अखिलेश यादव पर BJP का पलटवार: 'चुनावी हार की हताशा में लोकतंत्र पर उठा रहे सवाल'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव द्वारा जेल में बंद सपा नेता आजम खान से मुलाकात के बाद उत्तर प्रदेश की सियासत में तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के तीन नेताओं ने 22 अक्टूबर 2026 को अखिलेश यादव और सपा नेतृत्व पर एक साथ निशाना साधा। BJP ने आरोप लगाया कि चुनावों में लगातार हार के बाद सपा प्रमुख लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनावी प्रक्रिया पर सवाल उठाकर जनादेश की अवहेलना कर रहे हैं।
मंत्री स्वतंत्र देव सिंह का आरोप
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आजम खान पर अतीत में हिंदुत्व और भारत को लेकर विवादित बयान देने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आजम खान से जुड़े विश्वविद्यालय और अन्य मामलों में कानून के तहत नियमित कार्रवाई की गई है। स्वतंत्र देव सिंह ने सपा पर आरोप लगाया कि पार्टी अपने नेताओं का बचाव तब भी करती है जब उनके खिलाफ गंभीर आरोप हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP गलत काम करने वालों को संरक्षण देने के पक्ष में नहीं है और कानून अपना काम करेगा।
नाजिया इलाही खान का तंज
BJP नेता नाजिया इलाही खान ने अखिलेश यादव की इस मुलाकात पर कड़ा तंज कसा। उनका कहना था कि मुख्यमंत्री बनने की आकांक्षा रखने वाले नेता को अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति से मिलने इसलिए जाना पड़ता है क्योंकि उन्हें 'गुंडे और माफिया' का वोट चाहिए। नाजिया इलाही खान ने यह भी कहा कि अखिलेश यादव की यह राजनीतिक रणनीति उन्हें चुनावी फायदा दिलाने की बजाय नुकसान पहुँचाएगी। उन्होंने अखिलेश यादव की राजनीति की तुलना उनके पिता एवं सपा के संस्थापक मुलायम सिंह यादव के राजनीतिक रुख से भी की।
नीरज सिंह का पलटवार
BJP नेता नीरज सिंह ने अखिलेश यादव के चुनाव-प्रक्रिया संबंधी बयानों पर सीधा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव लंबे समय से सत्ता से बाहर हैं और उनके नेतृत्व में सपा को कई चुनावों में पराजय का सामना करना पड़ा है। नीरज सिंह के अनुसार, चुनावों में गड़बड़ी के आरोप लगाकर पूरी लोकतांत्रिक व्यवस्था पर सवाल खड़े करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान अनिवार्य है।
अखिलेश यादव का एक्स पोस्ट
आजम खान से मुलाकात के बाद अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक विस्तृत पोस्ट किया। उन्होंने लिखा — 'रामपुर की धरती से आजम खान साहब के लिए हमारा यही ऐलान है, जो आजम थे, वो हैं, और वो रहेंगे। फर्जी मुकदमों में इतनी ताकत नहीं है कि वो सच को कैद कर सकें।' अखिलेश यादव ने आगे आरोप लगाया कि 'भ्रष्ट अधिकारी और फर्जी मुकदमे भाजपाई शासन-प्रशासन के दो अहम हथियार हैं।' उन्होंने जौहर यूनिवर्सिटी को बंद किए जाने को पिछड़े-दलित-अल्पसंख्यक (PDA) समुदाय से शिक्षा के अधिकार छीनने की साजिश बताया।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ शुरू हो रही हैं और सपा अपना जनाधार पुनर्गठित करने में लगी है। गौरतलब है कि आजम खान रामपुर से जुड़े कई मामलों में जेल में हैं, जिन पर सपा 'राजनीतिक प्रतिशोध' का आरोप लगाती रही है। दोनों दलों के बीच यह वाकयुद्ध आने वाले समय में चुनावी बयानबाजी का पूर्वाभ्यास माना जा रहा है।