पटना मुठभेड़: कैश वैन लूट का मुख्य आरोपी नीतीश कुमार पैर में गोली लगने से घायल, ₹5 लाख नकद बरामद
सारांश
मुख्य बातें
पटना के गोपालपुर थाना क्षेत्र में सोमवार की देर रात हुई पुलिस मुठभेड़ में ₹27 लाख की कैश वैन लूट के मुख्य आरोपी नीतीश कुमार के पैर में गोली लगी और वह घायल हो गया। इस कार्रवाई में पुलिस ने ₹5 लाख नकद, चार आईफोन और घटना में इस्तेमाल बाइक सहित कई अहम सामग्री बरामद की। इससे पहले उसी मामले में तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा चुका है।
मुठभेड़ की पूरी घटनाक्रम
13 मई 2026 को गोपालपुर थानांतर्गत सीएमएस कंपनी की कैश वैन को पाँच अज्ञात अपराधियों ने हथियार का भय दिखाकर लूट लिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए नगर पुलिस अधीक्षक (पूर्वी), पटना की निगरानी में तत्काल एक विशेष जाँच टीम गठित की गई।
इस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, सीसीटीवी फुटेज की जाँच और मानवीय अनुसंधान के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद लगातार छापेमारी अभियान चलाया गया।
गिरफ्तारी और मुठभेड़
सोमवार की देर रात पुलिस टीम ने पहले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इसके बाद चौथे आरोपी की जानकारी मिलने पर छापेमारी के दौरान उस आरोपी ने पुलिस बल पर अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
पटना के वरीय पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय के. शर्मा ने बताया कि पुलिस टीम ने पूर्ण संयम और सतर्कता के साथ आत्मरक्षा में नियंत्रित जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली आरोपी के पैर में लगी। घायल आरोपी की पहचान नीतीश कुमार के रूप में हुई है। उसे सुरक्षित अभिरक्षा में लेकर तत्काल अस्पताल भेजा गया।
बरामदगी का विवरण
इस कार्रवाई में पुलिस ने निम्नलिखित सामग्री बरामद की:
लूट के ₹5 लाख नकद, लूट की राशि से खरीदे गए चार आईफोन (जिनमें से एक की कीमत ₹2 लाख बताई गई है), घटना में इस्तेमाल बाइक, सीएमएस कंपनी की पर्ची, घटना के समय पहने गए कपड़े और फायरिंग में प्रयुक्त हथियार। पुलिस मामले की आगे की छानबीन कर रही है।
व्यापक संदर्भ: बिहार में पुलिस अभियान
यह मुठभेड़ बिहार पुलिस के व्यापक अभियान का हिस्सा है। उल्लेखनीय है कि सोमवार तड़के पटना और सीवान में अलग-अलग मुठभेड़ों में दो अन्य वांछित अपराधी भी घायल हुए थे। यह इस बात का संकेत है कि बिहार पुलिस एक साथ कई मोर्चों पर सक्रिय है।
आगे की जाँच
पुलिस अधिकारियों के अनुसार अभी तक लूटे गए ₹27 लाख में से केवल ₹5 लाख ही बरामद हो पाए हैं। शेष राशि और लूट में शामिल पाँचवें संदिग्ध की तलाश जारी है। बरामद मोबाइल फोन और अन्य सामग्री की फोरेंसिक जाँच के आधार पर मामले के और सूत्र खुलने की संभावना है।