर में दो स्वर्ण पदक जीते।
सूबेदार सोलैराज डी ने किस स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता?
सूबेदार सोलैराज डी, वीएसएम ने पाँचवें एशियाई पैरा खेल 2026 में लंबी कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता। वे सेना के इन खेलों के सबसे सफल खिलाड़ियों में रहे।
भारतीय सेना घायल जवानों को पैरा खेलों के लिए कैसे तैयार करती है?
भारतीय सेना का आर्टिफिशियल लिम्ब सेंटर और स्पाइनल कॉर्ड इंजरी सेंटर, आर्मी पैरालंपिक नोड के साथ मिलकर काम करते हैं। ये केंद्र घायल सैनिकों को विशेष चिकित्सा, कृत्रिम अंग, पुनर्वास और व्यवस्थित खेल प्रशिक्षण देते हैं ताकि वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकें।
एशियाई पैरा खेल 2026 में सेना के कौन-से प्रशिक्षकों को सराहा गया?
सेना प्रमुख ने एथलेटिक्स प्रशिक्षक सूबेदार बिबिन देव और सूबेदार मुर्तजा, फिटनेस प्रशिक्षक हवलदार अविनाश ए तथा आर्मी पैरालंपिक नोड के प्रभारी लेफ्टिनेंट कर्नल दलजीत सिंह के योगदान की विशेष सराहना की।
राष्ट्र प्रेस
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