ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के लिए इंडिया ब्लॉक का देशव्यापी आंदोलन का ऐलान, राहुल गांधी के नेतृत्व में मार्च
सारांश
मुख्य बातें
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंडिया ब्लॉक ने 12 अक्टूबर 2026 को देशव्यापी आंदोलन छेड़ने की घोषणा की। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी के नेतृत्व में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने बाराखंभा रोड से सर्वोच्च न्यायालय तक मार्च किया। गठबंधन के नेताओं ने स्पष्ट किया कि वे ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर रहेंगे।
दिल्ली से देशभर तक आंदोलन की रणनीति
दिल्ली में कई दिनों से चल रहे विरोध प्रदर्शन को अब राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देने की योजना बनाई जा रही है। हिमाचल प्रदेश सरकार में मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने कहा, 'अभी यह प्रदर्शन केवल दिल्ली में हो रहा है, लेकिन आने वाले समय में पूरे देश में इसी तरह के विरोध प्रदर्शन होंगे।' उन्होंने यह भी कहा कि यह केवल कांग्रेस का आंदोलन नहीं है, बल्कि युवा और छात्र भी इसमें बड़े पैमाने पर शामिल हैं।
पुलिस तैनाती और जंतर-मंतर पर रोक
विक्रमादित्य सिंह के अनुसार, प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया और स्थल पर 40,000 से 50,000 पुलिसकर्मी तैनात किए गए। उन्होंने इसे लोकतंत्र पर हमला बताते हुए कहा कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार पूरी तरह से डर चुकी है। इसके अतिरिक्त, सरकार ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी, जिसे विपक्षी नेताओं ने संविधान प्रदत्त अधिकारों का हनन बताया।
नेताओं की प्रतिक्रिया और आरोप
राजस्थान कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि देश में एक क्रांति आ गई है जो 'वोट चोरी करने वालों और लोकतंत्र की हत्या करने वालों के खिलाफ है।' उन्होंने चुनाव आयोग पर 13 करोड़ वोटों की चोरी का आरोप लगाया। वहीं, कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने कहा कि उनके लोगों ने पहले ही कह दिया है — 'हम जहां भी बैठेंगे, वही जगह जंतर-मंतर बन जाएगी।' खुर्शीद ने दिल्ली पुलिस के फैसले को जनता की कसौटी पर परखे जाने की बात कही और यदि ज़रूरत पड़ी तो इसे कानूनी चुनौती देने का संकेत दिया।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग पर विपक्षी दलों के आरोप लगातार तेज़ होते जा रहे हैं। गौरतलब है कि इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने इस आंदोलन को संसदीय रणनीति से बाहर सड़क पर लाने का फैसला किया है, जो गठबंधन की बदलती कार्यप्रणाली का संकेत है। आने वाले दिनों में राज्य-स्तरीय प्रदर्शनों की तैयारी जोरों पर है और गठबंधन दल अपनी-अपनी राज्य इकाइयों को सक्रिय करने में जुटे हैं।