19 सितंबर 2026
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एशियन गेम्स 2026 नागोया: मिजुहो स्टेडियम में भव्य उद्घाटन, मनु भाकर-पवन सहरावत ने थामा तिरंगा

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एशियन गेम्स 2026 नागोया: मिजुहो स्टेडियम में भव्य उद्घाटन, मनु भाकर-पवन सहरावत ने थामा तिरंगा

सारांश

नागोया में 20वें एशियन गेम्स का भव्य आगाज़ हो गया है। जापान के सम्राट नारुहितो ने उद्घाटन किया और भारत की ओर से मनु भाकर व पवन सहरावत ने तिरंगा थामा — हांगझोऊ के 107 पदकों की विरासत के साथ भारतीय दल नागोया में नया इतिहास रचने उतरा है।

मुख्य बातें

20वें एशियन गेम्स 2026 का उद्घाटन 19 सितंबर 2026 को नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुआ।
जापान के सम्राट नारुहितो ने आइची-नागोया में खेलों के 20वें संस्करण की आधिकारिक घोषणा की।
भारत की ध्वजवाहक मनु भाकर (ओलंपिक पदक विजेता, निशानेबाज़ी) और पवन सहरावत (कबड्डी) रहे।
मूल रूप से चुने गए पुरुष ध्वजवाहक तेजिंदरपाल सिंह तूर तकनीकी समस्या के कारण समारोह में शामिल नहीं हो सके।
एशियन गेम्स 2023 में भारत ने 107 पदक (28 स्वर्ण सहित) जीते थे — जो देश का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है।

नागोया के मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में 19 सितंबर 2026 को 20वें एशियन गेम्स का भव्य उद्घाटन हुआ, जिसमें पूरे एशिया के हज़ारों एथलीट एक साथ जुटे और महाद्वीप के सबसे बड़े खेल महोत्सव का आधिकारिक आगाज़ हुआ। जापान के सम्राट नारुहितो ने आइची-नागोया में इस ऐतिहासिक आयोजन का औपचारिक उद्घाटन किया। भारतीय दल का नेतृत्व ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने किया, जिन्होंने हाथों में ऊँचा तिरंगा थामे पूरे स्टेडियम में भारत का गौरव बढ़ाया।

ओपनिंग सेरेमनी: जापानी संस्कृति और आधुनिकता का संगम

उद्घाटन समारोह में मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम रंग-बिरंगी रोशनी, पारंपरिक जापानी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और आधुनिक तकनीक के अद्भुत समन्वय से जगमगा उठा। पारंपरिक जापानी कला, संगीत और आधुनिक प्रदर्शनों के मेल ने एक ऐसा उत्सव तैयार किया जिसने देश की समृद्ध विरासत को उसकी वर्तमान पहचान से जोड़ा। जापान के सम्राट नारुहितो और साम्राज्ञी की मौजूदगी ने इस अवसर की गरिमा को और बढ़ाया।

नागोया शहर ने एशिया भर से आने वाले एथलीटों, अधिकारियों और खेलप्रेमियों के स्वागत के लिए कई दिनों तक तैयारियाँ की थीं। स्टेडियम के भीतर संगीत और उत्साह के माहौल में, कुछ देर के लिए मेडल और मुकाबलों की चर्चा पीछे छूट गई।

भारतीय दल का प्रवेश: अप्रत्याशित मोड़ और गौरवशाली पल

भारत के लिए इस शाम का विशेष महत्त्व था। दल की अगुवाई दो बिल्कुल अलग खेल जगत के एथलीटों ने की — निशानेबाज़ी में ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत, जिनके पास एशियन गेम्स 2023 में भारत के स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी अभियान का हिस्सा रहने का अनुभव है।

गौरतलब है कि शुरुआत में शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर को भारत का पुरुष ध्वजवाहक चुना गया था, लेकिन एक तकनीकी समस्या के कारण वे समारोह में शामिल नहीं हो सके। आखिरी वक्त हुए इस बदलाव ने सहरावत को सुर्खियों में ला दिया और सावधानी से तैयार की गई शाम में एक अप्रत्याशित अध्याय जोड़ दिया। जैसे ही भारतीय दल स्टेडियम में दाखिल हुआ, तिरंगा ऊँचा लहराया और यह पल नागोया खेलों की प्रारंभिक यादों में अंकित हो गया।

हांगझोऊ की विरासत और नागोया की उम्मीदें

एशियन गेम्स 2023 में भारत ने ऐतिहासिक रूप से 107 पदक जीते थे, जिनमें 28 स्वर्ण पदक शामिल थे — यह भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा। उस कीर्तिमान ने मानक और उम्मीदें, दोनों को ऊँचाइयों पर पहुँचा दिया है। मनु भाकर की मौजूदगी ने इस दल को ओलंपिक चमक दी, जो उस जोश का प्रतीक है जिसके साथ भारत नागोया में उतरा है।

यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय खेलों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है और एथलीटों की नई पीढ़ी तैयार हुई है। अगले दो हफ्तों में हज़ारों एथलीट विभिन्न स्पर्धाओं में भाग लेंगे।

आगे क्या

उद्घाटन समारोह ने एथलीटों को एकजुट होकर एक समुदाय के रूप में खेलों का अनुभव करने का अवसर दिया। अब वे लक्ष्यों, टाइमिंग, रणनीति और पदकों की परिचित दुनिया में लौट जाएँगे। हर एशियन गेम्स की अपनी कहानी होती है — कुछ अध्याय जाने-माने चैंपियनों के नाम होंगे, तो कुछ उन एथलीटों के जो अपने पहले महाद्वीपीय खेलों में इतिहास रचने की उम्मीद लेकर उतरे हैं। नागोया एशियन गेम्स 2026 की प्रतिस्पर्धाएँ अब आधिकारिक रूप से शुरू हो चुकी हैं और भारतीय दल से पदक तालिका में शीर्ष प्रदर्शन की उम्मीद बनी हुई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसने दरअसल भारतीय खेलों की बदलती तस्वीर को ही उजागर किया — एक ओलंपिक पदकधारी निशानेबाज़ और एक देसी खेल का सितारा, दोनों एक साथ राष्ट्र का प्रतिनिधित्व करते हैं। हांगझोऊ के 107 पदकों ने उम्मीदों की पट्टी ऊँची कर दी है, लेकिन यह भी सच है कि हर एशियन गेम्स में प्रतिस्पर्धा का स्तर बदलता है और मेज़बान देश का दबदबा भी होता है। असली सवाल यह है कि क्या भारत उस पदक संख्या को दोहरा या पार कर सकता है, या हांगझोऊ एक असाधारण शिखर था जिसे दोबारा छूना आसान नहीं होगा।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एशियन गेम्स 2026 का उद्घाटन कहाँ और कब हुआ?
20वें एशियन गेम्स 2026 का उद्घाटन 19 सितंबर 2026 को जापान के नागोया स्थित मिजुहो पार्क एथलेटिक स्टेडियम में हुआ। जापान के सम्राट नारुहितो ने आइची-नागोया में इस महाद्वीपीय खेल आयोजन की आधिकारिक घोषणा की।
एशियन गेम्स 2026 में भारत के ध्वजवाहक कौन थे?
भारत की ओर से ओलंपिक पदक विजेता निशानेबाज़ मनु भाकर और कबड्डी स्टार पवन सहरावत ने संयुक्त रूप से ध्वजवाहक की भूमिका निभाई। मूल रूप से शॉट पुटर तेजिंदरपाल सिंह तूर को पुरुष ध्वजवाहक चुना गया था, लेकिन तकनीकी समस्या के कारण वे समारोह में शामिल नहीं हो सके और अंतिम समय में सहरावत को यह दायित्व सौंपा गया।
एशियन गेम्स 2023 में भारत का प्रदर्शन कैसा था?
एशियन गेम्स 2023 (हांगझोऊ) में भारत ने ऐतिहासिक 107 पदक जीते, जिनमें 28 स्वर्ण पदक शामिल थे। यह किसी एशियन गेम्स में भारत का अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा और इसने नागोया 2026 के लिए उम्मीदों का स्तर काफी ऊँचा कर दिया है।
नागोया एशियन गेम्स 2026 में कितने एथलीट भाग ले रहे हैं?
नागोया एशियन गेम्स 2026 में अगले दो हफ्तों में हज़ारों एथलीट विभिन्न खेल स्पर्धाओं में भाग लेंगे। पूरे एशिया के देशों के प्रतिनिधि इस महाद्वीपीय खेल महोत्सव में हिस्सा ले रहे हैं।
उद्घाटन समारोह में पवन सहरावत का महत्त्व क्या है?
पवन सहरावत भारत के प्रमुख कबड्डी खिलाड़ी हैं और एशियन गेम्स 2023 में भारत के स्वर्ण पदक विजेता कबड्डी अभियान का हिस्सा रह चुके हैं। उनकी उपस्थिति ने ध्वजवाहक जोड़ी में देसी खेलों का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित किया और भारतीय खेलों की विविधता को उजागर किया।
राष्ट्र प्रेस
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