बिहार विधान परिषद मनोनयन: दीपक प्रकाश बोले — 'जनसेवा को और प्रतिबद्धता से निभाऊंगा'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश को 5 अगस्त 2026 को राज्यपाल द्वारा बिहार विधान परिषद के लिए मनोनीत किए जाने के बाद उन्होंने पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया दी। प्रकाश ने कहा कि यह नई जिम्मेदारी उनके लिए प्रेरणा का स्रोत है और वह पूर्व से अधिक समर्पण के साथ जनता की सेवा करेंगे।
आभार और प्रतिबद्धता
दीपक प्रकाश ने मनोनयन के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, उपेंद्र कुशवाहा, चिराग पासवान, जीतन राम मांझी और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के तमाम सहयोगी नेताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंचायती राज मंत्री के रूप में जो जवाबदेही वह निभाते रहे हैं, उसे अब और अधिक मजबूती तथा समर्पण के साथ जारी रखेंगे।
विपक्ष के सवालों पर प्रतिक्रिया
विपक्ष द्वारा नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की माँग को लेकर पूछे गए सवाल पर प्रकाश ने कहा कि अब सभी औपचारिक प्रक्रियाएँ पूरी हो चुकी हैं और पहले उठाई गई बातें अब 'अप्रासंगिक' हो गई हैं। उनका कहना था कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद उन्हें और अधिक प्रतिबद्धता के साथ काम करने की प्रेरणा मिली है।
न्यायालय के मामले पर स्पष्टीकरण
जब उनसे यह पूछा गया कि इस मामले में न्यायालय ने सरकार से जवाब भी माँगा था, तो प्रकाश ने स्वीकार किया कि मामला अदालत तक पहुँचा था। हालाँकि उन्होंने कहा कि अब वह 'इतिहास की बात' हो चुकी है और वह पूरी तरह अपने दायित्वों के निर्वहन पर ध्यान केंद्रित करेंगे।
मंत्री पद पर बने रहने की पुष्टि
मंत्री पद पर आगे भी बने रहने के सवाल पर दीपक प्रकाश ने स्पष्ट किया कि वह पूरी मजबूती के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन जारी रखेंगे। जनता के प्रति जवाबदेही को पहले से अधिक प्रतिबद्धता के साथ निभाना उनकी प्राथमिकता रहेगी। यह देखना होगा कि विधान परिषद सदस्य के रूप में उनकी नई भूमिका बिहार की विधायी प्रक्रिया को किस दिशा में प्रभावित करती है।