मध्य प्रदेश में अवैध हथियार तस्करी पर बड़ी कार्रवाई: 4 जिलों में 10 गिरफ्तार, 31 हथियार जब्त
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश पुलिस ने 12 अगस्त 2026 को अवैध हथियारों के निर्माण, तस्करी और खरीद-बिक्री के खिलाफ चलाई गई राज्यव्यापी मुहिम में 4 जिलों — बुरहानपुर, खरगोन, इंदौर और सागर — से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 31 अवैध हथियार बरामद किए। पुलिस के आधिकारिक बयान के अनुसार यह कार्रवाई समन्वित ढंग से एक ही दिन में अंजाम दी गई।
बुरहानपुर: जंगल में छुपा था हथियारों का जखीरा
बुरहानपुर पुलिस की थाना खकनार टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि साईबाबा स्कूल के पीछे जंगल में एक व्यक्ति अवैध हथियार लेकर बैठा है। तत्काल घेराबंदी कर दबिश दी गई और आरोपी को मौके से गिरफ्तार किया गया। तलाशी में उसके कब्जे से 13 हस्तनिर्मित देशी पिस्टल, 1 खाली मैगजीन, 45 जिंदा कारतूस और हथियार ढोने में इस्तेमाल 1 मोटरसाइकिल बरामद हुई। जब्त संपत्ति का कुल मूल्य ₹4 लाख 72 हजार आँका गया है।
खरगोन: वाहन तलाशी में मिलीं 10 देशी पिस्टल
खरगोन पुलिस की थाना बिस्टान टीम ने अवैध फायर आर्म्स तस्करी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वाहन की तलाशी में 10 अवैध देशी पिस्टल मिलीं। पूछताछ में दोनों के पास हथियार रखने का कोई वैध लाइसेंस या दस्तावेज नहीं पाया गया। हथियारों के परिवहन में प्रयुक्त स्कॉर्पियो वाहन, जिसकी कीमत लगभग ₹15 लाख है, भी जब्त कर लिया गया।
इंदौर और सागर में भी छापेमारी, नेटवर्क का खुलासा
इंदौर पुलिस की थाना राऊ टीम ने 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया और उनके कब्जे से 4 पिस्टल, 1 रिवॉल्वर तथा 4 जिंदा कारतूस बरामद किए। सागर पुलिस ने थाना कैंट क्षेत्र में अवैध हथियार निर्माण एवं सप्लाई की कड़ी का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 1 देशी कट्टा, 1 देशी रिवॉल्वर, 1 देशी पिस्टल और 3 जिंदा कारतूस मिले।
अभियान की व्यापकता और संदर्भ
यह कार्रवाई ऐसे समय में आई है जब मध्य प्रदेश पुलिस राज्य में अवैध हथियारों की आपूर्ति शृंखला को तोड़ने के लिए लगातार अभियान चला रही है। गौरतलब है कि बुरहानपुर और खरगोन जिले पड़ोसी राज्यों से लगती सीमाओं के कारण हथियार तस्करी के संवेदनशील रूट माने जाते हैं। सागर में निर्माण नेटवर्क का खुलासा यह संकेत देता है कि आपूर्ति शृंखला केवल तस्करी तक सीमित नहीं, बल्कि स्थानीय उत्पादन भी इसका हिस्सा है।
आगे की कार्रवाई
सभी गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ शस्त्र अधिनियम के तहत मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पूछताछ जारी है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। राज्य में यह मुहिम आगे भी जारी रहेगी।