देहरादून मुठभेड़: राजस्थान के 2 बदमाश गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली; 3 फरार
सारांश
मुख्य बातें
देहरादून के नयागांव क्षेत्र में गुरुवार तड़के पुलिस और राजस्थान के बदमाशों के बीच हुई मुठभेड़ में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि एक बदमाश के पैर में गोली लगी। पुलिस के अनुसार, बदमाशों के तीन अन्य साथी मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपियों के कब्जे से दो तमंचे और कारतूस बरामद किए गए हैं।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस के बयान के अनुसार, बदमाश नयागांव क्षेत्र में पुलिस बैरियर तोड़कर भाग रहे थे। पीछा करने पर बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में एक आरोपी घायल हो गया। दूसरे आरोपी को मौके से ही दबोच लिया गया, जबकि घायल बदमाश को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रिंकू मीणा (30), निवासी जिला दौसा और विनोद कुमार मीणा (32), निवासी जिला करौली (दोनों राजस्थान) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मुठभेड़ में घायल रिंकू मीणा पर राजस्थान में हत्या समेत कई संगीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। दूसरे आरोपी विनोद मीणा के खिलाफ भी राजस्थान के विभिन्न थानों में कई गंभीर मुकदमे दर्ज होने की बात कही गई है।
पुलिस की अगली कार्रवाई
दून पुलिस ने इस कार्रवाई को बड़ी सफलता बताया है। अधिकारियों के अनुसार, फरार तीन आरोपियों की तलाश में दबिश जारी है और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की भी जानकारी जुटाई जा रही है। पूरे मामले की गहन जाँच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि राजस्थान के ये बदमाश उत्तराखंड में किस मकसद से सक्रिय थे।
'ऑपरेशन प्रहार' से जुड़ी पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इससे पहले देहरादून पुलिस ने 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत कोकीन तस्करी के बड़े नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की थी। राजपुर थाना पुलिस ने तीन नशा तस्करों को गिरफ्तार किया था, जिनमें सूडान के दो विदेशी नागरिक भी शामिल थे। आरोपियों के कब्जे से करीब ₹20 लाख मूल्य की 20.92 ग्राम अवैध कोकीन बरामद की गई थी।
'कोबरा गैंग' कनेक्शन
पुलिस के अनुसार, सूचना मिली थी कि कथित 'कोबरा गैंग' से जुड़े ड्रग पैडलर राजपुर क्षेत्र में आयोजित होने वाली हाई-प्रोफाइल पार्टियों में कोकीन की सप्लाई के लिए पहुँचे थे। हाल के महीनों में देहरादून में अन्य राज्यों से सक्रिय आपराधिक गिरोहों की मौजूदगी एक चिंता का विषय बनी हुई है, और गुरुवार की मुठभेड़ इसी पैटर्न की ओर इशारा करती है। आने वाले दिनों में फरार आरोपियों की गिरफ्तारी और पूछताछ से इस नेटवर्क की और परतें खुलने की उम्मीद है।