गुजरात कांग्रेस का 'वोट बचाओ' अभियान: हर बूथ पर नियुक्त होंगे 'वोट संरक्षक', 1 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रव्यापी रैली
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि वह अपने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत प्रदेश के हर मतदान केंद्र पर 'वोट संरक्षक' नियुक्त करेगी। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए चौपालें भी आयोजित की जाएंगी। यह घोषणा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली एक राष्ट्रव्यापी रैली से कुछ दिन पहले की गई है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया
यह ऐलान गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने अहमदाबाद के राजीव गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण भी उपस्थित रहे। कांग्रेस ने मतदाता सूची की कथित अनियमितताओं को मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों के लिए सीधा खतरा बताया।
चावड़ा के आरोप और चोर्यासी विधानसभा का हवाला
चावड़ा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग के साथ कथित मिलीभगत से वोटों की चोरी की है। उन्होंने दावा किया, 'गुजरात से 10 लाख से अधिक लोगों ने 'वोट चोर, गद्दी छोड़' हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर लोकतंत्र बचाने की माँग का समर्थन किया है।' चावड़ा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के नवसारी लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत चोर्यासी विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया, जहाँ कांग्रेस की अपनी जाँच में 40 प्रतिशत मतदाताओं के सत्यापन में 12 प्रतिशत मतदाता फर्जी या संदिग्ध पाए गए। उनके अनुसार पार्टी ने यह मुद्दा 30 अगस्त 2025 को उठाया था और दावा किया था कि यह अनुपात गुजरात भर में 60 लाख से अधिक फर्जी मतदाताओं की ओर इशारा करता है।
चुनाव आयोग के एसआईआर आँकड़ों का संदर्भ
चावड़ा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने स्वयं बताया था कि गुजरात में जाँचे गए 5.08 करोड़ मतदाताओं में से 74 लाख, यानी 14.61 प्रतिशत, लापता, मृत, डुप्लिकेट या प्रवासी श्रेणी में पाए गए। उन्होंने दावा किया कि ये सरकारी आँकड़े ही कांग्रेस की चिंताओं की पुष्टि करते हैं और आरोप लगाया कि इन अनियमितताओं की व्यापकता राज्य में 2002 से BJP द्वारा जीते गए चुनावों पर सवाल खड़े करती है।
चव्हाण की राष्ट्रव्यापी चिंताएँ
पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कई राज्यों की मतदाता सूचियों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गई हैं, जिनमें एक ही तस्वीर का बार-बार इस्तेमाल और नामों में विसंगतियाँ शामिल हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत निष्कर्षों का हवाला देते हुए हरियाणा में एक ब्राजीलियाई अभिनेत्री की तस्वीर के बार-बार इस्तेमाल की बात उठाई। चव्हाण ने चेतावनी दी, 'इस प्रक्रिया से योग्य मतदाताओं के बाहर होने का खतरा है, और पारदर्शी सत्यापन से यह सुनिश्चित होना चाहिए कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से न हटाया जाए।'
आगे की रणनीति
गुजरात में हर बूथ पर 'वोट संरक्षक' तैनात करने की यह योजना कांग्रेस की व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है, जिसकी परिणति 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली में होनी है। यह देखना होगा कि क्या विपक्ष की यह मुहिम चुनाव आयोग पर प्रभावी दबाव बना पाती है और अन्य विपक्षी दल इसमें किस हद तक शामिल होते हैं।