'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान राष्ट्रव्यापी शुरू, केसी वेणुगोपाल बोले — 6 अक्टूबर को दिल्ली मार्च
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 2 अक्टूबर 2026 को पथानामथिट्टा, केरल में मीडिया से बातचीत में घोषणा की कि कांग्रेस के नेतृत्व में चलाया जा रहा 'वोट बचाओ, देश बचाओ' अभियान शुक्रवार से पूरे देश में औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। उन्होंने कहा कि यह अभियान नागरिकों के मताधिकार की रक्षा और लोकतांत्रिक व्यवस्था को कथित रूप से कमज़ोर करने की कोशिशों के विरुद्ध एक बड़ी राजनीतिक लड़ाई है।
अभियान का स्वरूप और समयसीमा
वेणुगोपाल के अनुसार यह अभियान 8 अक्टूबर तक चलेगा। इसके तहत इंडिया ब्लॉक के सांसद 6 अक्टूबर को नई दिल्ली में एक बड़े मार्च का नेतृत्व करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि आंदोलन को तीव्र करने के लिए पार्टी नेता स्वेच्छा से गिरफ्तारी भी देंगे।
यह अभियान राजनीतिक दलों और नेताओं को एकजुट करने के उद्देश्य से चलाया जा रहा है, ताकि मतदान अधिकारों को लेकर बताए जा रहे खतरे के विरुद्ध साझा मोर्चा बनाया जा सके।
चुनाव आयोग पर तीखे आरोप
वेणुगोपाल ने चुनाव आयोग (ECI) पर कड़े आरोप लगाते हुए दावा किया कि वह लोकतंत्र को कमज़ोर करने वाले तरीके से काम कर रहा है। उन्होंने दो चुनाव आयुक्तों द्वारा लिखे गए 14 पत्रों का हवाला दिया और आरोप लगाया कि उन पत्रों में उठाए गए मुद्दों को नज़रअंदाज़ किया गया। उन्होंने चुनाव आयोग को 'फ़र्ज़ी आयोग' तक कह डाला — यह आरोप कांग्रेस की ओर से संवैधानिक संस्था पर अब तक की सबसे कठोर टिप्पणियों में से एक है।
गौरतलब है कि विपक्ष पिछले कई महीनों से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता आ रहा है, और यह अभियान उसी व्यापक असंतोष की राजनीतिक परिणति के रूप में देखा जा रहा है।
मोदी-शाह पर जवाबदेही की माँग
वेणुगोपाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को भी निशाने पर लेते हुए कहा कि नागरिकों के मताधिकार के लिए ख़तरा पैदा करने की जिम्मेदारी इन दोनों की है और उन्हें जनता के सामने जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि अभियान का एक बड़ा लक्ष्य उन लोगों को हटाना है जो लोकतांत्रिक प्रक्रिया को कमज़ोर करने के प्रयास के लिए ज़िम्मेदार हैं।
केरल में विरोध प्रदर्शन का ज़िक्र
वेणुगोपाल ने विशेष रूप से केरल में कांग्रेस की भूमिका का उल्लेख किया। उनके अनुसार, राज्य में कथित सरकारी उत्पीड़न के बावजूद पार्टी कार्यकर्ता अमित शाह के खिलाफ काले झंडे दिखाने और ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन करने में सफल रहे। उन्होंने इसे पार्टी की संगठनात्मक क्षमता का प्रमाण बताया।
आगे का रोडमैप
6 अक्टूबर के दिल्ली मार्च के बाद अभियान के तहत और भी विरोध प्रदर्शन होंगे और नेताओं की गिरफ्तारियाँ होंगी। वेणुगोपाल ने सभी लोकतांत्रिक शक्तियों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर इस मुद्दे पर जन-जागरण करें। यह ऐसे समय में आया है जब देश में कई राज्यों में आगामी चुनावी गतिविधियाँ तेज़ होने लगी हैं और विपक्ष अपनी रणनीति को धार देने में लगा हुआ है।