बिहार विधान परिषद चुनाव 2026: एनडीए के सभी 9 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया, निशांत कुमार भी मैदान में
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद (एमएलसी) द्विवार्षिक चुनाव 2026 के लिए सोमवार, 8 जून को जनता दल (यूनाइटेड) के निशांत कुमार सहित राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी नौ उम्मीदवारों ने पटना में नामांकन पत्र दाखिल कर दिए। नामांकन की अंतिम तिथि पर राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के सुनील सिंह ने भी अपना पर्चा भरा। आवश्यकता पड़ने पर यह चुनाव 18 जून को प्रस्तावित है।
कौन-कौन से उम्मीदवार मैदान में
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह, डॉ. संजय मयूख, अनिल कुमार ठाकुर और शीला पंडित को अपना प्रत्याशी बनाया है। वहीं जदयू ने पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार, पार्टी की प्रदेश प्रवक्ता डॉ. भारती मेहता, पश्चिम चंपारण जिला परिषद की पूर्व अध्यक्ष शिवानी प्रजापति और ललन प्रसाद को उम्मीदवार बनाया है। लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) की ओर से अशरफ अंसारी प्रत्याशी हैं।
उपचुनाव की पृष्ठभूमि
विधान परिषद की नौ नियमित सीटों के अलावा एक उपचुनाव भी साथ में कराया जा रहा है। यह सीट नीतीश कुमार के राज्यसभा सदस्य बनने के बाद रिक्त हुई है। इस प्रकार कुल दस सीटों पर चुनावी प्रक्रिया एक साथ चल रही है।
एनडीए का दावा और नेताओं की उपस्थिति
नामांकन के अवसर पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, केंद्रीय मंत्री लालन सिंह और चिराग पासवान सहित एनडीए के कई प्रमुख नेता विधानमंडल परिसर में उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने विक्ट्री साइन दिखाते हुए एनडीए के सभी प्रत्याशियों की जीत का दावा किया। विधानसभा में संख्या बल के आधार पर एनडीए की आठ सीटों पर जीत लगभग सुनिश्चित मानी जा रही है।
महागठबंधन में आंतरिक खींचतान
महागठबंधन की ओर से राजद नेता सुनील सिंह ने नामांकन दाखिल किया, लेकिन पार्टी के भीतर ही उनकी उम्मीदवारी विवादों में घिर गई है। राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की पुत्री रोहिणी आचार्य ने सुनील सिंह के नाम पर खुलकर आपत्ति जताई और सीधे तौर पर तेजस्वी यादव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब महागठबंधन पहले से ही संगठनात्मक चुनौतियों से जूझ रहा है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब राजद में उम्मीदवार चयन को लेकर परिवार के भीतर ही मतभेद सार्वजनिक हुए हों।
आगे क्या होगा
नामांकन पत्रों की जाँच के बाद प्रत्याशियों के पास नाम वापसी का अवसर होगा। यदि मतदान की नौबत आई तो 18 जून 2026 को विधायकों के मतों से विजेता तय होंगे। निशांत कुमार की उम्मीदवारी राजनीतिक रूप से विशेष रूप से चर्चा में है, क्योंकि यह नीतीश कुमार के परिवार की सक्रिय राजनीति में औपचारिक एंट्री मानी जा रही है।