क्या बिहार में जदयू कार्यालय के बाहर निशांत कुमार की राजनीति में आने की मांग को लेकर फिर पोस्टर लगे?
सारांश
Key Takeaways
- निशांत कुमार की राजनीति में एंट्री की मांग बढ़ रही है।
- जदयू कार्यकर्ताओं ने पोस्टर लगाकर अपनी आवाज उठाई है।
- नीतीश कुमार का समर्थन इस मुद्दे पर महत्वपूर्ण होगा।
- राजनीतिक हलचल नए नेतृत्व की आवश्यकता को दर्शाती है।
पटना, १३ जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की सत्ता में एनडीए भले ही प्रचंड बहुमत के साथ एक बार फिर से आ गई हो, लेकिन मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत की राजनीति में प्रवेश की मांग को लेकर जदयू कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन जारी है।
जदयू कार्यकर्ता निशांत की राजनीति में एंट्री की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। पटना स्थित जदयू कार्यालय के बाहर मंगलवार को फिर से जदयू कार्यकर्ताओं ने इसी मांग को लेकर पोस्टर लगाए हैं। इन पोस्टरों में नीतीश कुमार और निशांत की तस्वीरें शामिल हैं।
कृष्णा पटेल द्वारा लगाए गए इन पोस्टरों में पहले मुख्यमंत्री नीतीश कुमार से अनुरोध करते हुए लिखा गया है, 'पार्टी के सर्वमान्य प्रधान... कार्यकर्ताओं की भावना का भी अब ध्यान रखिए...' पोस्टर में बड़े अक्षरों में लिखा गया है, 'नीतीश सेवक, मांगे निशांत।'
पोस्टर में समस्त जदयू परिवार और देशवासियों को मकर संक्रांति और गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएं देते हुए लिखा गया है, 'चाचा जी, के सपनों का निशान है ये तीर, भाई निशांत जी हैं, तीर का अगला तकदीर।'
यह ध्यान देने योग्य है कि निशांत के राजनीति में प्रवेश पर नीतीश कुमार ने अब तक कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है, जबकि निशांत भी इस सवाल को टालते रहे हैं। हाल ही में जदयू से जुड़े संगठन 'मुकुंद सेना' के सदस्यों ने इसी मांग को लेकर पटना के गर्दनीबाग धरना स्थल पर १२ घंटे की भूख हड़ताल की थी।
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि वे किसी भी कीमत पर निशांत कुमार को राजनीति में आते देखना चाहते हैं। उन्होंने निशांत कुमार को शिक्षित, सक्षम और दूरदर्शी बताया। उनका मानना है कि उनके नेतृत्व से जनता दल यूनाइटेड को नई दिशा मिलेगी। इसके अलावा भी निशांत को राजनीति में आने को लेकर कई बार पोस्टर लगाए जाते रहे हैं।