20 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से मिलेंगे, सपा का वादा — सत्ता मिली तो वापस होंगे सभी मुकदमे

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से मिलेंगे, सपा का वादा — सत्ता मिली तो वापस होंगे सभी मुकदमे

सारांश

अखिलेश यादव 22 अक्टूबर को रामपुर जेल में आजम खान से 45 मिनट मिलेंगे — स्वास्थ्य, मुकदमे और एजेंसी दुरुपयोग पर चर्चा होगी। सपा का बड़ा वादा: 2027 में सरकार बनी तो सभी मुकदमे होंगे वापस। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले यह मुलाकात पार्टी की एकजुटता का संकेत मानी जा रही है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में आजम खान से लगभग 45 मिनट मिलेंगे।
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि मुलाकात में स्वास्थ्य, मुकदमों और कथित एजेंसी दुरुपयोग पर चर्चा होगी।
सपा का वादा — 2027 में उत्तर प्रदेश में सरकार बनने पर आजम खान पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने मुलाकात को सकारात्मक बताया और BJP पर आजम खान के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार का आरोप लगाया।
यह दौरा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले सपा की एकजुटता की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करेंगे। पार्टी प्रवक्ता के अनुसार यह भेंट लगभग 45 मिनट की होगी, जिसमें आजम खान के स्वास्थ्य और उन पर दर्ज मुकदमों समेत कई राजनीतिक मसलों पर चर्चा होने की संभावना है। इस मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।

मुलाकात का विवरण और एजेंडा

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने बताया कि अखिलेश यादव का रामपुर दौरा अब औपचारिक रूप से तय हो गया है। उन्होंने कहा कि इस मुलाकात के दौरान सपा अध्यक्ष आजम खान के स्वास्थ्य का हाल जानने के साथ-साथ उन पर लगाए गए मुकदमों, कथित एजेंसी दुरुपयोग और शिक्षण संस्थानों को गिराने के मसले पर भी बात करेंगे।

फखरुल हसन चांद ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार में आजम खान के विरुद्ध लगातार मुकदमे दर्ज किए गए और जाँच एजेंसियों का दुरुपयोग किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा के मंदिर को गिराने की कोशिश की जा रही है — हालाँकि इन आरोपों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया अभी सामने नहीं आई है।

सपा का 2027 का वादा

सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने स्पष्ट किया कि पार्टी को पूरा भरोसा है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सपा की सरकार बनेगी। उन्होंने वादा किया कि सत्ता में आने के बाद आजम खान पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे।

यह ऐसे समय में आया है जब 2027 के चुनाव की तैयारियाँ राज्य की सभी प्रमुख पार्टियों में शुरू हो चुकी हैं। गौरतलब है कि आजम खान रामपुर से सपा के सबसे प्रभावशाली मुस्लिम चेहरों में से एक रहे हैं और उनके साथ एकजुटता दिखाना अखिलेश यादव की चुनावी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

कांग्रेस की प्रतिक्रिया

इस मुलाकात पर कांग्रेस ने भी अपनी राय रखी। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि आजम खान सपा के बेहद वरिष्ठ नेता हैं और स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के साथी रहे हैं।

उन्होंने कहा, 'भारतीय जनता पार्टी आजम खान के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार कर रही है। उनके साथ एक क्रिमिनल की तरह व्यवहार किया जा रहा है। ऐसे में अखिलेश यादव का अपने पारिवारिक सदस्य और पार्टी के बड़े नेता के पास जाना एक अच्छी बात है। इससे पूरे प्रदेश में एक संदेश भी जाएगा और आजम खान का हौसला भी बढ़ेगा।' यह आरोप BJP सरकार पर एकतरफा हैं और सरकार ने इन पर अभी कोई टिप्पणी नहीं की है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

आजम खान वर्षों से कई आपराधिक मामलों में न्यायिक हिरासत में हैं। उनका मामला उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बड़े विवाद का केंद्र बना हुआ है। विपक्षी दलों का आरोप है कि उन पर मुकदमे राजनीतिक प्रतिशोध के तहत दर्ज किए गए, जबकि सत्तारूढ़ BJP इन आरोपों को निराधार बताती है।

अखिलेश यादव की यह यात्रा 2027 विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी के भीतर एकजुटता के संकेत के रूप में देखी जा रही है। आने वाले हफ्तों में इस मुलाकात के राजनीतिक असर का अंदाजा लगेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसमें एक बड़ा संवैधानिक सवाल दब जाता है — क्या सत्ता में आते ही राजनीतिक आधार पर अदालती मुकदमे वापस लेना न्याय की प्रक्रिया को कमज़ोर नहीं करता? गौरतलब है कि विपक्षी दल जब सत्ता में होते हैं तो 'एजेंसी दुरुपयोग' का आरोप लगाते हैं, और सत्ता में आने पर वही हथियार अपने नेताओं की रक्षा के लिए इस्तेमाल करने का वादा करते हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर छूट जाती है वह यह है कि इस मुलाकात का समय — 2027 से करीब एक साल पहले — रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मुस्लिम मतदाताओं को साधने की सुचिंतित कोशिश है।
RashtraPress
20 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव आजम खान से कब और कहाँ मिलेंगे?
अखिलेश यादव 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में आजम खान से मिलेंगे। दोनों नेताओं के बीच लगभग 45 मिनट की मुलाकात तय की गई है।
सपा ने आजम खान के मुकदमों के बारे में क्या वादा किया है?
सपा प्रवक्ता फखरुल हसन चांद के अनुसार, यदि 2027 के विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो आजम खान पर दर्ज सभी मुकदमे वापस लिए जाएंगे। पार्टी को 2027 में सत्ता में आने का पूरा भरोसा है।
मुलाकात के दौरान किन मुद्दों पर बात होगी?
सपा प्रवक्ता के अनुसार अखिलेश यादव आजम खान के स्वास्थ्य का हाल लेने के साथ-साथ उन पर दर्ज मुकदमों, कथित एजेंसी दुरुपयोग और शिक्षण संस्थानों को गिराने के मसले पर चर्चा करेंगे।
कांग्रेस ने इस मुलाकात पर क्या कहा?
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इसे सकारात्मक बताया और कहा कि आजम खान सपा के बेहद वरिष्ठ नेता हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP सरकार आजम खान के साथ शत्रुतापूर्ण व्यवहार कर रही है।
आजम खान का यह मामला 2027 उत्तर प्रदेश चुनाव से कैसे जुड़ा है?
आजम खान रामपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सपा के प्रभावशाली नेता हैं। 2027 विधानसभा चुनाव से पहले अखिलेश यादव की यह मुलाकात पार्टी की एकजुटता और रामपुर क्षेत्र में अपना आधार मज़बूत करने की रणनीति के तौर पर देखी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 घंटा पहले
  2. 11 महीने पहले
  3. 11 महीने पहले
  4. 1 साल पहले
  5. 1 साल पहले
  6. 1 साल पहले
  7. 1 साल पहले
  8. 1 साल पहले