25 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

रवीना टंडन का जन्मदिन: 21 साल में उठाई दो बच्चियों की जिम्मेदारी, फिर 2023 में मिला पद्मश्री

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
रवीना टंडन का जन्मदिन: 21 साल में उठाई दो बच्चियों की जिम्मेदारी, फिर 2023 में मिला पद्मश्री

सारांश

21 साल की उम्र में दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाना, 'मोहरा' से राष्ट्रीय पुरस्कार और 'अरण्यक' तक का सफर — रवीना टंडन का जन्मदिन उनके उस इंसानी पहलू को याद करने का मौका है जो उन्हें सितारों की भीड़ से अलग करता है।

मुख्य बातें

रवीना टंडन का जन्म 26 अक्टूबर 1972 को मुंबई में हुआ; वे आज 54 वर्ष की हुईं।
उन्होंने 1995 में महज 21 वर्ष की उम्र में अपनी रिश्तेदार की दो बेटियों पूजा और छाया की कानूनी अभिभावक बनने की जिम्मेदारी ली।
1991 में 'पत्थर के फूल' से डेब्यू; बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।
फिल्म 'दमन' के लिए 2002 में राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार (बेस्ट एक्ट्रेस) से सम्मानित।
2004 में फिल्म वितरक अनिल थडानी से विवाह; दो संतानें — बेटी राशा और बेटा रणबीरवर्धन ।
भारत सरकार ने 2023 में उन्हें पद्मश्री से सम्मानित किया।

बॉलीवुड अभिनेत्री रवीना टंडन आज 26 अक्टूबर 2026 को अपना 54वाँ जन्मदिन मना रही हैं। मुंबई में जन्मी रवीना को 90 के दशक की सबसे लोकप्रिय अभिनेत्रियों में गिना जाता है, लेकिन उनकी पहचान केवल फिल्मों तक सीमित नहीं है। महज 21 वर्ष की उम्र में — जब वे अपने करियर की बुनियाद रख रही थीं — उन्होंने अपनी रिश्तेदार की दो बच्चियों की कानूनी अभिभावक बनने का साहसी फैसला किया।

करियर की शुरुआत और पहली पहचान

रवीना टंडन का जन्म 26 अक्टूबर 1972 को मुंबई में हुआ। उनके पिता रवि टंडन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक थे, जिससे रवीना को बचपन से ही सिनेमाई माहौल मिला। उन्होंने 1991 में फिल्म 'पत्थर के फूल' से बॉलीवुड में कदम रखा, जिसमें उनके साथ सलमान खान थे। इस पहली ही फिल्म में उनके अभिनय को सराहा गया और उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू का फिल्मफेयर पुरस्कार मिला।

इसके बाद 'दिलवाले', 'मोहरा', 'लाडला' और 'अंदाज अपना अपना' जैसी फिल्मों ने उन्हें शीर्ष अभिनेत्रियों की पंक्ति में खड़ा कर दिया। 1994 में आई 'मोहरा' उनके करियर की मील का पत्थर साबित हुई। इस फिल्म के गाने 'तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त' और 'टिप टिप बरसा पानी' आज भी श्रोताओं की यादों में ताज़े हैं।

21 साल में दो बच्चियों की जिम्मेदारी

1995 में — जब रवीना बॉलीवुड में अपनी स्थिति मजबूत कर रही थीं — उन्होंने अपनी रिश्तेदार की दो बेटियों पूजा और छाया की कानूनी अभिभावक बनने का निर्णय लिया। रवीना ने 2021 में फिल्मफेयर को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि उन दोनों बच्चियों की माँ के निधन के बाद उनकी देखभाल को लेकर चिंता उत्पन्न हुई। रवीना ने परिवार से बात की और जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। तब उनकी उम्र महज 21 वर्ष थी और वे अविवाहित थीं।

रवीना के अनुसार, बचपन से ही वे अपनी माँ के साथ अनाथालयों में जाती थीं और जरूरतमंद बच्चों की सहायता के कामों को करीब से देखती थीं। यही संस्कार उनके इस फैसले की नींव बने। उस दौर में कुछ लोगों ने उन्हें आगाह किया कि दो बच्चियों की परवरिश की जिम्मेदारी के बाद शायद कोई उनसे विवाह न करे। रवीना ने इन आशंकाओं को नकारते हुए कहा था कि जो उनसे सच्चा प्रेम करेगा, वह उनके पूरे परिवार को स्वीकार करेगा।

व्यक्तिगत जीवन और विवाह

रवीना का विश्वास सही साबित हुआ। 2004 में उन्होंने फिल्म वितरक अनिल थडानी से विवाह किया। अनिल ने न केवल रवीना को, बल्कि पूजा और छाया को भी पूरे दिल से अपनाया। इस विवाह से रवीना की दो और संतानें हुईं — बेटी राशा और बेटा रणबीरवर्धन।

राष्ट्रीय पुरस्कार से OTT तक का सफर

रवीना ने अपने करियर में ग्लैमरस भूमिकाओं से आगे बढ़कर गंभीर किरदार भी निभाए। 'दमन' में घरेलू हिंसा से जूझ रही महिला की भूमिका के लिए उन्हें 2002 में बेस्ट एक्ट्रेस का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। 'शूल', 'सत्ता' और 'मातृ' जैसी फिल्मों में भी उनके अभिनय को सराहा गया।

डिजिटल युग में रवीना ने नेटफ्लिक्स की सीरीज 'अरण्यक' में पुलिस अधिकारी कस्तूरी डोगरा का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों और आलोचकों दोनों ने सराहा। फिल्मों और समाजसेवी कार्यों में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने उन्हें 2023 में प्रतिष्ठित पद्मश्री से सम्मानित किया।

रवीना टंडन का जीवन यह बताता है कि परदे पर किरदार निभाने वाली अभिनेत्री परदे के पीछे किस तरह एक असाधारण इंसान भी हो सकती है। आने वाले वर्षों में उनके नए प्रोजेक्ट्स पर उनके करोड़ों प्रशंसकों की नजरें टिकी रहेंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहाँ सितारों की 'व्यक्तिगत छवि' को करियर से ऊपर रखा जाता है। 1995 में जब उन्होंने दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाई, तब यह महज एक पारिवारिक निर्णय नहीं था — यह उस दौर में एक अविवाहित युवा अभिनेत्री का सामाजिक दबाव के विरुद्ध खड़े होने का साहस था। यह ऐसे समय में आया है जब मनोरंजन उद्योग में सेलिब्रिटी परोपकार अक्सर प्रचार तक सीमित रह जाता है, जबकि रवीना का यह फैसला दशकों पुराना, निजी और सत्यापित है। पद्मश्री से लेकर राष्ट्रीय पुरस्कार तक उनकी यात्रा यह भी दर्शाती है कि व्यावसायिक सफलता और इंसानी जिम्मेदारी एक-दूसरे के विरोधी नहीं होते।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

रवीना टंडन ने किसकी बच्चियों की जिम्मेदारी उठाई थी?
रवीना टंडन ने 1995 में अपनी रिश्तेदार की दो बेटियों पूजा और छाया की कानूनी अभिभावक बनने की जिम्मेदारी उठाई थी। उनकी माँ के निधन के बाद रवीना ने परिवार से बात करके यह फैसला किया, तब वे केवल 21 वर्ष की थीं।
रवीना टंडन का जन्म कब और कहाँ हुआ था?
रवीना टंडन का जन्म 26 अक्टूबर 1972 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता रवि टंडन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक थे।
रवीना टंडन को राष्ट्रीय पुरस्कार किस फिल्म के लिए मिला?
रवीना टंडन को 2002 में फिल्म 'दमन' के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला। इस फिल्म में उन्होंने घरेलू हिंसा से जूझ रही एक महिला का किरदार निभाया था।
रवीना टंडन ने किससे शादी की और उनके कितने बच्चे हैं?
रवीना टंडन ने 2004 में फिल्म वितरक अनिल थडानी से विवाह किया। इस विवाह से उनकी दो संतानें हैं — बेटी राशा और बेटा रणबीरवर्धन। इसके अलावा उनकी रिश्तेदार की दो बेटियाँ पूजा और छाया भी उनके परिवार का हिस्सा हैं।
रवीना टंडन को पद्मश्री कब मिला?
भारत सरकार ने फिल्मों और समाजसेवी कार्यों में योगदान के लिए रवीना टंडन को 2023 में पद्मश्री से सम्मानित किया। वे इस सम्मान को पाने वाली बॉलीवुड की चुनिंदा अभिनेत्रियों में शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 10 महीने पहले
  5. 10 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले