5वें एशियाई पैरा गेम्स का नागोया में समापन, चीन ने 207 स्वर्ण सहित 435 पदकों के साथ शीर्ष स्थान बरकरार रखा
सारांश
मुख्य बातें
5वें एशियाई पैरा गेम्स का समापन 24 अक्टूबर 2026 को जापान के नागोया स्थित मिज़ुहो पार्क एथलेटिक्स स्टेडियम में हुआ, जहाँ चीनी खेल प्रतिनिधिमंडल ने 207 स्वर्ण, 117 रजत और 111 कांस्य पदकों के साथ कुल 435 पदक जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। यह लगातार पाँचवीं बार है जब चीन ने विदेशी धरती पर आयोजित एशियाई पैरा गेम्स में स्वर्ण पदक और समग्र पदक तालिका दोनों में शीर्ष स्थान पर कब्ज़ा किया, और यह प्रदर्शन विदेशी एशियाई पैरा गेम्स में अब तक का उनका सर्वश्रेष्ठ रहा।
चीन का ऐतिहासिक प्रदर्शन
चीनी प्रतिनिधिमंडल ने इस बार 17 खेल स्पर्धाओं में भाग लेने के लिए 312 एथलीटों को मैदान में उतारा — जो विदेश में आयोजित एशियाई पैरा गेम्स के इतिहास में चीन द्वारा भेजा गया सबसे बड़ा दल है। इन एथलीटों ने न केवल पदक तालिका में दबदबा बनाया, बल्कि 11 विश्व रिकॉर्ड और 18 एशियाई रिकॉर्ड भी तोड़े।
गौरतलब है कि यह प्रदर्शन चीन की पैरा-स्पोर्ट्स में दीर्घकालिक निवेश की नीति को दर्शाता है, जिसमें विशेष प्रशिक्षण केंद्र, चिकित्सा सहायता और एथलीट-केंद्रित अवसंरचना शामिल है।
समापन समारोह और ध्वजवाहक
समापन समारोह में चीनी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व व्हीलचेयर फेंसिंग खिलाड़ी चोंग साइछ्वन ने ध्वजवाहक के रूप में किया। यह सम्मान उनके असाधारण प्रदर्शन और खेल भावना को मान्यता देने के रूप में देखा जा रहा है।
समारोह में आइची-नागोया एशियाई खेल और एशियाई पैरा खेल आयोजन समिति के अध्यक्ष हिदेकी ओमुरा और एशियाई पैरालंपिक समिति के अध्यक्ष माजिद राशिद ने भाषण दिए।
एशियाई पैरालंपिक समिति की प्रतिक्रिया
अपने संबोधन में माजिद राशिद ने कहा कि इन खेलों ने एशियाई पैरा खेलों की बढ़ती ताकत और अधिक समावेशी एवं टिकाऊ भविष्य की व्यापक संभावनाओं को प्रदर्शित किया है। यह टिप्पणी ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब एशिया में दिव्यांग खेलों के लिए बुनियादी ढाँचे और जागरूकता में तेज़ी से सुधार हो रहा है।
आगे क्या
इन खेलों के सफल आयोजन के बाद एशियाई पैरालंपिक समिति अगले संस्करण की तैयारियों पर ध्यान केंद्रित करेगी। नागोया में बने नए रिकॉर्ड और चीन के प्रभुत्व ने अन्य एशियाई देशों के लिए पैरा-स्पोर्ट्स में निवेश बढ़ाने की चुनौती और प्रेरणा दोनों उत्पन्न की हैं।