BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप: पीवी सिंधु ने झांग वेन यू को 21-16, 21-17 से हराया, प्री-क्वार्टर में वांग जी यी से टक्कर
सारांश
मुख्य बातें
भारत की स्टार बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु ने 19 अगस्त 2026 को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में BWF वर्ल्ड चैंपियनशिप के विमेंस सिंगल्स के दूसरे दौर में कनाडा की झांग वेन यू को 21-16, 21-17 से पराजित कर प्री-क्वार्टर फाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली। 34 मिनट में पूरा हुआ यह मुकाबला नौवीं वरीयता प्राप्त सिंधु के आत्मविश्वास और मैच-फिनिशिंग क्षमता का प्रमाण रहा।
पहला गेम: सिंधु ने दबाव में भी बनाए रखी बढ़त
सिंधु ने पहले गेम में दमदार शुरुआत करते हुए लगातार चार अंक हासिल किए। हालांकि, झांग ने जल्द ही वापसी की और स्कोर के मामले में भारतीय खिलाड़ी के करीब बनी रहीं। सिंधु ने संयम से खेल पर पकड़ बनाए रखी और 11-9 की बढ़त के साथ मध्यांतर में पहुँचीं। ब्रेक के बाद सिंधु ने 19-15 तक चार अंकों की निर्णायक बढ़त बना ली और गेम 21-16 से जीत लिया।
दूसरा गेम: झांग की वापसी, सिंधु का जीत का दांव
दूसरा गेम कहीं अधिक कड़ा रहा। झांग ने शुरुआती बढ़त को पलटते हुए स्कोर 9-9 से बराबर किया और फिर 11-9 से मध्यांतर तक आगे रहीं। यह मोड़ सिंधु के लिए परीक्षा की घड़ी था। लेकिन मध्यांतर के बाद भारतीय खिलाड़ी ने लगातार पाँच अंक हासिल करके खेल का रुख पूरी तरह पलट दिया। झांग ने संघर्ष जारी रखा, मगर सिंधु ने जीत के करीब आते ही अपनी पकड़ और मज़बूत की और दूसरा गेम 21-17 से अपने नाम किया।
अगली चुनौती: तीसरी वरीयता प्राप्त वांग जी यी
इस जीत के साथ सिंधु 'अंतिम 16' यानी प्री-क्वार्टर फाइनल में पहुँच गई हैं, जहाँ उनका सामना चीन की तीसरी वरीयता प्राप्त खिलाड़ी वांग जी यी से होगा। वांग ने उसी दिन मलेशिया की करुवाथेवन लेतशाना को 21-16, 21-9 से हराकर अगले दौर में प्रवेश किया था। यह मुकाबला गुरुवार को होना है और इसमें क्वार्टर फाइनल में जगह बनाने का दांव लगा होगा।
भारत के लिए दोहरी खुशी
सिंधु की जीत उस दिन आई जब भारत ने पुरुष सिंगल्स में भी जश्न मनाया। आयुष शेट्टी ने श्रीलंका के डुमिंडु अबेविक्रमा को महज 26 मिनट में 21-8, 21-10 से हराकर प्री-क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई। इस तरह भारत के दो खिलाड़ी एक ही दिन 'अंतिम 16' में पहुँचे — जो टूर्नामेंट में देश के लिए उत्साहजनक संकेत है।
आगे का रास्ता
सिंधु के लिए वांग जी यी के खिलाफ मुकाबला आसान नहीं होगा — चीनी खिलाड़ी वर्तमान में विश्व की शीर्ष खिलाड़ियों में शुमार हैं और इस टूर्नामेंट में तीसरी वरीयता के साथ उतरी हैं। गौरतलब है कि सिंधु इस प्रतियोगिता में दो बार विश्व चैंपियन रह चुकी हैं और उनका अनुभव इस निर्णायक मुकाबले में अहम भूमिका निभा सकता है।