एशियन पैरा गेम्स 2026: निषाद कुमार और मोना अग्रवाल बने क्लोजिंग सेरेमनी में भारत के ध्वजवाहक, 114 मेडल से रचा इतिहास
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय पैरा एथलीट निषाद कुमार और पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल को एशियन पैरा गेम्स 2026 की क्लोजिंग सेरेमनी में भारत का ध्वजवाहक चुना गया है। दोनों खिलाड़ियों ने इन खेलों में ऐतिहासिक प्रदर्शन करते हुए व्यक्तिगत रूप से दो-दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। भारत ने इस संस्करण में कुल 114 मेडल जीतकर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
मोना अग्रवाल का ऐतिहासिक प्रदर्शन
पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में शानदार निशानेबाज़ी करते हुए पहला गोल्ड मेडल हासिल किया। इसके बाद उन्होंने 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन SH1 इवेंट में 357.5 के विश्व रिकॉर्ड स्कोर के साथ दूसरा गोल्ड मेडल भी अपनी झोली में डाल लिया।
गौरतलब है कि एक ही प्रतियोगिता में दो गोल्ड और एक विश्व रिकॉर्ड का संयोजन मोना को भारतीय पैरा शूटिंग इतिहास में अग्रणी स्थान दिलाता है।
निषाद कुमार का दमदार प्रदर्शन
पैरा एथलीट निषाद कुमार ने ऊंची कूद और लंबी कूद दोनों स्पर्धाओं में गोल्ड मेडल जीते। उन्होंने ऊंची कूद के फाइनल में 2.04 मीटर की ऊंचाई पार कर एक नया गेम्स रिकॉर्ड भी स्थापित किया। यह उपलब्धि उन्हें इस संस्करण के सर्वश्रेष्ठ भारतीय एथलीटों में शुमार करती है।
उल्लेखनीय है कि इन खेलों की ओपनिंग सेरेमनी में बैडमिंटन खिलाड़ी प्रमोद भगत और एथलीट सिमरन शर्मा ने भारत का तिरंगा थामा था।
भारत का ऐतिहासिक मेडल प्रदर्शन
एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारत ने कुल 114 मेडल जीते — जिनमें 30 गोल्ड, 35 सिल्वर और 49 ब्रॉन्ज शामिल हैं। यह पिछले संस्करण के 111 मेडल (जिसमें 29 गोल्ड थे) से बेहतर है और अब तक का भारत का सर्वश्रेष्ठ एशियन पैरा गेम्स प्रदर्शन है।
बैडमिंटन, तीरंदाजी और एथलेटिक्स तीनों में भारतीय खिलाड़ियों ने अपना वर्चस्व बनाए रखा और एकाधिक पदक हासिल किए।
शुक्रवार के उल्लेखनीय प्रदर्शन
खेलों के अंतिम दिनों में शुक्रवार को भी भारतीय पैरा एथलीट्स ने जोरदार प्रदर्शन किया। विश्व चैंपियन सुमित अंतिल ने जैवलिन थ्रो में गोल्ड मेडल जीता, जबकि महेंद्र ने इसी स्पर्धा में सिल्वर और संदीप सरगर ने ब्रॉन्ज मेडल हासिल किया — इस तरह जैवलिन थ्रो के पोडियम पर भारत का तिरंगा तीनों स्थानों पर लहराया।
इसके साथ ही नितेश कुमार, नवीन शिवकुमार, और हरविंदर सिंह-संदीप विजय ने भी अपने-अपने इवेंट में गोल्ड मेडल अपने नाम किए। संदीप कुमार ने 400 मीटर T64 में नया विश्व रिकॉर्ड भी कायम किया।
आगे की राह
एशियन पैरा गेम्स 2026 से लौटने वाले भारतीय खिलाड़ियों की नज़रें अब 2028 के पैरालिंपिक्स और आगामी विश्व पैरा एथलेटिक्स चैंपियनशिप पर होंगी। इस संस्करण में मिले विश्व और गेम्स रिकॉर्ड भारतीय पैरा खेलों की बढ़ती ताक़त का साफ़ संकेत देते हैं।