31 अक्टूबर 2026
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स्वामी प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर पलटवार: आजम खान मुद्दे पर सपा का 'असली चेहरा' बेनकाब

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स्वामी प्रसाद मौर्य का अखिलेश यादव पर पलटवार: आजम खान मुद्दे पर सपा का 'असली चेहरा' बेनकाब

सारांश

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव को आजम खान के साथ 'विश्वासघात' का आरोपी बताते हुए सपा का 'असली चेहरा' बेनकाब करने का दावा किया। साथ ही दिल्ली रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की बड़ी रैली की पूर्व संध्या पर EVM, मतदाता सूची और मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर तीखे सुर छेड़े।

मुख्य बातें

स्वामी प्रसाद मौर्य ने 31 अक्टूबर 2026 को जौनपुर में अखिलेश यादव की टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया।
मौर्य ने आरोप लगाया कि सपा ने आजम खान के कठिन समय में साथ छोड़ा और कथित तौर पर भाजपा से जुड़े व्यक्ति को राज्यसभा भेजा।
दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया ब्लॉक की ऐतिहासिक रैली का ऐलान किया।
तीन प्रमुख मांगें: मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा, मतदाता सूची में करोड़ों नामों की वापसी, और ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव।
विधान परिषद चुनाव में भाजपा की 'किरकिरी' का हवाला देते हुए अमित शाह के बयान पर तंज कसा।

अपनी जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी प्रसाद मौर्य ने 31 अक्टूबर 2026 को जौनपुर में समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव की टिप्पणी पर कड़ा पलटवार किया और कहा कि अभी सर्टिफिकेट देने का नहीं, बल्कि अखिलेश की बातों का जवाब देने का समय है। मौर्य ने आरोप लगाया कि आजम खान के कठिन वक्त में सपा ने उनका साथ छोड़ दिया और भाजपा से जुड़े व्यक्ति को राज्यसभा भेज दिया।

आजम खान मुद्दे पर सपा पर हमला

स्वामी प्रसाद मौर्य ने कहा, 'पूरा मुस्लिम समाज देख रहा है कि आजम खान के साथ जिस राजनीतिक द्वेष भावना से काम किया गया है, वह लोकतंत्र पर एक बड़ा दाग है। आने वाले समय में भाजपा को यह सौदा बहुत महंगा पड़ेगा।' उन्होंने आरोप लगाया कि आजम खान जैसे वरिष्ठ नेता को तथ्यहीन आरोपों के आधार पर पूरे परिवार सहित परेशान किया गया और जेल भेजा गया।

मौर्य ने यह भी कहा कि इतने बुरे वक्त में भी समाजवादी पार्टी और मुलायम सिंह यादव के पुराने साथी आजम खान के साथ सपा कभी मजबूती से खड़ी नहीं दिखी। जब राज्यसभा में प्रतिनिधित्व देने का अवसर आया तब आजम खान की पत्नी को भेजने के बजाय कथित तौर पर भाजपा से जुड़े व्यक्ति को राज्यसभा भेजा गया।

अखिलेश यादव पर सीधा निशाना

स्वामी प्रसाद मौर्य ने तीखे शब्दों में कहा कि अखिलेश यादव का असली चेहरा अब सामने आ चुका है। उन्होंने कहा, 'पूरा प्रदेश देख रहा है और जान रहा है कि अखिलेश यादव किसके इशारे पर काम कर रहे हैं।' मौर्य ने आरोप लगाया कि देश का दलित, पिछड़ा और मुस्लिम समाज समझ गया है कि अखिलेश यादव कहीं न कहीं भाजपा के इशारे पर गठबंधन को कमज़ोर करने की कोशिश कर रहे हैं।

रामलीला मैदान रैली की तैयारी

मौर्य ने बताया कि इंडिया ब्लॉक का एक बड़ा राजनीतिक कार्यक्रम दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित होने जा रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त के इस्तीफे और एसआईआर (SIR) के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों मतदाताओं को सूची से बाहर करने की साजिश के विरोध में यह ऐतिहासिक प्रदर्शन होगा। उन्होंने कहा कि वे इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हो रहे हैं।

तीन प्रमुख मांगें

मौर्य ने 'ईवीएम हटाओ, बैलेट पेपर लाओ, लोकतंत्र बचाओ' के बैनर तले तीन मांगें रखीं। पहली मांग — मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा। दूसरी मांग — एसआईआर के नाम पर मतदाता सूची से हटाए गए करोड़ों मतदाताओं के नाम पुनः सूची में शामिल किए जाएं। तीसरी मांग — ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराए जाएं।

विधान परिषद चुनाव पर तंज

गृह मंत्री अमित शाह के उस बयान पर कि उत्तर प्रदेश में भाजपा का प्रभाव कोई नहीं हटा सकता, मौर्य ने तंज कसा। उन्होंने कहा कि हाल ही में हुए विधान परिषद चुनाव में भाजपा की जो किरकिरी हुई है, उस पर पर्दा डालने की कोशिश की जा रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में गठबंधन की दरारें और विपक्षी दलों के आंतरिक टकराव खुलकर सामने आ रहे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विपक्षी गठबंधन की भीतरी दरारों का खुला प्रदर्शन है — ऐसे समय में जब इंडिया ब्लॉक एकजुटता का संदेश देने की कोशिश कर रहा है। आजम खान की राज्यसभा सीट का विवाद पुराना है, लेकिन मौर्य का इसे अभी उठाना इशारा करता है कि पिछड़े और मुस्लिम मतदाताओं पर दावेदारी की लड़ाई गठबंधन के अंदर ही तेज़ हो रही है। मुख्यधारा की कवरेज इस रैली को 'विपक्षी एकता' के तौर पर पेश करती है, लेकिन मौर्य के बयान से साफ़ है कि सपा और उनकी पार्टी के बीच तनाव रैली से बड़ा है। बिना आंतरिक समन्वय के EVM और मतदाता सूची जैसी मांगें सरकार पर दबाव बनाने में कितनी कारगर होंगी, यह देखने वाली बात होगी।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वामी प्रसाद मौर्य ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए?
मौर्य ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव ने आजम खान के कठिन समय में साथ नहीं दिया और राज्यसभा सीट पर आजम खान की पत्नी की जगह कथित तौर पर भाजपा से जुड़े व्यक्ति को भेजा। उन्होंने कहा कि इससे अखिलेश का 'असली चेहरा' सामने आ गया है।
रामलीला मैदान रैली में क्या मांगें उठाई जाएंगी?
इंडिया ब्लॉक की दिल्ली रामलीला मैदान रैली में तीन मुख्य मांगें हैं — मुख्य निर्वाचन आयुक्त का इस्तीफा, एसआईआर के तहत मतदाता सूची से हटाए गए करोड़ों नामों की वापसी, और ईवीएम हटाकर बैलेट पेपर से चुनाव कराना। मौर्य ने इसे 'लोकतंत्र बचाओ' आंदोलन का हिस्सा बताया।
आजम खान और सपा के बीच विवाद क्या है?
स्वामी प्रसाद मौर्य के अनुसार, आजम खान को तथ्यहीन आरोपों पर पूरे परिवार सहित परेशान किया गया और जेल भेजा गया, लेकिन समाजवादी पार्टी उनके साथ मजबूती से नहीं खड़ी रही। राज्यसभा सीट पर आजम खान की पत्नी को प्रतिनिधित्व न दिए जाने को मौर्य ने सपा की 'असली नीयत' का प्रमाण बताया।
विधान परिषद चुनाव में भाजपा की 'किरकिरी' से मौर्य का क्या आशय था?
मौर्य ने संकेत दिया कि हाल के उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में भाजपा को अपेक्षित सफलता नहीं मिली। उन्होंने कहा कि अमित शाह का यूपी में भाजपा के अजेय प्रभाव वाला बयान इसी किरकिरी पर पर्दा डालने की कोशिश है।
अपनी जनता पार्टी क्या है और इंडिया ब्लॉक में इसकी क्या भूमिका है?
अपनी जनता पार्टी स्वामी प्रसाद मौर्य की राजनीतिक पार्टी है, जिसके वे राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं। यह पार्टी इंडिया ब्लॉक के विरोधी गठबंधन का हिस्सा है और मुख्य रूप से पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को केंद्र में रखकर राजनीति करती है।
राष्ट्र प्रेस
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