31 अक्टूबर 2026
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गोरखपुर में STF की बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर गिरफ्तार, दो .32 बोर पिस्टल बरामद

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गोरखपुर में STF की बड़ी कार्रवाई: अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर गिरफ्तार, दो .32 बोर पिस्टल बरामद

सारांश

UP STF ने गोरखपुर में एक अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी गिरोह के सदस्य देवेन्द्र सक्सेना को गिरफ्तार किया। मध्य प्रदेश-हरियाणा से संचालित इस गिरोह के खिलाफ सितंबर-अक्टूबर 2026 में भी कार्रवाई हो चुकी है। अब तक कुल सात सदस्य और नौ पिस्टल पकड़ी जा चुकी हैं।

मुख्य बातें

UP STF ने गोरखपुर के कौवाबाग अंडरपास के पास अंतर्राज्यीय हथियार तस्कर देवेन्द्र सक्सेना उर्फ बिट्टू इन्दौरी को गिरफ्तार किया।
आरोपी के कब्जे से दो .32 बोर पिस्टल , दो मैगजीन और एक कारतूस बरामद हुए।
गिरोह मध्य प्रदेश के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से संचालित होकर पूर्वांचल के चार जिलों में हथियार सप्लाई करता था।
आरोपी ₹15,000–₹30,000 में हथियार खरीदकर ₹35,000–₹40,000 में बेचता था; प्रति हथियार ₹20,000–₹30,000 का मुनाफा।
इससे पहले 14-15 सितंबर 2026 को पाँच और 5 अक्टूबर 2026 को एक सदस्य गिरफ्तार हो चुका है।
आरोपी के खिलाफ मुंबई के डीएन नगर थाने में भी आर्म्स एक्ट का मुकदमा पहले से दर्ज है।

उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने शनिवार शाम करीब 7:15 बजे गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कौवाबाग अंडरपास के निकट से एक अंतर्राज्यीय अवैध हथियार तस्करी गिरोह के सदस्य को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से दो .32 बोर पिस्टल, दो मैगजीन और एक कारतूस बरामद किया गया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश और हरियाणा से संचालित होकर पूर्वांचल के कई जिलों में अवैध हथियारों की आपूर्ति करता था।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान और पृष्ठभूमि

गिरफ्तार आरोपी की पहचान बिट्टू इन्दौरी उर्फ देवेन्द्र सक्सेना के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के इंदौर का निवासी है। STF के अनुसार आरोपी पिछले चार से पाँच वर्षों से अवैध हथियार तस्करी के धंधे में सक्रिय था और उसके खिलाफ पहले से आपराधिक मामले दर्ज हैं।

पूछताछ में देवेन्द्र सक्सेना ने बताया कि वह पहले चार पहिया वाहन चालक था। एक सड़क दुर्घटना में व्यक्ति की मौत के बाद उस पर मामला दर्ज हुआ और वह जेल गया। मध्य प्रदेश की सेंधवा जेल में उसकी मुलाकात हथियार तस्करी के आरोपी श्रेयांश यादव से हुई, जिसके बाद वह इस अपराध-जगत में खिंचता चला गया।

गिरोह का नेटवर्क और संचालन

जाँच में सामने आया है कि यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से संचालित होता था। गिरोह के सदस्य पूर्वांचल के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज जिलों में सक्रिय थे।

आरोपी के अनुसार वह स्थानीय कारीगरों से ₹15,000 से ₹30,000 में अवैध हथियार खरीदकर उन्हें ₹35,000 से ₹40,000 में आगे बेचता था। गोरखपुर तक हथियार पहुँचाने के लिए वह अलग से ₹10,000 वसूलता था। प्रत्येक हथियार पर गिरोह को ₹20,000 से ₹30,000 तक का मुनाफा होता था। स्थानीय लोगों को नेटवर्क में शामिल कर आपूर्ति श्रृंखला बनाई गई थी।

इस बार की गिरफ्तारी रणधीर यादव की माँग पर हथियार पहुँचाने के दौरान हुई, जब STF ने आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया।

पूर्व में भी हो चुकी हैं गिरफ्तारियाँ

STF के अनुसार यह इस गिरोह के खिलाफ पहली कार्रवाई नहीं है। 14-15 सितंबर 2026 को गिरोह के पाँच सदस्यों को पाँच पिस्टलों सहित गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद 5 अक्टूबर 2026 को एक अन्य सदस्य को दो पिस्टलों के साथ पकड़ा गया था।

गौरतलब है कि लगातार की जा रही इन गिरफ्तारियों के बाद ही पूर्वांचल में गिरोह का नेटवर्क कमजोर पड़ा था — और इसी कमज़ोर नेटवर्क की भरपाई करने की कोशिश में आरोपी देवेन्द्र सक्सेना गोरखपुर पहुँचा था।

कानूनी स्थिति और आगे की जाँच

आरोपी के खिलाफ महाराष्ट्र के मुंबई स्थित डीएन नगर थाने में भी आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मुकदमा पहले से दर्ज है। वर्तमान गिरफ्तारी में उसे कैंट थाने में दर्ज मुकदमे में दाखिल किया गया है।

यह कार्रवाई पुलिस उपाधीक्षक धर्मेश कुमार शाही के पर्यवेक्षण और निरीक्षक सत्य प्रकाश सिंह के नेतृत्व में STF फील्ड यूनिट गोरखपुर की टीम ने की। कैंट थाना पुलिस ने भी अभियान में सहयोग दिया। पुलिस अब गिरोह के शेष सदस्यों और नेटवर्क की अन्य कड़ियों का पता लगाने में जुटी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो दर्शाता है कि STF के पास इस नेटवर्क की विश्वसनीय खुफिया जानकारी है। असली सवाल यह है कि जेल के भीतर बनने वाले इन आपराधिक संपर्कों — जैसा सेंधवा जेल में श्रेयांश यादव के साथ हुआ — को रोकने के लिए क्या तंत्र मौजूद है। हथियार तस्करी के नेटवर्क जब जेल की दीवारों के भीतर पनपते हैं, तो यह कानून-व्यवस्था की नहीं, बल्कि जेल प्रशासन की विफलता का भी सवाल बन जाता है — जिस पर मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ध्यान नहीं देती।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोरखपुर में STF ने किसे और कहाँ से गिरफ्तार किया?
STF ने गोरखपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित कौवाबाग अंडरपास के पास से देवेन्द्र सक्सेना उर्फ बिट्टू इन्दौरी को गिरफ्तार किया। वह मध्य प्रदेश के इंदौर का निवासी है और अंतर्राज्यीय हथियार तस्करी गिरोह का सदस्य बताया गया है।
आरोपी के पास से क्या बरामद हुआ?
आरोपी के कब्जे से दो .32 बोर पिस्टल, दो मैगजीन और एक .32 बोर का कारतूस बरामद किया गया। गिरफ्तारी शनिवार शाम करीब 7:15 बजे हुई।
यह हथियार तस्करी गिरोह कहाँ से संचालित होता था?
जाँच के अनुसार यह गिरोह मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के सेंधवा और हरियाणा के सोनीपत से संचालित होता था। गिरोह के सदस्य पूर्वांचल के गोरखपुर, कुशीनगर, देवरिया और महाराजगंज जिलों में सक्रिय थे।
देवेन्द्र सक्सेना हथियार तस्करी में कैसे शामिल हुआ?
पूछताछ के अनुसार देवेन्द्र सक्सेना पहले वाहन चालक था। एक सड़क दुर्घटना में मौत के मामले में जेल जाने के बाद मध्य प्रदेश की सेंधवा जेल में उसकी मुलाकात हथियार तस्कर श्रेयांश यादव से हुई, जिसके बाद वह इस धंधे से जुड़ गया।
इस गिरोह के खिलाफ पहले कब कार्रवाई हुई थी?
STF के अनुसार 14-15 सितंबर 2026 को गिरोह के पाँच सदस्यों को पाँच पिस्टलों सहित और 5 अक्टूबर 2026 को एक अन्य सदस्य को दो पिस्टलों के साथ गिरफ्तार किया गया था। ताज़ा गिरफ्तारी के साथ अब तक कुल सात सदस्य पकड़े जा चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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