पीवी सिंधु का BWF फ्रेंच ओपन फाइनल में हार, एन से-यंग ने 21-16, 11-21, 12-21 से जीता खिताब
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय बैडमिंटन स्टार पीवी सिंधु रविवार को पेरिस के एरिना ग्रैंड पेरिस में खेले गए BWF फ्रेंच ओपन 2026 (सुपर 750) के फाइनल में दक्षिण कोरिया की विश्व नंबर 1 खिलाड़ी एन से-यंग से 21-16, 11-21, 12-21 से पराजित हो गईं। इस हार के साथ 1998 के बाद फ्रेंच ओपन खिताब जीतने वाली पहली भारतीय महिला बनने का सिंधु का सपना एक बार फिर अधूरा रह गया।
मैच का घटनाक्रम
सिंधु ने शुरुआत दमदार की और पहला गेम 21-16 से अपने नाम किया। लेकिन मौजूदा ओलंपिक चैंपियन एन से-यंग ने दूसरे और तीसरे गेम में अपना आक्रामक खेल दिखाते हुए क्रमशः 21-11 और 21-12 से जीत दर्ज की। सिंधु की शुरुआती बढ़त के बावजूद अनुभवी कोरियाई खिलाड़ी की रफ़्तार और तीखे स्मैश के सामने भारतीय शटलर टिक नहीं सकीं।
गौरतलब है कि सिंधु ने सेमीफाइनल में जापान की हिना अकेची को 21-10, 20-22, 21-16 से हराकर पहली बार फ्रेंच ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी। टूर्नामेंट के शुरुआती दौर में उन्होंने थाईलैंड की सुपानिदा काटेथोंग के खिलाफ कड़े संघर्ष के बाद जापान की रिको गुंजी और चीनी ताइपे की चिउ पिन-चियन को सीधे गेमों में हराया था।
हेड-टू-हेड रिकॉर्ड और एन से-यंग का दबदबा
इस जीत के साथ एन से-यंग का सिंधु के खिलाफ हेड-टू-हेड रिकॉर्ड 11-0 हो गया है — यानी दोनों के बीच अब तक हुए सभी 11 मुकाबलों में कोरियाई खिलाड़ी जीती हैं। यह आँकड़ा सिंधु के लिए एक बड़ी चुनौती दर्शाता है।
एन से-यंग 2026 में अभूतपूर्व फॉर्म में हैं। वे फाइनल में 65-1 के जीत-हार रिकॉर्ड के साथ उतरी थीं और इस खिताब के साथ उनकी लगातार जीत का सिलसिला 50 मैचों तक पहुँच गया है। इस साल केवल ऑल इंग्लैंड ओपन में वे खिताब से चूकीं — बाकी सभी फाइनल उनके नाम रहे।
सिंधु का 2026 सीज़न और ऐतिहासिक संदर्भ
फ्रेंच ओपन का यह फाइनल 2026 में सिंधु का दूसरा 'सुपर 750' फाइनल था। इससे पहले जुलाई 2026 में उन्होंने जापान ओपन का खिताब जीता था, जहाँ उन्होंने फाइनल में तीन बार की विश्व चैंपियन अकाने यामागुची को पराजित किया था। विश्व रैंकिंग में नंबर 11 पर काबिज़ सिंधु के लिए यह सत्र उतार-चढ़ाव भरा रहा है।
यह ऐसे समय में आया है जब 1998 में अपर्णा पोपट के बाद से कोई भी भारतीय महिला बैडमिंटन खिलाड़ी फ्रेंच ओपन का खिताब नहीं जीत सकी है — और 28 वर्षों से जारी यह इंतज़ार एक बार और बढ़ गया।
आगे की राह
सिंधु के लिए यह हार निराशाजनक ज़रूर है, लेकिन फ्रेंच ओपन में पहली बार फाइनल तक पहुँचना उनके पुनरुत्थान का संकेत भी है। सीज़न के अंत में होने वाले BWF वर्ल्ड टूर फाइनल्स में वे अपने प्रदर्शन को और मज़बूत करने का लक्ष्य लेकर उतरेंगी। विश्व बैडमिंटन में एन से-यंग के वर्चस्व को चुनौती देने के लिए सिंधु को रणनीतिक और तकनीकी दोनों स्तरों पर काम करना होगा।