10 अगस्त 2026
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बिहार विधान परिषद: पवन सिंह समेत सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, निशांत कुमार बने एमएलसी

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बिहार विधान परिषद: पवन सिंह समेत सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, निशांत कुमार बने एमएलसी

सारांश

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर NDA और RJD के सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हो गए। भोजपुरी स्टार पवन सिंह BJP से एमएलसी बने, जबकि RJD में सुनील सिंह के टिकट पर लालू परिवार सहित पार्टी के भीतर विरोध उठ खड़ा हुआ है।

मुख्य बातें

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर सभी उम्मीदवार 11 जून 2026 को निर्विरोध निर्वाचित घोषित।
NDA के 9 और RJD के 1 उम्मीदवार विजयी; भोजपुरी स्टार पवन सिंह BJP से एमएलसी बने।
JDU से निशांत कुमार , भारती मेहता , शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद निर्वाचित।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा को कोई सीट नहीं; मंत्री दीपक प्रकाश के पद पर संवैधानिक संकट का खतरा।
RJD में सुनील सिंह के टिकट पर तेज प्रताप यादव , रोहिणी आचार्या और पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने विरोध जताया।

बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव और एक सीट पर हुए उपचुनाव में 11 जून 2026 को सभी 10 उम्मीदवारों को निर्विरोध विजयी घोषित कर दिया गया। भोजपुरी सिनेमा के चर्चित गायक एवं अभिनेता पवन सिंह सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नौ और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक प्रत्याशी ने बिना किसी प्रतिद्वंद्विता के जीत दर्ज की। नाम वापसी की अंतिम तिथि बीतने के बाद निर्वाचन अधिकारियों ने सभी को विजयी घोषित किया।

निर्वाचन का पूरा घटनाक्रम

विधान परिषद की विधानसभा कोटे वाली 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई एक सीट पर उपचुनाव हुआ। सोमवार को कुल 10 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था — नौ सीटों पर NDA और एक सीट पर RJD की ओर से पर्चा भरा गया। गुरुवार को नाम वापसी की अवधि समाप्त होने के बाद सभी को निर्विरोध विजयी घोषित किया गया।

नवनिर्वाचित एमएलसी की सूची

जनता दल (युनाइटेड) (JDU) से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद विजयी घोषित किए गए। भारतीय जनता पार्टी (BJP) से भोजपुरी स्टार पवन सिंह, संजय प्रकाश, मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित एमएलसी चुने गए। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अशरफ अंसारी और RJD के सुनील सिंह भी निर्विरोध निर्वाचित हुए।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा और मंत्री पद पर संकट

NDA में शामिल राष्ट्रीय लोक मोर्चा को इस बार एक भी सीट नहीं दी गई, जो गठबंधन के भीतर सर्वाधिक चर्चा का विषय बनी हुई है। मोर्चा के नेता दीपक प्रकाश फिलहाल मंत्री पद पर हैं, लेकिन वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संवैधानिक नियमों के अनुसार शपथ ग्रहण के छह महीने के भीतर किसी सदन की सदस्यता अनिवार्य होती है, जिससे उनके मंत्री पद पर खतरा मंडराने लगा है।

RJD में आंतरिक विरोध के स्वर

RJD द्वारा सुनील सिंह को पुनः विधान परिषद भेजने के निर्णय पर पार्टी के भीतर ही असंतोष उभर आया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव और पुत्री रोहिणी आचार्या ने भी इस फैसले पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए हैं। पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने पार्टी के प्रमुख पदों से इस्तीफा दे दिया, हालांकि पार्टी नेतृत्व ने उनका इस्तीफा अस्वीकार कर दिया है।

आगे क्या होगा

नवनिर्वाचित एमएलसी शीघ्र ही शपथ ग्रहण करेंगे और विधान परिषद की कार्यवाही में भाग लेंगे। दीपक प्रकाश के मंत्री पद का भविष्य अब गठबंधन की आंतरिक बातचीत पर निर्भर करेगा, क्योंकि उनके पास सदन की सदस्यता का समय सीमित है। RJD में उभरा आंतरिक विरोध पार्टी की एकजुटता के लिए एक नई चुनौती बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन राष्ट्रीय लोक मोर्चा को सीट न मिलना गठबंधन की आंतरिक दरारों का संकेत है। दीपक प्रकाश का मंत्री पद संवैधानिक रूप से अनिश्चित है — यह उस गठबंधन-धर्म की परीक्षा है जिसे NDA अक्सर अपनी ताकत बताता है। उधर, RJD में लालू परिवार के भीतर से उठी असहमति बताती है कि पार्टी में टिकट वितरण की प्रक्रिया अभी भी पारदर्शी नहीं है — और यह विरोध महज़ एक नाम को लेकर नहीं, बल्कि भविष्य के नेतृत्व की लड़ाई का प्रारंभिक संकेत भी हो सकता है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में कौन-कौन निर्विरोध निर्वाचित हुए?
कुल 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए — JDU से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद; BJP से पवन सिंह, संजय प्रकाश, मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित; LJP (रामविलास) से अशरफ अंसारी; और RJD से सुनील सिंह।
पवन सिंह कौन हैं और वे किस पार्टी से एमएलसी बने?
पवन सिंह भोजपुरी सिनेमा के चर्चित गायक और अभिनेता हैं, जो भारतीय जनता पार्टी (BJP) के टिकट पर बिहार विधान परिषद के सदस्य निर्वाचित हुए हैं। वे NDA के नौ विजयी उम्मीदवारों में शामिल हैं।
दीपक प्रकाश के मंत्री पद पर संकट क्यों है?
राष्ट्रीय लोक मोर्चा के नेता दीपक प्रकाश मंत्री हैं, लेकिन वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। संवैधानिक नियम के अनुसार शपथ ग्रहण के छह महीने के भीतर किसी सदन की सदस्यता अनिवार्य है, और इस चुनाव में उनकी पार्टी को कोई सीट नहीं मिली।
RJD में सुनील सिंह के टिकट पर विरोध क्यों हो रहा है?
RJD द्वारा सुनील सिंह को पुनः विधान परिषद भेजने के फैसले पर पार्टी के भीतर असंतोष उभरा है। लालू प्रसाद यादव के पुत्र तेज प्रताप यादव और पुत्री रोहिणी आचार्या ने सार्वजनिक रूप से इस निर्णय पर सवाल उठाए हैं, जबकि पूर्व मंत्री शिवचन्द्र राम ने पार्टी के प्रमुख पदों से इस्तीफा दे दिया।
बिहार विधान परिषद में यह सीटें किस कोटे से थीं?
ये 9 सीटें विधानसभा कोटे की थीं, जिन पर द्विवार्षिक चुनाव हुआ। दसवीं सीट पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई सीट पर उपचुनाव के रूप में हुई।
राष्ट्र प्रेस
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