जनरल धीरज सेठ ने एशियन गेम्स 2026 के मेडलिस्ट सेना खिलाड़ियों को सम्मानित किया, ओलंपिक 2028 पर नज़र
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 12 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में एशियन गेम्स 2026 में पदक जीतने वाले भारतीय सेना के खिलाड़ियों को औपचारिक रूप से सम्मानित किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश इन एथलीटों की उपलब्धियों को चिरकाल तक स्मरण रखेगा और भविष्य में इनसे और भी बेहतर प्रदर्शन की अपेक्षा है।
सेना प्रमुख के उद्गार
खिलाड़ियों को सम्मानित करने के बाद जनरल धीरज सेठ ने कहा, 'आज का दिन मेरे लिए बेहद खुशी का रहा है, क्योंकि मैंने पिछले आधे घंटे अपने बेहतरीन खिलाड़ियों के साथ बिताए हैं। जिस जज्बे से भारतीय सेना देश की रक्षा करती है, उसी जज्बे से इन खिलाड़ियों ने सिद्ध किया है कि लगन और कड़ी मेहनत से क्या-कुछ हासिल किया जा सकता है। देश उनकी उपलब्धियों को याद रखेगा और मुझे विश्वास है कि आने वाले वर्षों में उनका प्रदर्शन और ऊँचाइयाँ छुएगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि चाहे एशियाई स्तर हो या कॉमनवेल्थ गेम्स, इन मंचों पर पदक जीतना कोई साधारण उपलब्धि नहीं है।
शूटर नीरू ढांडा: तीन मेडल, सेना के अनुशासन को श्रेय
एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में तीन पदक जीतने वाली नीरू ढांडा ने कहा कि यह उपलब्धि उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने अपनी सफलता का पूरा श्रेय भारतीय सेना के अनुशासन को दिया और बताया कि शूटिंग जैसे खेल में खुद को शांत और एकाग्र रखना अनिवार्य होता है — ये गुण उन्होंने सेना में ही सीखे। नीरू ने कहा, 'मैं भारतीय सेना में यह तीन मेडल जीतकर छोटा सा ही योगदान दे सकी हूँ।' उन्होंने यह भी बताया कि जनरल सेठ खिलाड़ियों को सदैव 110 प्रतिशत देने के लिए प्रेरित करते हैं।
पहलवान दीपक पूनिया की नज़र ओलंपिक 2028 के गोल्ड पर
एशियन गेम्स 2026 में कुश्ती में ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले दीपक पूनिया ने स्वीकार किया कि एशियाई स्तर पर पदक जीतना आसान नहीं होता। उन्होंने घोषणा की कि उनका अगला लक्ष्य ओलंपिक 2028 में गोल्ड मेडल जीतना है। दीपक ने कहा कि सेना प्रमुख से मिली सकारात्मक ऊर्जा ओलंपिक की तैयारियों में बेहद सहायक सिद्ध होगी।
गुलवीर सिंह और कमलजीत की प्रतिक्रिया
एशियन गेम्स 2026 में 3 पदक जीतने वाले गुलवीर सिंह ने कहा कि देशवासियों की छोटी-छोटी दुआएँ भी उनके लिए बल का स्रोत रही हैं। उन्होंने बताया कि पुणे स्थित सेना का प्रशिक्षण संस्थान विश्वस्तरीय सुविधाओं से सुसज्जित है, जो उनकी तैयारी में निर्णायक भूमिका निभाता है। शूटिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाले कमलजीत ने कहा कि निरंतर अभ्यास ही सफलता की कुंजी है और जनरल सेठ ने उन्हें ओलंपिक 2028 में भी इसी तरह स्वर्ण पदक लाने का आह्वान किया।
आगे की राह: ओलंपिक 2028
यह सम्मान समारोह ऐसे समय में आया है जब भारतीय सेना के खिलाड़ी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। जनरल धीरज सेठ ने सभी खिलाड़ियों को 2028 लॉस एंजेलिस ओलंपिक को ध्यान में रखते हुए अभी से तैयारी तेज़ करने का निर्देश दिया। सेना प्रमुख की यह पहल भारतीय सैन्य खिलाड़ियों के मनोबल को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।