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चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने जर्मन राष्ट्रपति स्टीनमीयर से की मुलाकात, मुक्त व्यापार पर दिया ज़ोर

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चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने जर्मन राष्ट्रपति स्टीनमीयर से की मुलाकात, मुक्त व्यापार पर दिया ज़ोर

सारांश

एकतरफ़ावाद और संरक्षणवाद के बढ़ते दौर में चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग और जर्मन राष्ट्रपति स्टीनमीयर ने बीजिंग में मुलाकात कर मुक्त व्यापार और रणनीतिक साझेदारी को मज़बूत करने का संकल्प लिया। ऑटो, AI और हरित ऊर्जा क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर सहमति बनी।

मुख्य बातें

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 30 अक्टूबर 2026 को बीजिंग में जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर से मुलाकात की।
ली छ्यांग ने एकतरफ़ावाद और संरक्षणवाद के विरुद्ध मुक्त व्यापार की रक्षा पर बल दिया।
चीन ने ऑटो, रसायन, AI, डिजिटल और हरित क्षेत्रों में जर्मनी के साथ सहयोग विस्तार की तत्परता जताई।
चीन ने जर्मनी से चीनी उद्यमों के लिए न्यायपूर्ण और स्थिर वाणिज्यिक वातावरण सुनिश्चित करने की अपेक्षा रखी।
स्टीनमीयर ने कहा कि दोनों देशों का सहयोग विश्व के लिए भी महत्वपूर्ण है।

चीनी प्रधानमंत्री ली छ्यांग ने 30 अक्टूबर 2026 को बीजिंग स्थित पेइचिंग जन बृहद भवन में जर्मनी के राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर से मुलाकात की, जो राजकीय यात्रा पर चीन आए हुए थे। इस बैठक में दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों को और गहरा करने तथा वैश्विक मुक्त व्यापार की रक्षा पर विशेष बल दिया। यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब दुनियाभर में एकतरफ़ावाद और संरक्षणवाद की प्रवृत्तियाँ तेज़ी से बढ़ रही हैं।

मुख्य बातें और प्रमुख संदेश

ली छ्यांग ने बैठक में कहा कि दोनों देशों की साझा कोशिशों से चीन-जर्मनी सहयोग सक्रिय रूप से आगे बढ़ रहा है और इससे दोनों देशों की जनता के लिए ठोस लाभ हुए हैं। उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों में चीन और जर्मनी को मिलकर मुक्त व्यापार की रक्षा करनी चाहिए और खुलेपन व सहयोग की भावना को और मज़बूत बनाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि दोनों देशों की चौतरफा रणनीतिक साझेदारी को निरंतर आगे बढ़ाने के लिए आपसी जवाबदेही सुनिश्चित करना आवश्यक है।

आर्थिक सहयोग के नए क्षितिज

ली छ्यांग ने स्पष्ट किया कि चीन ऑटोमोबाइल, रसायन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डिजिटल तथा हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जर्मनी के साथ सहयोग का विस्तार करने को तैयार है। उन्होंने कहा कि चीन अधिक से अधिक श्रेष्ठ जर्मन वस्तुओं का आयात करना चाहता है और जर्मन उद्योग का चीनी बाज़ार में सक्रिय भागीदारी के लिए स्वागत है।

इसके साथ ही उन्होंने उम्मीद जताई कि जर्मन पक्ष चीनी उद्यमों के लिए न्यायपूर्ण, स्थिर और अनुमानित वाणिज्यिक वातावरण सुनिश्चित करेगा, ताकि चीनी कंपनियाँ जर्मनी में निवेश कर सकें।

जर्मन राष्ट्रपति की प्रतिक्रिया

राष्ट्रपति स्टीनमीयर ने चीन की आर्थिक व सामाजिक प्रगति और तकनीकी विकास की सराहना की। उन्होंने कहा कि जर्मनी और चीन के बीच लंबे समय से मज़बूत साझेदारी कायम है और दोनों देशों का आर्थिक व व्यापारिक सहयोग पारस्परिक रूप से लाभकारी रहा है। स्टीनमीयर के अनुसार, दोनों देशों के उद्यमों का आपसी सहयोग न केवल दोनों देशों, बल्कि समूची वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है।

व्यापक संदर्भ और महत्व

गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब यूरोप और चीन के बीच व्यापार तनाव तथा इलेक्ट्रिक वाहनों पर यूरोपीय संघ के शुल्क विवाद जैसे मुद्दे सामने हैं। ऐसे में दोनों नेताओं का मुक्त व्यापार और खुले बाज़ार पर साझा बयान कूटनीतिक दृष्टि से उल्लेखनीय है। यह वार्ता दोनों देशों के बीच चौतरफा रणनीतिक साझेदारी को और ठोस आधार देने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

आगे चलकर इस बैठक के नतीजे व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग के नए समझौतों का रास्ता खोल सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल सवाल यह है कि चीन जर्मन उद्यमों को 'न्यायपूर्ण वातावरण' कैसे सुनिश्चित करेगा — वही वातावरण जिसकी माँग यूरोपीय उद्योग वर्षों से कर रहा है। बीजिंग का AI और हरित ऊर्जा में सहयोग का प्रस्ताव आकर्षक है, परंतु जर्मनी की घरेलू राजनीति और EU की व्यापार नीति इसे जटिल बनाती है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ली छ्यांग और स्टीनमीयर की बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 30 अक्टूबर 2026 को बीजिंग स्थित पेइचिंग जन बृहद भवन में हुई, जब जर्मन राष्ट्रपति फ्रैंक-वाल्टर स्टीनमीयर राजकीय यात्रा पर चीन आए थे।
इस बैठक में किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
दोनों नेताओं ने मुक्त व्यापार की रक्षा, एकतरफ़ावाद के विरुद्ध सहयोग, तथा ऑटो, रसायन, AI, डिजिटल और हरित क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग विस्तार पर चर्चा की। चीन-जर्मनी चौतरफा रणनीतिक साझेदारी को निरंतर प्रगति देने पर भी सहमति बनी।
चीन ने जर्मनी से क्या अपेक्षाएँ रखीं?
ली छ्यांग ने उम्मीद जताई कि जर्मनी चीनी उद्यमों के लिए न्यायपूर्ण, स्थिर और अनुमानित वाणिज्यिक वातावरण प्रदान करेगा ताकि चीनी कंपनियाँ जर्मनी में निवेश कर सकें। इसके साथ ही चीन ने अधिक श्रेष्ठ जर्मन वस्तुओं का आयात करने की इच्छा भी व्यक्त की।
जर्मन राष्ट्रपति स्टीनमीयर ने इस बैठक में क्या कहा?
स्टीनमीयर ने चीन की आर्थिक, सामाजिक और तकनीकी प्रगति की सराहना की और कहा कि दोनों देशों के उद्यमों का सहयोग न केवल जर्मनी और चीन, बल्कि विश्व के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
यह बैठक वैश्विक संदर्भ में क्यों महत्वपूर्ण है?
यह वार्ता ऐसे समय में हुई जब दुनियाभर में एकतरफ़ावाद और संरक्षणवाद बढ़ रहे हैं और यूरोप-चीन व्यापार तनाव चरम पर है। दोनों बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का मुक्त व्यापार के पक्ष में साझा संदेश वैश्विक व्यापार नीति पर असर डाल सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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