क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने इंटरनेशनल फुटबॉल से लिया संन्यास, 232 मैचों में 146 गोल के साथ पुर्तगाल युग का अंत
सारांश
मुख्य बातें
क्रिस्टियानो रोनाल्डो ने 5 नवंबर 2026 को इंटरनेशनल फुटबॉल से संन्यास का औपचारिक ऐलान कर दिया — एक भावुक वीडियो संदेश के ज़रिए, जो उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा किया। 23 वर्षों के अंतरराष्ट्रीय करियर में उन्होंने पुर्तगाल के लिए 232 मैचों में 146 गोल दागे — जो देश के इतिहास में सर्वाधिक है। इस ऐलान के साथ पुर्तगाल फुटबॉल का एक स्वर्णिम अध्याय बंद हो गया।
23 साल का सफर: डेब्यू से विदाई तक
रोनाल्डो ने पुर्तगाल के लिए अपना इंटरनेशनल डेब्यू 2003 में किया था। तब से उन्होंने न केवल टीम के सर्वकालिक शीर्ष स्कोरर का दर्जा हासिल किया, बल्कि वर्षों तक राष्ट्रीय टीम की कप्तानी भी की। उनके नेतृत्व में पुर्तगाल ने 2016 में UEFA यूरो कप का खिताब जीता — देश के फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक।
गौरतलब है कि रोनाल्डो ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में सर्वाधिक गोल और सर्वाधिक मैचों के मामले में अपना नाम विश्व रिकॉर्ड की सूची में दर्ज कराया। यह ऐसे समय में आया है जब पुर्तगाल फुटबॉल एक नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के साथ अपनी पहचान तलाश रहा है।
रोनाल्डो के विदाई संदेश की मुख्य बातें
अपने एक्स वीडियो में रोनाल्डो ने कहा, 'पुर्तगाल के लोगों, अब समय आ गया है कि नेशनल टीम की नंबर 7 जर्सी आप सभी को वापस सौंप दी जाए। मुझे कभी ऐसा नहीं लगा कि यह सिर्फ मेरी है, लेकिन 23 वर्षों तक मुझे इसे पहनने, इसका मान रखने और दुनिया भर के स्टेडियमों में इसे अपने साथ ले जाने का सौभाग्य और जिम्मेदारी मिली। आज इसे भविष्य को सौंपने का समय आ गया है।'
उन्होंने करियर के उतार-चढ़ाव को भी स्वीकार किया: 'कुछ बेहतरीन दिन और रातें थीं, ऐसी जीतें थीं जिन्हें मैं कभी नहीं भूल सकता, और कुछ ऐसी हार भी थीं जिन्हें याद करना आज भी मुश्किल लगता है। मुझसे गलतियां भी हुईं, मुझे तकलीफें भी झेलनी पड़ीं — मगर मैंने कभी हार नहीं मानी।'
टीम, कोच और परिवार का आभार
रोनाल्डो ने अपने साथियों, कोचों, सपोर्ट स्टाफ और परिवार का विशेष आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा, 'उन सभी कोचों, डॉक्टरों, फिजियोथेरेपिस्ट, ड्रेसर्स, कर्मचारियों और उन तमाम लोगों का शुक्रिया जिन्होंने इतने वर्षों तक मेरे साथ काम किया। आपमें से कई लोग कभी तस्वीरों में नहीं दिखे, लेकिन आपके बिना इनमें से कोई भी तस्वीर मुमकिन नहीं होती।'
उन्होंने परिवार का उल्लेख करते हुए कहा, 'मेरी गैर-मौजूदगी को समझने, बलिदान देने और उन पलों को स्वीकार करने के लिए धन्यवाद, जब राष्ट्रीय टीम को उस जगह की जरूरत पड़ी जो असल में आपकी थी।'
पुर्तगाल फुटबॉल: अब आगे क्या
रोनाल्डो ने स्पष्ट किया कि इंटरनेशनल मैदान से विदाई के बावजूद देश के साथ उनका भावनात्मक जुड़ाव अटूट रहेगा। उन्होंने कहा, 'आज मैं राष्ट्रीय टीम के साथ मैदान पर अपना सफर खत्म कर रहा हूं, मैं अपना सिर ऊंचा करके जा रहा हूं — मगर मैं हमेशा आपमें से ही एक बना रहूंगा।'
रोनाल्डो के जाने के बाद अब पुर्तगाल की राष्ट्रीय टीम की विरासत को संभालने की जिम्मेदारी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों पर आ गई है। फुटबॉल विशेषज्ञों का मानना है कि नंबर 7 की जर्सी जिस भी खिलाड़ी को मिलेगी, उस पर रोनाल्डो की विरासत का दबाव अपरिहार्य रहेगा — और यही इस क्षण की सबसे बड़ी विरासत है।