बिहार विधान परिषद: 10 नवनिर्वाचित एमएलसी ने ली शपथ, BJP-JDU-RJD सभी दलों ने जनसेवा का संकल्प लिया
सारांश
मुख्य बातें
बिहार विधान परिषद के 10 नवनिर्वाचित सदस्यों ने बुधवार, 1 जुलाई को पटना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में संविधान के प्रति निष्ठा की शपथ ली। विभिन्न राजनीतिक दलों के इन नवनिर्वाचित विधान पार्षदों (एमएलसी) ने जनता के हित में कार्य करने का संकल्प लिया। समारोह में बिहार सरकार के कई मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
मुख्य घटनाक्रम
शपथ ग्रहण समारोह पटना में संपन्न हुआ, जहाँ भारतीय जनता पार्टी (BJP), जनता दल (यूनाइटेड), लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) सहित कई दलों के नवनिर्वाचित एमएलसी ने पद की शपथ ली। शपथ के बाद सभी दलों के नेताओं ने अपनी प्राथमिकताएँ और जनता के प्रति जिम्मेदारियाँ सार्वजनिक रूप से रेखांकित कीं।
सत्तापक्ष की प्रतिक्रिया
BJP के नवनिर्वाचित एमएलसी संजय प्रकाश मयूख ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, पार्टी नेतृत्व और कार्यकर्ताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्हें एक बार फिर जनता और पार्टी की सेवा का अवसर मिला है तथा वह पार्टी नेतृत्व की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
जनता दल (यूनाइटेड) की नवनिर्वाचित एमएलसी भारती मेहता ने जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता समाजवादी मूल्यों और सिद्धांतों के अनुरूप कार्य करना है। उन्होंने जनता के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का संकल्प लिया।
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के विधान पार्षद अशरफ अंसारी ने पार्टी संस्थापक दिवंगत रामविलास पासवान, रीना पासवान, केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान और पार्टी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी द्वारा उन पर जताए गए विश्वास को वह पूरी निष्ठा के साथ निभाने का प्रयास करेंगे।
बिहार सरकार की मंत्री लेशी सिंह ने सभी नवनिर्वाचित एमएलसी को बधाई देते हुए कहा कि उन्हें जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप कार्य करना चाहिए। उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कहा कि एनडीए सरकार के सभी सदस्य विधान परिषद में नए उत्साह के साथ बिहार की जनता के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे।
विपक्ष का रुख
राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एमएलसी सुनील सिंह ने शपथ ग्रहण के बाद पार्टी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव और नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि वह पूरी निष्ठा और ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारी निभाएंगे तथा जनता से जुड़े मुद्दों को विधान परिषद में मजबूती से उठाएंगे।
सुनील सिंह ने दावा किया कि परिषद में RJD के 15 सदस्य सरकार के 60 सदस्यों पर राजनीतिक रूप से भारी पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि विपक्ष जनहित के मुद्दों पर सरकार को लगातार घेरने और जनता की आवाज बुलंद करने का काम करेगा।
आम जनता पर असर
यह शपथ ग्रहण बिहार विधान परिषद की संरचना में नई ऊर्जा का संचार करता है। गौरतलब है कि विधान परिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन है और यहाँ उठाए गए मुद्दे सरकारी नीतियों पर सीधा प्रभाव डाल सकते हैं। नवनिर्वाचित एमएलसी अब अपने-अपने क्षेत्रों और दलों की प्राथमिकताओं को सदन में प्रस्तुत करेंगे।
क्या होगा आगे
नवनिर्वाचित सदस्यों के शपथ ग्रहण के बाद बिहार विधान परिषद की आगामी बैठकों में इन एमएलसी की सक्रिय भागीदारी देखने को मिलेगी। विपक्षी RJD ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि वह सरकार को जनहित के मुद्दों पर घेरने की रणनीति अपनाएगा, जिससे सदन में बहसें और तीखी हो सकती हैं।