एशियन पैरा गेम्स 2026: गुजरात ने जीते 8 मेडल, अंजना बंबडिया का 400 मीटर टी47 में गोल्ड
सारांश
मुख्य बातें
आइची-नागोया, जापान में जारी एशियन पैरा गेम्स 2026 में गुजरात के पैरा-एथलीटों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए कुल 8 मेडल अपने नाम किए — जिनमें 1 गोल्ड, 2 सिल्वर और 5 ब्रॉन्ज शामिल हैं। सर्वोच्च उपलब्धि साबरकांठा की अंजना बंबडिया ने हासिल की, जिन्होंने महिलाओं की 400 मीटर टी47 स्पर्धा में 59.97 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता और राज्य का परचम बुलंद किया।
मुख्य पदक विजेता और प्रदर्शन
साबरकांठा की ही तेजलबेन डामोर ने दोहरी सफलता दर्ज की। उन्होंने महिलाओं की 400 मीटर टी12 स्पर्धा में 57.60 सेकंड और 200 मीटर टी12 स्पर्धा में 25.23 सेकंड का समय निकालकर दोनों में रजत पदक जीते। गांधीनगर की निमिषा ने टी47 लॉन्ग जंप में 5.37 मीटर की दूरी के साथ सिल्वर मेडल अपने नाम किया।
भावनगर के राकेश भट्ट ने पुरुषों की स्प्रिंट श्रेणी में दो ब्रॉन्ज मेडल जीते। उन्होंने 100 मीटर दौड़ 11.50 सेकंड में और 200 मीटर दौड़ 23.64 सेकंड में पूरी करके दोनों स्पर्धाओं में तीसरा स्थान हासिल किया।
पैरा टेबल टेनिस में भी चमके गुजरात के खिलाड़ी
राज्य के पैरा-एथलीटों ने खेल मैदान के साथ-साथ टेबल पर भी जलवा बिखेरा। अर्जुन पुरस्कार विजेता भाविनाबेन पटेल (मेहसाणा) ने महिला सिंगल्स क्लास 4-5 और सोनलबेन पटेल (अहमदाबाद) ने क्लास 3 स्पर्धा में क्रमशः ब्रॉन्ज मेडल जीते। भाविनाबेन पैरा टेबल टेनिस में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं।
गुजरात सरकार की आर्थिक सहायता
भाविनाबेन पटेल को एशियन गेम्स 2023 में भाग लेने के लिए ₹5 लाख, 2024 पेरिस ओलंपिक के लिए ₹10 लाख और हांगझोऊ एशियन गेम्स में पदक जीतने पर ₹50 लाख का पुरस्कार दिया गया। सोनलबेन पटेल को एशियन गेम्स 2023 के लिए ₹5 लाख और पेरिस ओलंपिक 2024 के लिए ₹10 लाख की सहायता मिली।
निमिषा को एशियन गेम्स 2023 में भागीदारी के लिए ₹5 लाख और हांगझोऊ में लॉन्ग जंप में गोल्ड जीतने पर ₹30 लाख प्रदान किए गए। राकेश भट्ट को भी एशियन गेम्स 2023 में हिस्सा लेने के लिए ₹5 लाख की आर्थिक सहायता दी गई।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य सरकार ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यह सहयोग मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए चलाई जा रही नीति का हिस्सा है। बयान में कहा गया कि 'गुजरात के पैरा-एथलीट्स का प्रदर्शन उनकी कड़ी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प को दर्शाता है और दिव्यांग खिलाड़ियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।'
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब भारत पैरा खेलों में अपनी वैश्विक उपस्थिति को और मज़बूत करने पर ज़ोर दे रहा है। गुजरात के इन एथलीटों का प्रदर्शन आने वाले पैरालंपिक चक्र के लिए उत्साहजनक संकेत है और राज्य में खेल निवेश की सफलता को रेखांकित करता है।