अखिलेश यादव ने रामपुर जेल में आजम खान से की मुलाकात, बोले — 'आजम थे, हैं और रहेंगे'
सारांश
मुख्य बातें
समाजवादी पार्टी (एसपी) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 22 अक्टूबर 2026 को रामपुर जेल में पार्टी के महासचिव और संस्थापक सदस्य आजम खान से मुलाकात की और स्पष्ट संकेत दिया कि आजम खान समाजवादी पार्टी के लिए अपरिहार्य हैं। मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश ने कहा, "आजम थे, आजम हैं और आजम रहेंगे।" दोनों नेताओं के बीच 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर विस्तृत रणनीतिक चर्चा भी हुई।
मुलाकात में क्या हुई बातचीत
अखिलेश यादव ने बताया कि जेल में हुई मुलाकात में सहयोगी दलों की एक सूची तैयार की गई और उस पर विमर्श हुआ। उन्होंने कहा, "हमारी लंबी बातचीत हुई। चुनाव को लेकर हमारे सहयोगी दलों की एक सूची तैयार की गई है और उस पर चर्चा के बाद मैं वह सूची अपने साथ लेकर आया हूं।" इससे स्पष्ट है कि समाजवादी पार्टी 2027 के चुनावों की तैयारी जेल की दीवारों के पार से भी जारी रखे हुए है।
अखिलेश का भाजपा पर हमला
अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर सीधा आरोप लगाया कि आजम खान के खिलाफ झूठे मुकदमे दर्ज करवाए गए और उन्हें कई साल जेल में बिताने पर मजबूर किया गया। उन्होंने कहा, "इस अन्याय का जिम्मेदार कौन है? उनके खिलाफ झूठे मामले दर्ज किए गए। उन्होंने इतने साल जेल में बिताए। सच यह है कि भारतीय जनता पार्टी को शिक्षा और ज्ञान से कोई मतलब नहीं है।" उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि BJP नेताओं ने भ्रष्ट अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया है।
परिवार पर सबसे अधिक अन्याय का दावा
अखिलेश यादव ने भावनात्मक स्वर में कहा कि किसी भी राजनीतिक परिवार ने उतना अन्याय नहीं झेला जितना आजम खान के परिवार ने। उन्होंने कहा, "झूठे मुकदमों में इतनी ताकत नहीं होती कि किसी को हमेशा जेल में रखा जा सके। समय लग सकता है, देर हो सकती है, लेकिन झूठ सच को हमेशा के लिए कैद नहीं कर सकता।" गौरतलब है कि आजम खान लंबे समय से रामपुर की राजनीति के केंद्र में रहे हैं और उनकी अनुपस्थिति में पार्टी को इस क्षेत्र में चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
रामपुर और 'रामराज्य' की राजनीति
रामपुर की स्थिति पर तीखी टिप्पणी करते हुए अखिलेश यादव ने कहा, "रामपुर का नाम भगवान राम से जुड़ा है लेकिन यहां रामराज्य की भावना का गला घोंटा जा रहा है और उसे खत्म किया जा रहा है।" उन्होंने यह भी जोड़ा कि रामपुर की जनता से समाजवादी पार्टी का रिश्ता केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि भावनात्मक भी है।
2027 चुनाव की तैयारी और एसपी का संकल्प
अखिलेश यादव ने 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले अपने हमले और तेज करते हुए कहा, "समाजवादी पार्टी का लक्ष्य साफ है — भाजपा को हराना। पार्टी का हर कार्यकर्ता इस उद्देश्य के लिए काम करने को तैयार है। उत्तर प्रदेश की जनता भाजपा को राज्य की राजनीति से हमेशा के लिए बाहर कर देगी।" यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में चुनावी माहौल तेज होने लगा है और विपक्षी दल गठबंधन को अंतिम रूप देने में जुटे हैं।