25 अक्टूबर 2026
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गुजरात कांग्रेस का 'वोट बचाओ' अभियान: हर बूथ पर नियुक्त होंगे 'वोट संरक्षक', 1 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रव्यापी रैली

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गुजरात कांग्रेस का 'वोट बचाओ' अभियान: हर बूथ पर नियुक्त होंगे 'वोट संरक्षक', 1 नवंबर को दिल्ली में राष्ट्रव्यापी रैली

सारांश

गुजरात कांग्रेस ने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' के तहत हर बूथ पर 'वोट संरक्षक' तैनात करने का ऐलान किया है। पार्टी ने SIR के सरकारी आँकड़ों के आधार पर 60 लाख फर्जी मतदाताओं का दावा दोहराया और 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली से पहले सीधे BJP और चुनाव आयोग पर निशाना साधा।

मुख्य बातें

गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने 25 अक्टूबर 2026 को 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत हर मतदान केंद्र पर 'वोट संरक्षक' नियुक्त करने की घोषणा की।
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रव्यापी रैली का ऐलान किया।
अमित चावड़ा ने दावा किया कि चोर्यासी विधानसभा क्षेत्र में जाँचे गए 40% मतदाताओं में 12% फर्जी या संदिग्ध पाए गए।
चुनाव आयोग के SIR डेटा के अनुसार गुजरात के 5.08 करोड़ मतदाताओं में से 74 लाख (14.61%) लापता, मृत, डुप्लिकेट या प्रवासी थे।
पार्टी ने 30 अगस्त 2025 को यह मुद्दा उठाते हुए गुजरात में 60 लाख से अधिक फर्जी मतदाताओं का दावा किया था।
पृथ्वीराज चव्हाण ने हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी मतदाता सूची में अनियमितताओं का आरोप लगाया।

गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि वह अपने 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान के तहत प्रदेश के हर मतदान केंद्र पर 'वोट संरक्षक' नियुक्त करेगी। पार्टी ने कहा कि मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के प्रति जागरूकता फैलाने के लिए चौपालें भी आयोजित की जाएंगी। यह घोषणा 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली एक राष्ट्रव्यापी रैली से कुछ दिन पहले की गई है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया

यह ऐलान गुजरात प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा ने अहमदाबाद के राजीव गांधी भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण भी उपस्थित रहे। कांग्रेस ने मतदाता सूची की कथित अनियमितताओं को मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों के लिए सीधा खतरा बताया।

चावड़ा के आरोप और चोर्यासी विधानसभा का हवाला

चावड़ा ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने चुनाव आयोग के साथ कथित मिलीभगत से वोटों की चोरी की है। उन्होंने दावा किया, 'गुजरात से 10 लाख से अधिक लोगों ने 'वोट चोर, गद्दी छोड़' हस्ताक्षर अभियान में भाग लेकर लोकतंत्र बचाने की माँग का समर्थन किया है।' चावड़ा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के नवसारी लोकसभा क्षेत्र अंतर्गत चोर्यासी विधानसभा क्षेत्र का उदाहरण दिया, जहाँ कांग्रेस की अपनी जाँच में 40 प्रतिशत मतदाताओं के सत्यापन में 12 प्रतिशत मतदाता फर्जी या संदिग्ध पाए गए। उनके अनुसार पार्टी ने यह मुद्दा 30 अगस्त 2025 को उठाया था और दावा किया था कि यह अनुपात गुजरात भर में 60 लाख से अधिक फर्जी मतदाताओं की ओर इशारा करता है।

चुनाव आयोग के एसआईआर आँकड़ों का संदर्भ

चावड़ा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) का हवाला देते हुए कहा कि चुनाव आयोग ने स्वयं बताया था कि गुजरात में जाँचे गए 5.08 करोड़ मतदाताओं में से 74 लाख, यानी 14.61 प्रतिशत, लापता, मृत, डुप्लिकेट या प्रवासी श्रेणी में पाए गए। उन्होंने दावा किया कि ये सरकारी आँकड़े ही कांग्रेस की चिंताओं की पुष्टि करते हैं और आरोप लगाया कि इन अनियमितताओं की व्यापकता राज्य में 2002 से BJP द्वारा जीते गए चुनावों पर सवाल खड़े करती है।

चव्हाण की राष्ट्रव्यापी चिंताएँ

पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कई राज्यों की मतदाता सूचियों में गंभीर अनियमितताएँ पाई गई हैं, जिनमें एक ही तस्वीर का बार-बार इस्तेमाल और नामों में विसंगतियाँ शामिल हैं। उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत निष्कर्षों का हवाला देते हुए हरियाणा में एक ब्राजीलियाई अभिनेत्री की तस्वीर के बार-बार इस्तेमाल की बात उठाई। चव्हाण ने चेतावनी दी, 'इस प्रक्रिया से योग्य मतदाताओं के बाहर होने का खतरा है, और पारदर्शी सत्यापन से यह सुनिश्चित होना चाहिए कि किसी भी योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची से गलत तरीके से न हटाया जाए।'

आगे की रणनीति

गुजरात में हर बूथ पर 'वोट संरक्षक' तैनात करने की यह योजना कांग्रेस की व्यापक राष्ट्रीय रणनीति का हिस्सा है, जिसकी परिणति 1 नवंबर की रामलीला मैदान रैली में होनी है। यह देखना होगा कि क्या विपक्ष की यह मुहिम चुनाव आयोग पर प्रभावी दबाव बना पाती है और अन्य विपक्षी दल इसमें किस हद तक शामिल होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली वैधता की कसौटी चुनाव आयोग के SIR आँकड़ों की व्याख्या से जुड़ी है — जिनका उपयोग पार्टी कर रही है, पर जो स्वयं अधूरे सत्यापन पर आधारित हैं। 74 लाख 'अनुपस्थित' मतदाताओं का आँकड़ा प्रवासी और मृत मतदाताओं की सामान्य सफाई की प्रक्रिया भी हो सकती है, न कि सुनियोजित धोखाधड़ी। वास्तविक परीक्षण यह है कि 1 नवंबर की रैली में कांग्रेस कोई स्वतंत्र ऑडिट रिपोर्ट पेश करती है या केवल राजनीतिक आरोप दोहराती है। जब तक डेटा की स्वतंत्र जाँच नहीं होती, यह मुहिम संगठन सक्रियता और जमीनी राजनीति के बीच की रेखा पर चलती रहेगी।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान क्या है?
यह गुजरात प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अभियान है जिसके तहत हर मतदान केंद्र पर 'वोट संरक्षक' नियुक्त किए जाएंगे और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं के बारे में जागरूकता के लिए चौपालें आयोजित की जाएंगी। इसकी घोषणा 25 अक्टूबर 2026 को अहमदाबाद में हुई।
कांग्रेस की 1 नवंबर की रैली कहाँ होगी और क्यों?
कांग्रेस ने 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में राष्ट्रव्यापी रैली की घोषणा की है। पार्टी के अनुसार यह रैली मतदाता सूची में अनियमितताओं के मुद्दे को राष्ट्रीय मंच पर उठाने और मतदाताओं के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा की माँग करने के लिए आयोजित की जाएगी।
गुजरात में फर्जी मतदाताओं का आँकड़ा क्या है जो कांग्रेस उठा रही है?
कांग्रेस का दावा है कि चोर्यासी विधानसभा क्षेत्र में 40% मतदाताओं की जाँच में 12% फर्जी या संदिग्ध पाए गए, जो पूरे गुजरात में 60 लाख से अधिक फर्जी मतदाताओं की ओर इशारा करता है। पार्टी ने चुनाव आयोग के SIR डेटा का हवाला दिया जिसमें 5.08 करोड़ में से 74 लाख (14.61%) मतदाता लापता, मृत, डुप्लिकेट या प्रवासी पाए गए थे।
BJP और चुनाव आयोग ने इन आरोपों पर क्या कहा है?
कांग्रेस अध्यक्ष अमित चावड़ा के अनुसार BJP और चुनाव आयोग ने 30 अगस्त 2025 को उठाए गए इन दावों को उस समय खारिज कर दिया था। इस रिपोर्ट तक BJP या चुनाव आयोग की ओर से ताज़ा आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं है।
हरियाणा में मतदाता सूची अनियमितता का मामला क्या है जिसका कांग्रेस ने जिक्र किया?
वरिष्ठ कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी द्वारा प्रस्तुत निष्कर्षों का हवाला देते हुए कहा कि हरियाणा की मतदाता सूचियों में एक ब्राजीलियाई अभिनेत्री की तस्वीर का बार-बार इस्तेमाल पाया गया। चव्हाण ने इसे कई राज्यों में मतदाता सूची प्रक्रिया में व्यापक खामियों का उदाहरण बताया।
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