अखिलेश-आजम मुलाकात पर BJP नेता शाजिया इल्मी का तंज, बोलीं — 'मुस्लिम वोट नहीं मिलेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की नेता शाजिया इल्मी ने 22 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में समाजवादी पार्टी (SP) के प्रमुख अखिलेश यादव की जेल में आजम खान से मुलाकात पर कड़ा तंज कसा। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात की राजनीतिक मंशा मुस्लिम मतदाताओं को साधने की हो सकती है, लेकिन आगामी विधानसभा चुनाव में इससे SP को वह समर्थन मिलने की संभावना नहीं है।
मुलाकात के पीछे राजनीतिक मंशा पर सवाल
शाजिया इल्मी ने कहा कि अखिलेश यादव की आजम खान से जेल में मुलाकात स्पष्ट तौर पर मुस्लिम मतदाताओं का समर्थन हासिल करने की एक राजनीतिक कोशिश है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि आजम खान के खिलाफ बड़ी संख्या में आपराधिक मामले दर्ज हैं और कुछ मामलों में उन्हें दोषी भी ठहराया जा चुका है। इल्मी ने दावा किया कि आजम खान से जुड़े मामलों में शिकायतें करने वालों में मुस्लिम समुदाय के लोग भी शामिल रहे हैं — जो यह दर्शाता है कि यह मुलाकात उस समुदाय को लुभाने में कारगर नहीं होगी।
सीजेपी नेताओं को समन पर BJP का रुख
दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच द्वारा सीजेपी (Citizens for Justice and Peace) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका को समन जारी किए जाने के मामले पर शाजिया इल्मी ने कहा कि समन जारी होने का अर्थ दोषसिद्धि नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस को जांच का पूरा अधिकार है और संबंधित व्यक्तियों को कानूनी प्रक्रिया में सहयोग करना चाहिए। इल्मी ने कहा कि सोशल मीडिया पर बयानबाजी करने की बजाय जांच में शामिल होना अधिक उचित होगा।
विरोध के अधिकार और जिम्मेदारी
शाजिया इल्मी ने कहा कि भारत के संविधान में सभी नागरिकों को विरोध-प्रदर्शन का अधिकार है, लेकिन यह अधिकार कानून के दायरे में ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि अधिकारों के साथ जिम्मेदारियाँ भी जुड़ी होती हैं और कानून को अपना काम करने देना आवश्यक है।
कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान के संदर्भ में शाजिया इल्मी ने भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) की चुनावी रणनीति पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस लगातार चुनावी हार के बाद कभी EVM तो कभी SIR को जिम्मेदार ठहराती है और जनादेश पर सवाल खड़े करती है। राहुल गांधी पर तंज कसते हुए इल्मी ने कहा कि पार्टी के भीतर ही उनके नेतृत्व को लेकर सवाल उठते दिखते हैं, और पार्टी के नेता कथित तौर पर दिखावटी विरोध प्रदर्शन में व्यस्त हैं जबकि राहुल गांधी विदेश दौरों को प्राथमिकता देते हैं।
राजनीतिक परिदृश्य में संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ जोर पकड़ रही हैं और सभी दल अल्पसंख्यक व पिछड़े वर्ग के मतदाताओं को लुभाने की होड़ में हैं। गौरतलब है कि आजम खान रामपुर से SP के वरिष्ठ नेता रहे हैं और उनकी राजनीतिक हैसियत उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं के बीच महत्वपूर्ण मानी जाती रही है। अखिलेश यादव की यह जेल मुलाकात आगामी चुनावी रणनीति का हिस्सा हो सकती है — यह बात विश्लेषकों और विरोधी दलों, दोनों की नज़र में है।