मुरैना मुठभेड़: ₹60,000 इनामी डकैत कल्ली गुर्जर गोली लगने के बाद गिरफ्तार, साथी भी पकड़ाया
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के मुरैना जिले में 5 नवंबर 2026 (गुरुवार) को पुलिस और डकैत के बीच हुई मुठभेड़ में ₹60,000 के इनामी डकैत कल्ली गुर्जर के बाएं पैर में गोली लगी और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। उसके एक साथी को भी हिरासत में लिया गया है, जबकि घायल गुर्जर का इलाज अस्पताल में जारी है।
मुठभेड़ का पूरा घटनाक्रम
पुलिस को सूचना मिली थी कि कल्ली गुर्जर बानमोर के जंगल में अपने साथियों के साथ एक पहाड़ी पर छिपा है। इस सूचना पर करीब 200 जवानों की कई टीमों ने उस पहाड़ी को चारों ओर से घेर लिया। पुलिस बल के पहुंचने पर गुर्जर ने पहले फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में पुलिस ने भी गोलीबारी की।
इस मुठभेड़ के दौरान गुर्जर के बाएं पैर में गोली लगी और पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके एक साथी को भी उसी मौके पर पकड़ा गया। घायल डकैत को तत्काल चिकित्सा उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
कल्ली गुर्जर पर दर्ज मामले और आतंक का दायरा
अधिकारियों के अनुसार, कल्ली गुर्जर पर मध्य प्रदेश और राजस्थान के विभिन्न थानों में अपहरण, फिरौती और हत्या के प्रयास सहित अनेक आपराधिक मामले दर्ज हैं। उसका आतंक दोनों राज्यों के कई इलाकों में फैला हुआ था।
बताया गया है कि गुर्जर वीडियो बनाकर लोगों को धमकी देता था और जबरन वसूली भी करता था। इसी आपराधिक पृष्ठभूमि के चलते उस पर ₹60,000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस अभियान की रणनीति
गुरतलब है कि पुलिस लंबे अरसे से गुर्जर की तलाश में थी। इस ऑपरेशन में एक साथ कई टीमों को तैनात किया गया था और लगभग 200 सशस्त्र जवान विभिन्न इलाकों में सक्रिय थे। ऐसे संगठित अभियान आमतौर पर चंबल क्षेत्र में सक्रिय डकैतों के खिलाफ चलाए जाते हैं, जहाँ भौगोलिक जटिलता अपराधियों को छिपने में मदद करती है।
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, कल्ली गुर्जर के अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद उसे औपचारिक रूप से विभिन्न मामलों में न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। उसके साथी से भी पूछताछ जारी है, जिससे गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके नेटवर्क का पता लगाने की कोशिश की जा रही है। यह गिरफ्तारी मुरैना और सीमावर्ती राजस्थानी इलाकों में पुलिस के बढ़ते दबाव का संकेत है।