3 अगस्त 2026
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बिहार विधान परिषद चुनाव: सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, एनडीए के 9 और आरजेडी के 1 को मिला प्रमाण पत्र

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बिहार विधान परिषद चुनाव: सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित, एनडीए के 9 और आरजेडी के 1 को मिला प्रमाण पत्र

सारांश

बिहार विधान परिषद की सभी 10 सीटों पर निर्विरोध निर्वाचन — एनडीए के 9 और आरजेडी के 1 उम्मीदवार — सत्तारूढ़ गठबंधन की संगठनात्मक मज़बूती का संकेत है। विपक्ष की अनुपस्थिति बिहार की बदलती राजनीतिक ज़मीन को उजागर करती है।

मुख्य बातें

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों पर 11 जून 2026 को सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित।
एनडीए के 9 और आरजेडी के 1 उम्मीदवार को पटना विधानसभा परिसर में जीत का प्रमाण पत्र सौंपा गया।
BJP के संजय मयूख , JDU के ललन प्रसाद और LJP (राम विलास) के अशरफ अंसारी एनडीए के प्रमुख निर्वाचित चेहरे।
आरजेडी के सुनील कुमार सिंह ने किसानों, बेरोजगारों, अल्पसंख्यकों और दलितों के मुद्दे सदन में उठाने का संकल्प लिया।
मंत्री श्रवण कुमार ने बिहार को शीर्ष 5 राज्यों में लाने के नीतीश कुमार के लक्ष्य को दोहराया।

बिहार विधान परिषद की 10 सीटों — जिनमें द्विवार्षिक चुनाव और एक उपचुनाव शामिल हैं — पर 11 जून 2026 को सभी उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के 9 और राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के 1 उम्मीदवार को पटना स्थित विधानसभा परिसर में आधिकारिक रूप से जीत का प्रमाण पत्र सौंपा गया।

मुख्य घटनाक्रम

प्रमाण पत्र वितरण समारोह पटना के विधानसभा परिसर में आयोजित हुआ, जहाँ निर्वाचित सदस्यों ने अपने-अपने दलों के नेताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में 2025 के विधानसभा चुनावों की तैयारियाँ पृष्ठभूमि में चल रही हैं और सत्तारूढ़ गठबंधन अपनी स्थिति को और मज़बूत करने में जुटा है। गौरतलब है कि निर्विरोध निर्वाचन सत्तारूढ़ एनडीए की संगठनात्मक पकड़ को दर्शाता है।

निर्वाचित नेताओं की प्रतिक्रिया

प्रमाण पत्र मिलने के बाद निशांत कुमार ने कहा, 'मुझ पर भरोसा करने के लिए मैं अपनी पार्टी का दिल से शुक्रिया अदा करता हूँ। मैं उस भरोसे पर खरा उतरने और अपनी जिम्मेदारियों को ईमानदारी से निभाने की पूरी कोशिश करूँगा।' उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व में विकास कार्यों को तेज़ करने का संकल्प भी दोहराया।

जनता दल (यूनाइटेड) के नेता ललन प्रसाद ने कहा, 'पूर्व मुख्यमंत्री, हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष और सम्मानित नेता नीतीश कुमार ने हमें यह जिम्मेदारी सौंपी है। मैं इसको अच्छे से निभाऊँगा और अपनी पार्टी को आगे ले जाने का काम करूँगा।'

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के एमएलसी उम्मीदवार संजय मयूख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन और मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का आभार जताते हुए कहा, 'उन्होंने हम जैसे जमीनी कार्यकर्ताओं पर भरोसा जताया है। मैं पार्टी और जनता के हित में हमेशा काम करूँगा।'

विपक्ष की भूमिका

आरजेडी के निर्वाचित नेता सुनील कुमार सिंह ने विपक्ष की भूमिका पर ज़ोर देते हुए कहा, 'यह सिर्फ कागज का टुकड़ा नहीं है। यह सर्टिफिकेट हमारे राष्ट्रीय अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और तेजस्वी यादव के विश्वास को दर्शाता है। हम सदन में किसानों, बेरोजगारों, अल्पसंख्यकों और दलितों के मुद्दों को मज़बूती से उठाएँगे, भले ही हमारी संख्या मात्र 15 ही क्यों न हो।'

लोक जनशक्ति पार्टी (राम विलास) के नेता अशरफ अंसारी ने राष्ट्रीय अध्यक्ष चिराग पासवान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में कोई चुनौती बड़ी नहीं है।

सरकार का संकल्प

बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा, 'बिहार की तरक्की, अमन और विकास के लिए काम करेंगे। नीतीश कुमार की जो सोच है — बिहार को शीर्ष 5 राज्यों में खड़ा करने का — उस सपने को हम साकार करेंगे।' उन्होंने पुष्टि की कि एनडीए के 9 और आरजेडी के 1 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं।

आगे की राह

निर्विरोध निर्वाचन से स्पष्ट है कि विपक्षी दलों ने इन सीटों पर उम्मीदवार उतारने में रुचि नहीं दिखाई, जो बिहार की मौजूदा राजनीतिक संरचना में एनडीए की प्रभावी पकड़ को रेखांकित करता है। नवनिर्वाचित सदस्यों से अपेक्षा है कि वे आगामी विधान परिषद सत्र में सक्रिय भूमिका निभाएँगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि विपक्ष की रणनीतिक कमज़ोरी का प्रतिबिंब है — जब आरजेडी जैसी पार्टी केवल 1 सीट पर सिमट जाए, तो यह उसके संगठनात्मक संकुचन की कहानी कहता है। निर्विरोध चुनाव लोकतांत्रिक प्रतिस्पर्धा के अभाव का संकेत भी है, जिस पर राजनीतिक विश्लेषक अक्सर सवाल उठाते हैं। एनडीए की यह बढ़त 2025 के विधानसभा चुनावों से पहले गठबंधन के आत्मविश्वास को और पुख्ता करती है, लेकिन असली परीक्षा जनता के बीच होगी, न कि निर्विरोध सदनों में।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार विधान परिषद चुनाव 2026 में कितने उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए?
बिहार विधान परिषद की कुल 10 सीटों पर सभी 10 उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुए। इनमें एनडीए के 9 और आरजेडी के 1 उम्मीदवार शामिल हैं, जिन्हें 11 जून 2026 को पटना विधानसभा परिसर में प्रमाण पत्र सौंपे गए।
एनडीए के कौन-कौन से नेता बिहार एमएलसी चुनाव में निर्वाचित हुए?
एनडीए की ओर से BJP के संजय मयूख, JDU के ललन प्रसाद और LJP (राम विलास) के अशरफ अंसारी सहित कुल 9 उम्मीदवार निर्वाचित हुए। निशांत कुमार भी एनडीए के निर्वाचित सदस्यों में शामिल हैं।
आरजेडी के किस नेता को बिहार विधान परिषद में प्रमाण पत्र मिला?
आरजेडी के सुनील कुमार सिंह को बिहार विधान परिषद में जीत का प्रमाण पत्र मिला। उन्होंने कहा कि वे सदन में किसानों, बेरोजगारों, अल्पसंख्यकों और दलितों के मुद्दे मज़बूती से उठाएँगे।
बिहार विधान परिषद चुनाव में निर्विरोध निर्वाचन का क्या अर्थ है?
निर्विरोध निर्वाचन का अर्थ है कि किसी भी सीट पर एक से अधिक उम्मीदवार मैदान में नहीं थे, इसलिए मतदान की ज़रूरत नहीं पड़ी। यह सत्तारूढ़ एनडीए की संगठनात्मक पकड़ और विपक्ष की सीमित उपस्थिति को दर्शाता है।
बिहार को शीर्ष 5 राज्यों में लाने का लक्ष्य किसने रखा है?
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री और JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का यह लक्ष्य है। राज्य के मंत्री श्रवण कुमार ने प्रमाण पत्र समारोह में इस संकल्प को दोहराया और कहा कि नवनिर्वाचित सदस्य इस दिशा में काम करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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