जम्मू में इंडिया ब्लॉक का 'वोट बचाओ, देश बचाओ' मार्च, मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की माँग
सारांश
मुख्य बातें
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने जम्मू में बुधवार, 8 अक्टूबर 2026 को 'वोट बचाओ, देश बचाओ' नारे के साथ एक शांतिपूर्ण विरोध मार्च निकालने की घोषणा की है। यह मार्च सुबह 11 बजे गुरुद्वारा चौक से निकलकर बाबा भीमराव अंबेडकर चौक तक जाएगा। गठबंधन ने इस मार्च के ज़रिए मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के इस्तीफे और उनके खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की माँग रखी है।
मार्च की पृष्ठभूमि और मुख्य घटनाक्रम
इंडिया ब्लॉक के एक कांग्रेस नेता ने बताया कि गठबंधन की जम्मू ग्रामीण और शहरी नेतृत्व ने एकजुट होकर यह फैसला किया। उन्होंने कहा, 'जिस तरह से वोट के अधिकार की चोरी की जा रही है, उसके खिलाफ हम भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग करेंगे और देशद्रोह का मुकदमा दर्ज करने की मांग करेंगे।' इस मार्च में कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD), नेशनल कॉन्फ्रेंस और पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) समेत कई दलों के नेता एवं कार्यकर्ता भाग लेंगे।
गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक ने 2 अक्टूबर से 8 अक्टूबर 2026 तक एक सप्ताह का विरोध कार्यक्रम तय किया था। इसी क्रम में गठबंधन के सांसदों ने राष्ट्रपति भवन की ओर कूच की कोशिश की थी, जिसके दौरान कथित तौर पर गिरफ्तारियाँ हुईं।
नेताओं के बयान और आरोप
एक अन्य इंडिया ब्लॉक नेता ने आरोप लगाया कि देश में वोट को लेकर आम नागरिक का भरोसा खत्म होता जा रहा है, और इसके लिए उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को जिम्मेदार ठहराया। उनका कहना था, 'अगर वोट से ही विश्वास उठ जाएगा तो लोकतंत्र कहाँ बचेगा?' नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर BJP के निर्देश पर 'वोट की चोरी' का आरोप लगाया — हालाँकि ये आरोप राजनीतिक प्रकृति के हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कांग्रेस नेता ने चेतावनी भरे लहजे में कहा, 'चाहे जितने केस दर्ज कर लें, चाहे जेल में डाल दें, जब तक मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ देशद्रोह का मुकदमा दर्ज नहीं होता, हमारा संघर्ष जारी रहेगा।'
राजनीतिक संदर्भ और व्यापक परिदृश्य
यह प्रदर्शन ऐसे समय में हो रहा है जब जम्मू-कश्मीर में हाल के विधानसभा चुनावों के बाद से राजनीतिक गतिविधियाँ तेज़ हैं। इंडिया ब्लॉक के नेताओं का आरोप है कि चुनावी प्रक्रिया में अनियमितताएँ बरती गई हैं। यह विरोध प्रदर्शन राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव आयोग की स्वायत्तता और विश्वसनीयता पर एक बड़ी बहस की ओर इशारा करता है।
आलोचकों का कहना है कि विपक्ष का यह अभियान जम्मू जैसे परंपरागत रूप से BJP-समर्थित क्षेत्र में गठबंधन की राजनीतिक उपस्थिति को मजबूत करने की कोशिश भी है।
आम जनता और लोकतंत्र पर असर
इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने जम्मू के सभी समान विचारधारा वाले नागरिकों और दलों से बुधवार सुबह 11 बजे मार्च में शामिल होने की अपील की है। उनका तर्क है कि वोट की विश्वसनीयता पर उठे सवाल सीधे तौर पर भारतीय लोकतंत्र की नींव को प्रभावित करते हैं।
आगे क्या होगा
बुधवार का यह मार्च इंडिया ब्लॉक के एक सप्ताही राष्ट्रव्यापी अभियान की अंतिम कड़ियों में से एक है। गठबंधन ने संकेत दिया है कि यदि उनकी माँगें नहीं मानी गईं, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस तरह के प्रदर्शन चुनाव आयोग की सार्वजनिक छवि और उसकी संस्थागत स्वायत्तता पर राष्ट्रीय बहस को और गहरा कर सकते हैं।