31 अक्टूबर 2026
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बिहार MLC चुनाव: निर्दलीय जीते राहुल राज और बंशीधर बृजवासी BJP में शामिल, शिक्षकों के हित में लिया फैसला

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बिहार MLC चुनाव: निर्दलीय जीते राहुल राज और बंशीधर बृजवासी BJP में शामिल, शिक्षकों के हित में लिया फैसला

सारांश

बिहार विधान परिषद में निर्दलीय जीते दो नए एमएलसी — राहुल राज और बंशीधर बृजवासी — ने BJP का दामन थाम लिया। शिक्षकों की माँगें पूरी कराने का हवाला देकर लिया गया यह फैसला बिहार की राजनीति में सत्तारूढ़ गठबंधन की पकड़ और मज़बूत करता है।

मुख्य बातें

निर्दलीय नवनिर्वाचित एमएलसी राहुल राज (सारण शिक्षक क्षेत्र) और बंशीधर बृजवासी (तिरहुत स्नातक क्षेत्र) ने 31 अक्टूबर को BJP की सदस्यता ग्रहण की।
BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दोनों को पट्टा पहनाकर स्वागत किया; मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी मौजूद रहे।
राहुल राज ने कहा कि उन्होंने 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों में पार्टी के फैसले का सम्मान करते हुए प्रत्याशी नहीं बने।
मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की माँगों को न्यायसंगत बताते हुए सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान सहित एक-एक माँग पूरी करने का आश्वासन दिया।
बृजवासी ने स्पष्ट किया कि शिक्षकों का हित सुनिश्चित करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करना ज़रूरी था, इसलिए BJP में शामिल हुए।

बिहार विधान परिषद के हालिया चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज करने वाले नवनिर्वाचित विधान पार्षद राहुल राज और बंशीधर बृजवासी ने शनिवार, 31 अक्टूबर को पटना स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यालय में आयोजित विधानमंडल दल की बैठक में भाग लिया। इस बैठक के साथ ही दोनों ने औपचारिक रूप से BJP की सदस्यता ग्रहण कर ली। बैठक में बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी भी उपस्थित रहे।

BJP में स्वागत और सदस्यता

बैठक से पूर्व BJP प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने दोनों नवनिर्वाचित एमएलसी का स्वागत किया और उन्हें BJP का पट्टा पहनाकर सम्मानित किया। यह क्षण राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, क्योंकि दोनों ने बिना किसी दल के समर्थन के चुनाव जीता था और अब सत्तारूढ़ गठबंधन के साथ खड़े हो गए हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की इस अवसर पर उपस्थिति ने संकेत दिया कि सरकार ने दोनों को महत्व दिया है।

राहुल राज का पक्ष: कम्युनिस्ट प्रत्याशी को हराया, परिवार से नाता नहीं टूटा

सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी राहुल राज ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि उन्होंने किसी BJP-JDU प्रत्याशी को नहीं, बल्कि एक कम्युनिस्ट प्रत्याशी को हराया है। उन्होंने बताया कि पिछले चुनाव में कम्युनिस्ट पार्टी की ओर से चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवार ने महज 10-15 दिन पहले पार्टी छोड़कर जनता दल (यूनाइटेड) की सदस्यता ली थी, जिसे कार्यकर्ताओं के लिए स्वीकार करना कठिन था।

राहुल राज ने कहा कि यदि BJP-JDU परिवार का कोई प्रत्याशी मैदान में होता, तो वह उसका समर्थन करते। उन्होंने 2020 और 2025 के विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए बताया कि उन्होंने पार्टी के निर्णय का सम्मान करते हुए उन चुनावों में प्रत्याशी नहीं बने। उनके शब्दों में, 'वह पहले भी इसी परिवार में थे, आज भी हैं और भविष्य में भी रहेंगे।'

शिक्षकों की माँगें और मुख्यमंत्री का आश्वासन

राहुल राज ने बताया कि शिक्षकों की माँगों को लेकर सांसद राजीव प्रताप रूडी के साथ मुख्यमंत्री से मुलाकात हो चुकी है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की माँगों को न्यायसंगत बताते हुए उन्हें एक-एक कर पूरा करने का आश्वासन दिया है। राहुल राज ने यह भी कहा कि शिक्षकों को सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान दिलाने की बात BJP ने की है और वह शिक्षा मंत्री से मिलकर लंबित माँगों को पूरा कराने का प्रयास जारी रखेंगे।

बंशीधर बृजवासी: शिक्षकों के हित में BJP के साथ

तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी बंशीधर बृजवासी ने कहा कि वह शिक्षकों के मुद्दों को लेकर चुनाव जीते हैं, न कि सियासत के लिए। उनका तर्क था कि अकेले निर्दलीय रहकर सदन में आवाज़ उठाई जा सकती है, लेकिन शिक्षकों का हित पूरा करने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से उन्होंने BJP की सदस्यता ली है।

बृजवासी ने बताया कि मुख्यमंत्री ने शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के साथ बैठक कराने का आश्वासन दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शिक्षकों के हित में आवाज़ उठाना उनकी प्रकृति है और वह भविष्य में भी यह काम जारी रखेंगे। सरकार द्वारा जिन मुद्दों पर पहल का भरोसा दिया गया है, उन्हें पूरा कराने के लिए वह निरंतर प्रयासरत रहेंगे।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की राह

गौरतलब है कि बिहार विधान परिषद की आठ सीटों पर हुए इस चुनाव में दोनों ने निर्दलीय रहते हुए जीत हासिल की थी, जो अपने आप में उल्लेखनीय रहा। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ भी पृष्ठभूमि में चल रही हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी स्थिति मज़बूत करने में जुटा है। दोनों एमएलसी का BJP में आना गठबंधन के लिए संख्यात्मक और प्रतीकात्मक — दोनों दृष्टियों से लाभकारी माना जा रहा है। अब देखना यह होगा कि शिक्षकों को दिए गए आश्वासन किस गति से धरातल पर उतरते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो इसे सामान्य दलबदल से अलग दिखाता है। असली कसौटी यह होगी कि क्या सातवें वेतन आयोग का वेतनमान और अधिकारियों के साथ वादा की गई बैठकें वास्तव में समयबद्ध तरीके से होती हैं। इतिहास बताता है कि ऐसे आश्वासन अक्सर चुनावी गणित के बाद धीमे पड़ जाते हैं। दोनों एमएलसी के लिए यह भी परीक्षा है कि क्या वे BJP की छत्रछाया में रहते हुए शिक्षकों की आवाज़ बने रहते हैं या दलीय अनुशासन उस आवाज़ को मद्धिम कर देता है।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल राज और बंशीधर बृजवासी कौन हैं?
राहुल राज और बंशीधर बृजवासी बिहार विधान परिषद के नवनिर्वाचित सदस्य (एमएलसी) हैं, जिन्होंने हाल ही में हुए चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत दर्ज की। राहुल राज सारण शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से और बंशीधर बृजवासी तिरहुत स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से विजयी हुए।
दोनों निर्दलीय एमएलसी ने BJP क्यों जॉइन की?
दोनों ने शिक्षकों की लंबित माँगें पूरी कराने के लिए सरकार के साथ मिलकर काम करने की आवश्यकता बताते हुए BJP की सदस्यता ली। बंशीधर बृजवासी ने कहा कि अकेले निर्दलीय रहकर सदन में आवाज़ उठाई जा सकती है, लेकिन शिक्षकों का वास्तविक हित सरकार के साथ मिलकर ही सुनिश्चित किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की किन माँगों पर आश्वासन दिया है?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षकों की माँगों को न्यायसंगत बताते हुए सातवें वेतन आयोग के अनुरूप वेतनमान देने सहित लंबित माँगों को एक-एक कर पूरा करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने अधिकारियों के साथ बैठक कराने का भी भरोसा दिलाया है।
राहुल राज ने BJP-JDU के खिलाफ चुनाव क्यों लड़ा?
राहुल राज ने स्पष्ट किया कि उन्होंने BJP-JDU प्रत्याशी के खिलाफ नहीं, बल्कि एक कम्युनिस्ट प्रत्याशी के खिलाफ चुनाव लड़ा। उनके अनुसार, उस प्रत्याशी ने मात्र 10-15 दिन पहले कम्युनिस्ट पार्टी छोड़कर JDU की सदस्यता ली थी, जिसे कार्यकर्ताओं के लिए स्वीकार करना कठिन था।
बिहार विधान परिषद के इस चुनाव में कितनी सीटें थीं?
बिहार विधान परिषद की कुल आठ सीटों पर यह चुनाव हुआ, जिसमें राहुल राज और बंशीधर बृजवासी ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की और बाद में BJP में शामिल हो गए।
राष्ट्र प्रेस
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