पटना मुठभेड़: मसौढ़ी में वांछित अपराधी अजय पासवान के पैर में गोली, अजय यादव गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
पटना के मसौढ़ी थाना क्षेत्र में बुधवार, 27 मई की तड़के पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में वांछित अपराधी अजय पासवान के पैर में गोली लग गई, जबकि एक अन्य वांछित अपराधी अजय यादव को घटनास्थल से गिरफ्तार कर लिया गया। दोनों अपराधियों पर 20 से अधिक डकैती, लूट और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं और वे कई राज्यों में वांछित थे।
मुठभेड़ की पृष्ठभूमि
पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि ये दोनों अपराधी मसौढ़ी थानांतर्गत एक सोना-चांदी की दुकान में लूट की योजना बना रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), परिचय कुमार की निगरानी में एक विशेष छापेमारी टीम गठित की गई।
टीम ने अपराधियों की स्थिति की पुष्टि होते ही घेराबंदी शुरू की। इसी दौरान अपराधियों ने पुलिस पर अचानक फायरिंग कर दी, जिसमें एक गोली पुलिस वाहन पर जा लगी।
पुलिस की जवाबी कार्रवाई
नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी) परिचय कुमार के अनुसार, पुलिस टीम ने पूर्ण संयम और सतर्कता के साथ आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की। इस कार्रवाई में अजय पासवान के पैर में गोली लगी। घायल अपराधी को तत्काल पुलिस अभिरक्षा में लेकर उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।
घटनास्थल से दोनों अपराधियों के पास से एक पिस्टल, एक देशी कट्टा, चार जिंदा कारतूस और दो खोखा बरामद किए गए।
13 मई की कैश वैन लूट से संबंध
गौरतलब है कि 13 मई को गोपालपुर थाना क्षेत्र में एक सीएमएस कंपनी की कैश वैन से हथियार के बल पर लूट की घटना हुई थी। उस मामले का महज 36 घंटे के भीतर पर्दाफाश करते हुए कई अपराधियों को गिरफ्तार किया गया था। जाँच में सामने आया है कि बुधवार को गिरफ्तार दोनों अपराधी उस लूटकांड में भी संलिप्त थे।
जाँच जारी
घटनास्थल पर फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को बुलाया गया है और मामले की विस्तृत जाँच की जा रही है। यह घटना बिहार में पुलिस और संगठित अपराधियों के बीच बढ़ते टकराव की श्रृंखला में नवीनतम कड़ी है।