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जनरल धीरज सेठ ने एशियाई खेल 2026 के 20 पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों को किया सम्मानित

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जनरल धीरज सेठ ने एशियाई खेल 2026 के 20 पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों को किया सम्मानित

सारांश

एशियाई खेल 2026 में भारत के कुल पदकों का 24% अकेले भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने जीता। सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने इन 20 पदक विजेताओं को सम्मानित करते हुए लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 को अगला बड़ा लक्ष्य घोषित किया।

मुख्य बातें

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 12 अक्टूबर 2026 को एशियाई खेल 2026 के पदक विजेता सैन्य खिलाड़ियों को सम्मानित किया।
भारतीय सेना ने एशियाई खेल 2026 में 20 पदक जीते — 6 स्वर्ण, 8 रजत, 6 कांस्य — भारत के कुल 85 पदकों का 24% ।
नायब सूबेदार नीरू ढांडा ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं।
हवलदार सावन बरवाल के मैराथन रजत से मैराथन में भारत का 44 साल का पदक-इंतजार समाप्त हुआ।
राष्ट्रमंडल खेल 2026 (ग्लासगो) में सेना ने 16 पदक जीते — भारत के कुल पदकों का 41% ।
भारतीय सेना का अगला लक्ष्य लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 है।

सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एशियाई खेल 2026 में पदक जीतने वाले सेना के खिलाड़ियों को औपचारिक रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों की उपलब्धियों, कठोर अनुशासन और समर्पण की भूरि-भूरि प्रशंसा की। भारतीय सेना का अगला लक्ष्य इन खिलाड़ियों को लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 के लिए तैयार करना है।

एशियाई खेलों में सेना का शानदार प्रदर्शन

भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने एशियाई खेल 2026 में कुल 20 पदक जीते — जिनमें 6 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। यह उपलब्धि इस दृष्टि से उल्लेखनीय है कि सेना के खिलाड़ियों ने इन खेलों में भारत के कुल 85 पदकों में लगभग 24 प्रतिशत का योगदान दिया। गौरतलब है कि यह प्रदर्शन किसी एकल संस्था द्वारा किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारत के पदकों में इतना बड़ा हिस्सा जोड़ने के मामले में विशेष महत्व रखता है।

व्यक्तिगत उपलब्धियाँ और नए कीर्तिमान

नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने इन खेलों में दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीतकर असाधारण प्रदर्शन किया। वह महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं — एक ऐतिहासिक उपलब्धि जिसने भारतीय खेल जगत में नया अध्याय लिखा।

एथलेटिक्स में नायब सूबेदार गुलवीर सिंह ने तीन व्यक्तिगत पदक जीते, जबकि हवलदार सावन बरवाल ने मैराथन में रजत पदक हासिल किया। सेना के अनुसार, बरवाल की इस उपलब्धि के साथ मैराथन में भारत का पदक जीतने का 44 साल का लंबा इंतजार समाप्त हुआ। हवलदार अंकुश ने स्वर्ण पदक जीतकर सेना की प्रतिभा-पहचान और प्रशिक्षण व्यवस्था की सफलता को रेखांकित किया।

राष्ट्रमंडल खेलों में भी दमदार प्रदर्शन

सेना के खिलाड़ियों का बेहतरीन प्रदर्शन केवल एशियाई खेलों तक सीमित नहीं रहा। वर्ष 2026 में ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेलों में भी उन्होंने 8 स्वर्ण, 7 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 16 पदक जीते। यह भारत के राष्ट्रमंडल खेलों के कुल पदकों का 41 प्रतिशत था। दो बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार उत्कृष्ट प्रदर्शन, सेना की खेल प्रशिक्षण व्यवस्था की मज़बूती का प्रमाण है।

मिशन ओलंपिक: 2028 की तैयारी

सेना की मिशन ओलंपिक शाखा इस सफलता की रीढ़ रही है। इस व्यवस्था के तहत खिलाड़ियों को विशेषज्ञ प्रशिक्षक, खेल विज्ञान, आधुनिक तकनीक, संतुलित पोषण, चोट प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर मिलते हैं। अब सेना का सारा ध्यान लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 की तैयारियों पर केंद्रित हो गया है, जहाँ व्यक्तिगत ज़रूरतों के अनुसार वैज्ञानिक प्रशिक्षण और भविष्य के पदक विजेताओं की नई पीढ़ी तैयार करने पर ज़ोर दिया जाएगा।

जनरल धीरज सेठ ने विश्वास जताया कि सेना के खिलाड़ी अपने दृढ़ संकल्प और उत्कृष्ट प्रदर्शन के दम पर आगे भी देश का गौरव बढ़ाते रहेंगे। भारत को विश्व की अग्रणी खेल शक्तियों में शामिल करने की दिशा में भारतीय सेना एक निर्णायक भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राज्य अकादमियाँ, निजी क्लब — उस अनुपात में क्यों नहीं दे पा रही। सेना की 'मिशन ओलंपिक' संरचना में अनुशासन, फंडिंग की निरंतरता और नौकरशाही के बिना वैज्ञानिक प्रशिक्षण का संयोजन है — जो नागरिक खेल व्यवस्था में अभी भी अपवाद है, नियम नहीं। नीरू ढांडा और सावन बरवाल जैसे नाम सेना की उस प्रतिभा-पाइपलाइन की सफलता के प्रमाण हैं, लेकिन असली परीक्षा 2028 में होगी जब ओलंपिक का मंच एशियाई खेलों से कहीं अधिक कठिन होगा।
RashtraPress
12 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सेना के खिलाड़ियों ने एशियाई खेल 2026 में कितने पदक जीते?
भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने एशियाई खेल 2026 में कुल 20 पदक जीते, जिनमें 6 स्वर्ण, 8 रजत और 6 कांस्य पदक शामिल हैं। यह भारत के कुल 85 पदकों का लगभग 24 प्रतिशत है।
नायब सूबेदार नीरू ढांडा ने क्या ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की?
नायब सूबेदार नीरू ढांडा एशियाई खेलों में महिलाओं की ट्रैप निशानेबाजी में व्यक्तिगत स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनीं। उन्होंने इन खेलों में कुल दो स्वर्ण और एक रजत पदक जीता।
हवलदार सावन बरवाल की जीत इतनी खास क्यों है?
हवलदार सावन बरवाल ने एशियाई खेल 2026 में मैराथन में रजत पदक जीता, जिससे इस स्पर्धा में भारत का 44 साल का पदक-इंतजार समाप्त हुआ। यह भारतीय एथलेटिक्स इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
भारतीय सेना का अगला बड़ा खेल लक्ष्य क्या है?
भारतीय सेना ने लॉस एंजिलिस ओलंपिक 2028 को अपना प्रमुख खेल लक्ष्य घोषित किया है। इसके लिए मिशन ओलंपिक शाखा के तहत वैज्ञानिक प्रशिक्षण, व्यक्तिगत कोचिंग और खेल विज्ञान की मदद से खिलाड़ियों को तैयार किया जाएगा।
भारतीय सेना ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 में कैसा प्रदर्शन किया?
ग्लासगो में आयोजित राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय सेना के खिलाड़ियों ने 8 स्वर्ण, 7 रजत और 1 कांस्य सहित कुल 16 पदक जीते। यह भारत के कुल राष्ट्रमंडल पदकों का 41 प्रतिशत था।
राष्ट्र प्रेस
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