ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: ग्लोबल हेल्थ फंडिंग में अरबों की कटौती, 9 मिलियन महिलाएं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित

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ट्रंप सरकार का बड़ा फैसला: ग्लोबल हेल्थ फंडिंग में अरबों की कटौती, 9 मिलियन महिलाएं प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित

सारांश

ट्रंप सरकार ने USAID के जरिए वैश्विक स्वास्थ्य फंडिंग में भारी कटौती की है। 5,300+ अनुदान रद्द होने से 1,400 क्लीनिक बंद हो गए और 2025 में 9 मिलियन लोग प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहेंगे। दक्षिण अफ्रीका सहित कई देशों में महिलाओं पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।

Key Takeaways

  • USAID ने ट्रंप सरकार के आदेश पर 5,300 से अधिक अनुदानों और अनुबंधों को रद्द किया।
  • दुनिया भर में 1,400 मेडिकल क्लीनिक बंद हो गए, जिससे 2025 में 9 मिलियन लोग प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहेंगे।
  • दक्षिण अफ्रीका में एचआईवी सेवाओं और महिला स्वास्थ्य कार्यक्रमों पर सबसे गहरा असर पड़ा है।
  • फैमिली प्लानिंग, बर्थ कंट्रोल और मैटरनिटी चेकअप सेवाएं अचानक बंद होने से ग्रामीण महिलाएं सबसे अधिक प्रभावित हैं।
  • ट्रंप प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2027 के बजट में सभी रिप्रोडक्टिव हेल्थ प्रोग्राम समाप्त करने का प्रस्ताव दिया है।
  • CNN की रिपोर्ट के अनुसार 6 देशों में स्वास्थ्यकर्मियों की छंटनी और आपूर्ति श्रृंखला बाधित होने की पुष्टि हुई है।

वाशिंगटन, 24 अप्रैल 2025राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सत्ता में वापसी के बाद अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी (USAID) ने वैश्विक स्वास्थ्य फंडिंग में ऐतिहासिक कटौती करते हुए 5,300 से अधिक अनुदानों और अनुबंधों को रद्द कर दिया है। इस निर्णय का सबसे गहरा असर विकासशील देशों की महिलाओं पर पड़ रहा है, जहां फैमिली प्लानिंग, मातृ स्वास्थ्य और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाएं अचानक बंद हो गई हैं।

फंडिंग कटौती का पैमाना और तात्कालिक असर

इंटरनेशनल प्लांड पेरेंटहुड फेडरेशन (IPPF) के अनुमान के अनुसार, अमेरिकी फंडिंग में कटौती के चलते दुनिया भर में लगभग 1,400 मेडिकल क्लीनिक बंद हो चुके हैं। इसके परिणामस्वरूप वर्ष 2025 में करीब 9 मिलियन लोग यौन और प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रह जाएंगे।

अमेरिकी मीडिया संस्थान CNN ने पिछले छह महीनों में छह देशों में कई मेडिकल प्रोवाइडर्स और गैर-सरकारी संगठनों से बातचीत की। इन सभी ने स्वास्थ्यकर्मियों की बड़े पैमाने पर छंटनी, बर्थ कंट्रोल दवाओं की भारी कमी और आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं को प्रमुख समस्या बताया।

दक्षिण अफ्रीका: जमीनी हकीकत

दक्षिण अफ्रीका की नर्स केफिन ओजुंगा ने CNN को बताया कि अमेरिकी सहायता कार्यक्रम में कटौती के बाद वहां महिलाओं के लिए हालात बेहद खराब हो गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले मोबाइल क्लीनिक के जरिए मुफ्त बर्थ कंट्रोल, मैटरनिटी चेकअप और अन्य स्वास्थ्य सुविधाएं आसानी से मिलती थीं।

दक्षिण अफ्रीका में एचआईवी से जुड़ी सेवाओं की फंडिंग में भी भारी कमी आई है, जो उस देश के लिए विशेष रूप से चिंताजनक है जहां एचआईवी संक्रमण दर दुनिया में सबसे अधिक है। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के पास अब बहुत सीमित विकल्प बचे हैं।

ट्रंप सरकार की नीतिगत मंशा

ट्रंप प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2027 के बजट प्रस्ताव में वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में और अधिक कटौती का प्रस्ताव रखा है। इस प्रस्ताव में अरबों डॉलर की कमी के साथ-साथ सभी रिप्रोडक्टिव हेल्थ प्रोग्राम को पूरी तरह समाप्त करने की बात कही गई है।

बजट प्रस्ताव में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि व्हाइट हाउस यह सुनिश्चित करना चाहता है कि कोई भी अमेरिकी फंडिंग बर्थ कंट्रोल तक बिना रोक-टोक पहुंच का समर्थन न करे। हालांकि, अंतिम फंडिंग निर्णय अमेरिकी कांग्रेस के हाथ में है, लेकिन यह प्रस्ताव ट्रंप प्रशासन की स्पष्ट नीतिगत दिशा को दर्शाता है।

ऐतिहासिक संदर्भ और व्यापक प्रभाव

गौरतलब है कि ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल (2017-2021) में भी 'मेक्सिको सिटी पॉलिसी' को बहाल किया था, जिसके तहत गर्भपात से जुड़ी सेवाएं देने वाले संगठनों की फंडिंग रोकी गई थी। लेकिन इस बार कटौती का दायरा कहीं अधिक व्यापक है — USAID के 5,300+ अनुदान एक साथ रद्द करना अभूतपूर्व है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह कटौती ऐसे समय में आई है जब उप-सहारा अफ्रीका और दक्षिण एशिया में मातृ मृत्यु दर को कम करने में वर्षों की मेहनत से हासिल की गई प्रगति खतरे में पड़ सकती है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के आंकड़ों के अनुसार, निम्न और मध्यम आय वाले देशों में हर दो मिनट में एक महिला की मृत्यु गर्भावस्था या प्रसव संबंधी जटिलताओं से होती है।

आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या अन्य दाता देश — जैसे यूरोपीय संघ, यूके और जापान — इस खाई को भरने के लिए आगे आते हैं, या फिर यह संकट और गहरा होता है।

Point of View

बल्कि एक सुनियोजित वैचारिक एजेंडे का हिस्सा है जो अमेरिकी रूढ़िवादी राजनीति की उस धारा से जुड़ी है जो प्रजनन अधिकारों को वित्तीय हथियार के रूप में नियंत्रित करना चाहती है। विडंबना यह है कि अमेरिका 'लोकतंत्र और मानवाधिकार' का झंडा उठाने का दावा करता है, लेकिन उसकी नीतियां विकासशील देशों की महिलाओं के बुनियादी स्वास्थ्य अधिकारों को कुचल रही हैं। 5,300 अनुदानों का एक साथ रद्द होना बताता है कि यह लापरवाही नहीं, एक जानबूझकर की गई रणनीति है। मुख्यधारा की मीडिया इसे सिर्फ 'बजट कट' की तरह रिपोर्ट कर रही है — लेकिन जमीन पर यह उन महिलाओं की जान का सवाल है जिनके पास कोई और विकल्प नहीं।
NationPress
24/04/2026

Frequently Asked Questions

अमेरिका ने ग्लोबल हेल्थ फंडिंग में कितनी कटौती की है?
ट्रंप सरकार के आदेश पर USAID ने 5,300 से अधिक अनुदानों और अनुबंधों को रद्द कर दिया है। इससे दुनिया भर में 1,400 मेडिकल क्लीनिक बंद हो गए हैं और 2025 में 9 मिलियन लोग प्रजनन स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रहेंगे।
USAID फंडिंग कटौती का महिलाओं पर क्या असर पड़ा?
फंडिंग बंद होने से मोबाइल क्लीनिक, मुफ्त बर्थ कंट्रोल, मैटरनिटी चेकअप और फैमिली प्लानिंग सेवाएं अचानक बंद हो गई हैं। दूर-दराज के इलाकों में महिलाओं के पास अब कोई वैकल्पिक स्वास्थ्य सेवा नहीं बची है।
दक्षिण अफ्रीका में अमेरिकी फंडिंग कटौती का क्या प्रभाव पड़ा?
दक्षिण अफ्रीका में एचआईवी सेवाओं सहित महिलाओं की स्वास्थ्य सुविधाओं पर गंभीर असर पड़ा है। वहां की नर्स केफिन ओजुंगा के अनुसार, मोबाइल क्लीनिक बंद होने से महिलाओं की स्थिति बेहद खराब हो गई है।
ट्रंप सरकार 2027 में ग्लोबल हेल्थ फंडिंग के बारे में क्या करने वाली है?
ट्रंप प्रशासन ने वित्तीय वर्ष 2027 के बजट प्रस्ताव में वैश्विक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में अरबों डॉलर की और कटौती का प्रस्ताव दिया है। इस प्रस्ताव में सभी रिप्रोडक्टिव हेल्थ प्रोग्राम को पूरी तरह समाप्त करने की बात कही गई है।
USAID क्या है और इसकी फंडिंग क्यों महत्वपूर्ण है?
USAID (अमेरिकी अंतरराष्ट्रीय विकास एजेंसी) अमेरिकी सरकार की वह संस्था है जो विकासशील देशों में स्वास्थ्य, शिक्षा और मानवीय सहायता कार्यक्रमों को फंड करती है। इसकी फंडिंग पर निर्भर देशों में लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिलती थीं, जो अब बंद हो गई हैं।
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