BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: पीवी सिंधु राउंड ऑफ 16 में हारीं, वांग झी यी ने 21-11, 15-21, 21-17 से दी मात
सारांश
मुख्य बातें
पीवी सिंधु का BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप 2026 में सफर गुरुवार, 20 अगस्त को महिला सिंगल्स के राउंड ऑफ 16 में ही समाप्त हो गया, जब चीन की वांग झी यी ने उन्हें 21-11, 15-21, 21-17 के स्कोर से पराजित किया। तीन गेम तक चले इस कड़े मुकाबले में सिंधु ने दूसरा गेम जीतकर वापसी की कोशिश की, लेकिन निर्णायक तीसरे गेम में वे बढ़त बनाए नहीं रख सकीं।
मैच का घटनाक्रम
पहला गेम चीनी खिलाड़ी के पूर्ण दबदबे में रहा और सिंधु 21-11 से पिछड़ गईं। दूसरे गेम में भारतीय शटलर ने शानदार वापसी करते हुए 21-15 से बराबरी की। तीसरे और निर्णायक गेम में दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर रही और 17-17 के स्कोर पर मुकाबला बिल्कुल बराबर था, लेकिन अंततः वांग झी यी ने 21-17 से जीत दर्ज की।
मैच के दौरान इंजरी विवाद
मुकाबले के दौरान वांग झी यी कई बार दर्द की वजह से कोर्ट पर बैठ गईं, जिससे खेल को बार-बार रोकना पड़ा। सिंधु ने मैच के बाद संकेत दिया कि यह शायद चीनी खिलाड़ी की रणनीति भी हो सकती है। इस पर वांग झी यी ने स्पष्ट किया, 'मैं समझ सकती हूं कि वह ऐसा क्यों सोच रही हैं, लेकिन सच में कोर्ट पर मुझे क्रैम्प्स आ गए थे। जाहिर है कि इसका असर उन पर भी पड़ा होगा।'
सिंधु की प्रतिक्रिया
हार के बाद सिंधु ने पत्रकारों से कहा, 'मुझे लगता है कि इस मैच को जीत में तब्दील करना चाहिए था क्योंकि लंबी रैलियां हो रही थीं। जब स्कोर 17-17 था, तो हर पॉइंट मायने रखता है। मेरे हिसाब से मुझे थोड़ा और सब्र रखना चाहिए था।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस तरह की हार बेहद तकलीफदेह होती है, खासकर लंबी ट्रेनिंग और कड़ी मेहनत के बाद।
सिंधु ने आगे कहा, 'हां, इस तरह की हार से बहुत ज्यादा दुख होता है। हालांकि, यह खेल है — खेल ऐसा ही होता है। आप इस तरह से और मजबूत बनते हैं और शानदार वापसी करते हैं। ऐसे मैचों में की गई गलतियों से सीख भी लेते हैं।'
वांग झी यी का नज़रिया
सिंधु को हराने वाली वांग झी यी ने कहा, 'आज का मैच बहुत मुश्किल था। सिंधु एक बहुत मजबूत खिलाड़ी हैं और उनके हमले बहुत तेज होते हैं। मैं बस लंबी रैलियों में उन्हें इधर-उधर दौड़ाने की कोशिश करती रही। मैं खुश हूं कि मेरा गेम प्लान काम कर गया।' उन्होंने यह भी कहा कि अपनी इंजरी के बावजूद वे अगले मैच के लिए रिकवरी पर ध्यान देंगी।
आगे की राह
सिंधु ने संकेत दिया कि वे इस हार से सीख लेकर वापसी करेंगी। उन्होंने कहा, 'जो हो गया, सो हो गया। अब वापस जाने और जो जरूरी है, वह करने का समय है।' गौरतलब है कि यह हार सिंधु के लिए एक झटका है, जो अपने शानदार करियर में इस टूर्नामेंट में दो बार रजत और एक बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं। आने वाले टूर्नामेंटों में उनका प्रदर्शन यह तय करेगा कि वे इस निराशा से कितनी जल्दी उबर पाती हैं।