22 अक्टूबर 2026
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अखिलेश-आजम मुलाकात पर BJP का हमला: 'गुंडाराज की वापसी चाहती है सपा'

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अखिलेश-आजम मुलाकात पर BJP का हमला: 'गुंडाराज की वापसी चाहती है सपा'

सारांश

अखिलेश यादव की रामपुर जेल में आजम खान से मुलाकात ने उत्तर प्रदेश की सियासत में हलचल मचा दी है। BJP ने इसे 'माफिया राज की वापसी की कोशिश' बताया, जबकि कांग्रेस ने इसे पारिवारिक रिश्ता कहा। चुनावी तपिश में यह मुलाकात मुस्लिम मतदाता-समीकरण की एक अहम कड़ी मानी जा रही है।

मुख्य बातें

अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में बंद आजम खान से मुलाकात की।
बिहार BJP अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे 'माफिया और दंगा राज' को पुनर्जीवित करने की कोशिश बताया।
BJP नेता राम कदम ने अयोध्या सीट पर अखिलेश की 'चुप्पी' पर तंज कसा और उन पर जनाधार खोने का आरोप लगाया।
JDU प्रवक्ता राजीव रंजन ने दावा किया कि CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में NDA को 'एकतरफा बढ़त' मिल रही है।
कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने मुलाकात को 'पारिवारिक-भावनात्मक रिश्ता' बताकर BJP की आलोचना की।

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में बंद पार्टी के वरिष्ठ नेता आजम खान से मुलाकात करने पहुँचे। राजनीतिक विश्लेषक इस भेंट को मुस्लिम मतदाता-समीकरण को साधने की रणनीतिक कोशिश के रूप में देख रहे हैं। इस मुलाकात के साथ ही सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और उसके सहयोगियों ने सपा पर तीखे वार शुरू कर दिए हैं।

BJP का हमला: 'माफिया राज को पुनर्जीवित करने की कोशिश'

बिहार BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने पटना में कहा कि यह मुलाकात सपा के 'पुराने, बदहाल, माफिया और दंगा राज' को फिर से जिंदा करने की हताश कोशिश है। उन्होंने कहा, 'जब-जब चुनाव नजदीक आते हैं, समाजवादी पार्टी को अपने उन लोगों की याद आती है, जिनके दौर में उत्तर प्रदेश में कानून का राज नहीं बल्कि तुष्टिकरण और जमीनों पर अवैध कब्जे का राज चलता था।'

सरावगी ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सुशासन के साथ खड़ी उत्तर प्रदेश की जनता इन 'पुराने दागी चेहरों' के एकजुट होने से सपा की 'तय हार' नहीं टलने देगी। आजम खान के पिछले कार्यकाल पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि 'गुंडाराज, जंगलराज, माफिया राज और जमीन कब्जा' ही उनकी पहचान रही है।

मुंबई से BJP नेता राम कदम का निशाना

मुंबई में BJP नेता राम कदम ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले वे 'पूरी तरह भ्रम में हैं।' अयोध्या सीट को लेकर उन्होंने कहा कि अखिलेश ने पहले चुनाव लड़ने की बात कही, लेकिन जब CM योगी ने खुद अयोध्या से उनके सामने लड़ने की चुनौती स्वीकार की, तो 'एक माह बाद भी अखिलेश की चुप्पी नहीं टूटी।'

कदम ने कहा कि यही डर अखिलेश यादव की 'बिगड़ती हुई भाषा' का कारण है — 'कभी चवन्नी कहते हैं, कभी पिछड़ों को लेकर गलत टिप्पणी करते हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि जनाधार समाप्त होते देख अखिलेश जेल में बंद आजम खान से मिलकर 'किसी एक खास तबके को खुश करने का प्रयास' कर रहे हैं।

JDU का रुख: NDA की 'एकतरफा बढ़त' का दावा

जनता दल (यूनाइटेड) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने पटना में कहा कि उत्तर प्रदेश में 'कुछ भी बदलने नहीं जा रहा' और NDA गठबंधन की सत्ता में वापसी तय है। उन्होंने कहा, 'जनता अखिलेश यादव की राजनीति में विकास को दूर-दूर तक नहीं देखती।' राजीव रंजन ने दावा किया कि CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में NDA को 'एकतरफा बढ़त' मिलती दिख रही है और अगली सरकार उन्हीं के नेतृत्व में बनेगी।

कांग्रेस का बचाव: 'पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ता'

लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने इस मुलाकात को 'पारिवारिक और भावनात्मक रिश्ता' करार दिया। उन्होंने कहा, 'आजम खान मुलायम सिंह यादव के साथी हैं, अखिलेश यादव अपने घर के चाचा से मिलने जा रहे हैं — यह पिता-पुत्र जैसा संबंध है।'

राजपूत ने BJP सरकार पर आजम खान के 'उत्पीड़न' का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें 'मुर्गी चोर और किताब चोर' बताया जा रहा है, जो 'दुर्भाग्यपूर्ण' है। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव इस उत्पीड़न के विरुद्ध आजम खान को 'मानसिक संबल' देने जा रहे हैं और ऐसी मुलाकातें 'इस सरकार के अहंकार और दमनकारी शासन का अंत करने' में मददगार होंगी।

राजनीतिक संदर्भ: चुनाव से पहले ध्रुवीकरण की आशंका

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ तेज हो रही हैं। आजम खान कई आपराधिक मामलों में रामपुर जेल में बंद हैं। गौरतलब है कि चुनावी मौसम में ऐसी जेल मुलाकातें अक्सर सियासी संदेश देने का ज़रिया बन जाती हैं। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या सपा इस मुलाकात को किसी बड़ी चुनावी रणनीति से जोड़ती है या यह केवल व्यक्तिगत संबंध निभाने तक सीमित रहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह इस बात का संकेत है कि सत्तारूढ़ दल स्वयं इसे चुनावी दृष्टि से महत्वपूर्ण मानता है। दिलचस्प यह है कि 'गुंडाराज' की शब्दावली हर चुनाव से पहले दोहराई जाती है, लेकिन सपा का मुस्लिम-यादव समीकरण अभी भी NDA के लिए एक असुविधाजनक वास्तविकता है। दूसरी ओर, जेल में बंद किसी नेता से मुलाकात को 'रणनीतिक' या 'पारिवारिक' — दोनों में से किसी एक रूप में प्रस्तुत करना राजनीतिक मजबूरी और कमज़ोरी, दोनों को एक साथ उजागर करता है। असली प्रश्न यह है कि क्या यह भेंट मतदाताओं के बीच सहानुभूति जगाएगी या विरोधियों को और प्रभावी हथियार देगी।
RashtraPress
22 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अखिलेश यादव आजम खान से क्यों मिलने गए?
अखिलेश यादव रामपुर जेल में बंद सपा नेता आजम खान से 22 अक्टूबर 2026 को मिले। कांग्रेस ने इसे पारिवारिक-भावनात्मक रिश्ता बताया, जबकि राजनीतिक विश्लेषक इसे मुस्लिम मतदाता-समीकरण साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं।
BJP ने इस मुलाकात पर क्या आरोप लगाए?
BJP के प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इसे 'माफिया और दंगा राज' को पुनर्जीवित करने की कोशिश बताया। BJP नेता राम कदम ने कहा कि अखिलेश यादव जनाधार खोने के बाद 'खास तबके को खुश करने का प्रयास' कर रहे हैं।
JDU ने इस मुलाकात पर क्या कहा?
JDU के राष्ट्रीय प्रवक्ता राजीव रंजन ने कहा कि उत्तर प्रदेश में कुछ नहीं बदलेगा और CM योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में NDA को एकतरफा बढ़त मिलती दिख रही है। उन्होंने सपा की रणनीति को 'भ्रम' करार दिया।
कांग्रेस ने BJP के आरोपों पर क्या जवाब दिया?
लखनऊ में कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने मुलाकात को 'पिता-पुत्र जैसा पारिवारिक रिश्ता' बताया और BJP सरकार पर आजम खान के उत्पीड़न का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उन्हें मानसिक संबल देने गए हैं।
आजम खान इस समय जेल में क्यों हैं?
आजम खान रामपुर जेल में कई आपराधिक मामलों के सिलसिले में बंद हैं। उनके समर्थक इन मामलों को राजनीतिक उत्पीड़न बताते हैं, जबकि BJP इन्हें कानूनी कार्रवाई का हिस्सा मानती है।
राष्ट्र प्रेस
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