रामलीला मैदान रैली से CEC ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेंगे: इंडिया ब्लॉक; NDA बोला— गृहयुद्ध की तैयारी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 1 नवंबर 2026 को रामलीला मैदान में प्रस्तावित इंडिया ब्लॉक की रैली को लेकर देशभर में सियासी तापमान चरम पर है। विपक्षी दलों ने दावा किया है कि वे इस रैली से मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर ही लौटेंगे, जबकि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने इस आयोजन को 'नौटंकी' करार देते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
विपक्ष का रैली को लेकर दावा
कांग्रेस नेता अलका लांबा ने कहा कि कार्यकर्ताओं और जनता में भारी उत्साह है और देशभर से लाखों लोग रामलीला मैदान पहुँच रहे हैं। उन्होंने बताया कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी स्वयं 1 नवंबर को दोपहर करीब 12 बजे एक मार्च का नेतृत्व करेंगे, जो रामलीला मैदान की ओर बढ़ेगा। लांबा ने स्पष्ट शब्दों में कहा, 'सभी की एक ही माँग है — हम ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा लेकर ही लौटेंगे।'
कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि संवैधानिक पद पर बैठे ज्ञानेश कुमार को भारत की जनता के सामने सिर झुकाना चाहिए, 'अन्यथा लोग उन्हें मजबूर करेंगे।' बिहार के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने कहा कि वोटों की चोरी के खिलाफ देशभर के लोग एकजुट हैं और किसी भी कीमत पर लोकतंत्र को खत्म नहीं होने देंगे।
समाजवादी पार्टी के सांसद पुष्पेंद्र सरोज ने यूपी में हाल ही में संपन्न MLC चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि दो दिनों तक मतगणना चलाकर उनकी पार्टी को हराया गया और माँग की कि चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएँ।
NDA का पलटवार — 'गृहयुद्ध की तैयारी'
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने तीखे अंदाज में कहा कि रामलीला मैदान में रैली नहीं, बल्कि 'भारत के सबसे बड़े त्योहार के समय आर्थिक नाकेबंदी का नया रास्ता' निकाला गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोरोना काल हो या ईरान से जुड़े मामले — इंडिया ब्लॉक ने हमेशा देश में भ्रम फैलाने का काम किया है। सिंह ने कहा, 'अब ये देश में गृहयुद्ध करवाने की तैयारी कर रहे हैं, लेकिन ऐसा कभी नहीं होगा।'
केंद्रीय राज्यमंत्री नित्यानंद राय ने कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के आवास पर आयोजित 'मॉक पार्लियामेंट' पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल (RJD) और कम्युनिस्ट पार्टियाँ भारतीय संसद पर विश्वास नहीं रखतीं और संसद सत्र के दौरान कार्यवाही बाधित करने का काम करती हैं। राय ने यह भी कहा कि 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से बाहर आ चुके हैं, बावजूद इसके विपक्ष मॉक पार्लियामेंट लगाकर लोकतंत्र का मजाक उड़ा रहा है।
भाजपा सांसद संजय जायसवाल ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि जिन्हें जनता का सामना करने में शर्म आती है, वे अपने घर पर मॉक पार्लियामेंट करते रहें। बिहार सरकार में मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने कहा कि जो काम छात्र संगठन के कार्यकर्ता करते रहते हैं, विपक्ष अब उसी की नकल कर रहा है।
पीडीपी और अन्य दलों की प्रतिक्रिया
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने मॉक पार्लियामेंट का समर्थन करते हुए कहा, 'असली संसद पूरी तरह विफल हो चुकी है; तभी मॉक संसद के जरिये काम चलाना पड़ रहा है।' उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र की मौजूदा स्थिति यही दर्शाती है।
जम्मू-कश्मीर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सत शर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस द्वारा विशेष सारांश पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर लोगों के बीच गलत जानकारियाँ फैलाई जा रही हैं।
व्यापारियों की नाराजगी के आरोपों पर कांग्रेस का जवाब
कांग्रेस नेता सुप्रिया श्रीनेत ने रैली को लेकर व्यापारियों में नाराजगी के दावों को खारिज किया। उन्होंने कहा कि विरोध की चिट्ठियाँ भाजपा के नेता और सांसद ही लिख रहे हैं, न कि असली व्यापारी। श्रीनेत ने तर्क दिया कि दीपावली से पहले लाखों लोगों के दिल्ली आने से थोक बाजारों को फायदा होगा।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और EVM बनाम बैलेट पेपर विवाद को लेकर विपक्षी दलों का आक्रोश चरम पर है। गौरतलब है कि भाजपा विधायक संजय उपाध्याय ने भी कहा कि विपक्ष 'महाभियोग प्रस्ताव' जैसे नए शब्द ला रहा है, जो भविष्य में और बड़ी राजनीतिक टकराहट का संकेत है। 1 नवंबर की रैली का नतीजा इंडिया ब्लॉक की एकजुटता और सड़क-आंदोलन की ताकत की परीक्षा करेगा।