रेरा बकाया ₹77.66 करोड़: अंसल हाईटेक के निदेशक गिरफ्तार, 15 दिन जेल
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर जिला प्रशासन ने 30 अक्टूबर 2026 को रियल एस्टेट कंपनी अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड के निदेशक बंटी पुत्र प्रहलाद को गिरफ्तार कर लिया। उत्तर प्रदेश भू-संपदा विनियामक प्राधिकरण (रेरा) की ओर से जारी वसूली प्रमाण-पत्र के तहत ₹77 करोड़ 66 लाख 80 हजार 434 रुपए की बकाया धनराशि — साथ ही उस पर देय ब्याज — लंबे समय से जमा न किए जाने पर यह कार्रवाई की गई। सुनवाई में बकाया राशि न चुकाने और पर्याप्त प्रतिभूति न दे पाने पर उन्हें अधिकतम 15 दिनों के लिए जिला कारागार गौतमबुद्धनगर भेज दिया गया।
मुख्य घटनाक्रम
पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने गिरफ्तारी के अधिपत्र (आरसी प्रपत्र-37) के अनुपालन में बंटी पुत्र प्रहलाद को हिरासत में लिया और उपजिलाधिकारी दादरी के समक्ष प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान उन्हें बकाया धनराशि जमा करने अथवा पर्याप्त प्रतिभूति प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया। हालाँकि, दोनों में से कोई भी शर्त पूरी न होने पर उन्हें उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता, 2006 की धारा 171 और उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता नियमावली, 2016 के संबंधित प्रावधानों के तहत जेल भेजा गया।
बकाया राशि और कानूनी प्रक्रिया
तहसील दादरी में अंसल हाईटेक टाउनशिप्स लिमिटेड/उत्तम स्टील्स एसोसिएट्स लिमिटेड के विरुद्ध रेरा वसूली प्रमाण-पत्र के तहत ₹77 करोड़ 66 लाख 80 हजार 434 रुपए मूलधन के अतिरिक्त ब्याज सहित वसूली की जानी है। प्रशासन के अनुसार, संबंधित फर्म को नियमानुसार माँग-पत्र जारी किया गया था और उसकी विधिवत तामील भी कराई गई थी। निर्धारित समयावधि में भुगतान न होने पर ही यह दंडात्मक कदम उठाया गया।
जिला प्रशासन का विशेष वसूली अभियान
गौरतलब है कि जिलाधिकारी गौतमबुद्धनगर के निर्देशन में जनपद में राजस्व बकायेदारों के विरुद्ध विशेष वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान में विशेष रूप से उन बिल्डरों और कंपनियों को निशाना बनाया जा रहा है जिन्होंने रेरा वसूली प्रमाण-पत्र जारी होने के बाद भी भुगतान नहीं किया। यह अभियान उस व्यापक सरकारी नीति का हिस्सा है जिसके तहत रियल एस्टेट खरीदारों के हितों की रक्षा के लिए रेरा आदेशों को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
आगे क्या होगा
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि बकाया धनराशि जमा नहीं होती, तो संपत्ति की कुर्की और नीलामी सहित अन्य कठोर वैधानिक कदम उठाए जाएँगे। जिला कारागार के अधीक्षक को भी आवश्यक कार्रवाई के आदेश भेज दिए गए हैं। तहसील दादरी के सभी बकायेदारों को चेतावनी दी गई है कि वे लंबित वसूली प्रमाण-पत्रों के सापेक्ष बकाया धनराशि का तत्काल भुगतान करें, अन्यथा उनके विरुद्ध भी इसी प्रकार की कार्रवाई की जाएगी।