बिहार: सम्राट चौधरी ने जीता विश्वास मत, 201 विधायकों का मिला समर्थन

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बिहार: सम्राट चौधरी ने जीता विश्वास मत, 201 विधायकों का मिला समर्थन

सारांश

बिहार में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की एनडीए सरकार ने विधानसभा में ध्वनिमत से विश्वास मत जीत लिया। 201 विधायकों के समर्थन के साथ सरकार ने अपना बहुमत साबित किया। सीएम ने अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से न झुकने का वादा किया।

Key Takeaways

  • मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने 24 अप्रैल 2025 को बिहार विधानसभा में ध्वनिमत से विश्वास मत जीता।
  • एनडीए सरकार को 201 विधायकों का समर्थन मिला, जो स्पष्ट बहुमत है।
  • एनडीए विधायक दल की बैठक में 202 विधायकों ने सम्राट चौधरी को नेता चुना था।
  • सीएम ने अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से न झुकने का जनता से वादा किया।
  • भाजपा, जदयू, एलजेपी (रामविलास) और आरएलएम सभी दल एकजुट रहे।
  • सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।

पटना, 24 अप्रैल: बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने शुक्रवार, 24 अप्रैल को ध्वनिमत से विश्वास मत हासिल कर लिया। सरकार को कुल 201 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ, जिससे स्पष्ट बहुमत साबित हो गया। यह फ्लोर टेस्ट बिहार की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतीक बन गया।

विधानसभा में भव्य स्वागत और माहौल

मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी जब बिहार विधानसभा पहुंचे, तो एनडीए के विधायकों और नेताओं ने उनका उत्साहपूर्वक स्वागत किया। सदन के भीतर गठबंधन दलों में एकजुटता साफ दिखी। नवनियुक्त मुख्यमंत्री के लिए यह पहला बड़ा संवैधानिक परीक्षण था, जिसे उन्होंने सफलतापूर्वक पास किया।

सहयोगी दलों के नेताओं की प्रतिक्रियाएं

आरएलएम विधायक आलोक सिंह ने कहा कि नए मुख्यमंत्री नई ऊर्जा के साथ सदन में आए हैं और गठबंधन के सभी दल उनके साथ खड़े हैं। उन्हीं के दल के विधायक माधव आनंद ने भी भरोसा जताया कि सरकार के पास पर्याप्त संख्याबल है और किसी प्रकार की कठिनाई नहीं होगी।

भाजपा नेता मनोज कुमार ने बताया कि एनडीए विधायक दल की बैठक में 202 विधायकों ने सम्राट चौधरी को अपना नेता चुना था और उसी आधार पर यह विश्वास प्रस्ताव सदन में लाया गया। उन्होंने कहा कि बिहार विधानसभा नियमावली के तहत यह एक अनिवार्य संवैधानिक प्रक्रिया है।

भाजपा नेता आनंद मिश्रा ने इसे महज औपचारिक प्रक्रिया बताते हुए कहा कि बहुमत पहले से ही सुनिश्चित था। एलजेपी (रामविलास) के प्रदेश अध्यक्ष राजू तिवारी ने भी दावा किया कि एनडीए के पास 200 से अधिक विधायकों का समर्थन है और सरकार पूरी मजबूती से काम करेगी।

वरिष्ठ नेताओं का बयान और सरकार की प्रतिबद्धता

भाजपा के वरिष्ठ नेता मंगल पांडे ने कहा कि बिहार में एनडीए सरकार जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। भाजपा नेता दिलीप जायसवाल ने भी इसे संवैधानिक परंपरा का हिस्सा बताते हुए कहा कि सरकार बहुमत के साथ आगे बढ़ रही है।

जदयू नेता चेतन आनंद ने कहा कि यह फ्लोर टेस्ट पूरी तरह सरल और स्पष्ट प्रक्रिया थी क्योंकि सत्तापक्ष के पास निर्विवाद बहुमत था। जदयू नेता कोमल सिंह ने भी कहा कि विपक्ष के पास संख्याबल नहीं है और सम्राट चौधरी मुख्यमंत्री के रूप में उत्कृष्ट कार्य करेंगे।

सीएम सम्राट चौधरी का संबोधन और भविष्य की दिशा

विश्वास मत जीतने के बाद अपने संबोधन में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने बिहार की जनता को अपराध (Crime), भ्रष्टाचार (Corruption) और सांप्रदायिकता (Communalism) — इन तीन बड़ी चुनौतियों से कड़ाई से निपटने का वादा किया।

गौरतलब है कि नीतीश कुमार के लंबे कार्यकाल के बाद सम्राट चौधरी का मुख्यमंत्री बनना बिहार की राजनीति में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। 2025 के अंत या 2026 की शुरुआत में प्रस्तावित बिहार विधानसभा चुनाव से पहले यह विश्वास मत एनडीए के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश है।

आने वाले दिनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि नई सरकार किन नीतिगत प्राथमिकताओं को पहले लागू करती है और विपक्ष किस रणनीति से सरकार को घेरने की कोशिश करता है।

Point of View

लेकिन राजनीतिक रूप से इसका संदेश गहरा है — एनडीए बिहार में आगामी चुनाव से पहले एकता का प्रदर्शन कर रहा है। दिलचस्प यह है कि नीतीश कुमार जैसे दिग्गज नेता की छाया में नया चेहरा लाना भाजपा की उस रणनीति का हिस्सा लगता है जो केंद्र में भी आजमाई गई है — संगठन की ताकत से व्यक्तिगत निर्भरता कम करना। हालांकि, 'क्राइम, करप्शन और कम्युनलिज्म' का वादा तब तक खोखला रहेगा जब तक जमीन पर ठोस कार्रवाई न दिखे, क्योंकि बिहार में कानून-व्यवस्था और भ्रष्टाचार के मुद्दे दशकों से चुनावी एजेंडे पर हैं।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

बिहार में विश्वास मत का परिणाम क्या रहा?
बिहार विधानसभा में मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की एनडीए सरकार ने 24 अप्रैल 2025 को ध्वनिमत से विश्वास मत जीत लिया। सरकार को 201 विधायकों का समर्थन प्राप्त हुआ।
सम्राट चौधरी को कितने विधायकों का समर्थन मिला?
एनडीए विधायक दल की बैठक में 202 विधायकों ने सम्राट चौधरी को नेता चुना था, और विधानसभा में विश्वास मत के दौरान 201 विधायकों का समर्थन मिला। यह बिहार विधानसभा में स्पष्ट बहुमत है।
सम्राट चौधरी ने विश्वास मत के बाद क्या वादा किया?
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने अपने संबोधन में नीतीश कुमार के विकास कार्यों को जारी रखने का संकल्प लिया। उन्होंने बिहार की जनता को अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता से समझौता न करने का भरोसा दिलाया।
बिहार में फ्लोर टेस्ट क्यों कराया गया?
नए मुख्यमंत्री की नियुक्ति के बाद बिहार विधानसभा नियमावली के तहत विश्वास मत लाना एक संवैधानिक प्रक्रिया है। भाजपा नेताओं ने इसे औपचारिक प्रक्रिया बताया क्योंकि एनडीए के पास पहले से ही स्पष्ट बहुमत था।
बिहार में एनडीए में कौन-कौन से दल शामिल हैं?
बिहार में एनडीए गठबंधन में भाजपा, जदयू, एलजेपी (रामविलास) और आरएलएम प्रमुख दल हैं। इन सभी दलों ने मिलकर सम्राट चौधरी सरकार को समर्थन दिया।
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