24 जुलाई 2026
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बिहार एमएलसी चुनाव: माधव आनंद बोले — एनडीए उम्मीदवारों की जीत तय, दीपक प्रकाश पर फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा

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बिहार एमएलसी चुनाव: माधव आनंद बोले — एनडीए उम्मीदवारों की जीत तय, दीपक प्रकाश पर फैसला शीर्ष नेतृत्व करेगा

सारांश

बिहार एमएलसी चुनाव में आरएलएम विधायक माधव आनंद ने एनडीए की एकजुटता पर मुहर लगाई और सभी उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत का दावा किया। मंत्री दीपक प्रकाश के नामांकन न भरने पर चुप्पी साधते हुए उन्होंने गेंद शीर्ष नेतृत्व के पाले में डाल दी।

मुख्य बातें

माधव आनंद (आरएलएम विधायक दल नेता) ने 8 जून 2026 को कहा कि बिहार विधान परिषद चुनाव में एनडीए के सभी उम्मीदवार निर्विरोध जीतेंगे।
नामांकन प्रक्रिया पूर्ण; माधव आनंद ने गठबंधन को पूरी तरह एकजुट और मजबूत बताया।
बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश के एमएलसी नामांकन न भरने पर माधव आनंद ने टिप्पणी से परहेज किया; कहा — यह एनडीए शीर्ष नेतृत्व का विषय है।
गठबंधन में नाराजगी की अटकलें खारिज; कहा — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एनडीए के सर्वोच्च और सर्वमान्य नेता हैं।
इंडिया गठबंधन पर हमला — लगातार हार, नेतृत्व में अस्पष्टता और घटक दलों में समन्वय का अभाव।

राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के विधायक दल के नेता माधव आनंद ने 8 जून 2026 को पटना में कहा कि बिहार विधान परिषद चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) के सभी उम्मीदवार निर्विरोध जीत दर्ज करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि नामांकन प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और गठबंधन पूरी तरह मजबूत और एकजुट स्थिति में है।

नामांकन और गठबंधन की स्थिति

माधव आनंद ने कहा कि एनडीए की ओर से उम्मीदवारों का नामांकन निर्विवाद रूप से संपन्न हो चुका है और इसमें किसी प्रकार की असमंजस की स्थिति नहीं है। उन्होंने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनकी जीत के बाद विधान परिषद में एनडीए की स्थिति और सुदृढ़ होगी। उन्होंने यह भी जोड़ा कि सभी निर्वाचित सदस्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विजन को आगे बढ़ाने तथा सरकार की नीतियों को प्रभावी ढंग से लागू करने में योगदान देंगे।

दीपक प्रकाश पर चुप्पी, शीर्ष नेतृत्व पर भरोसा

बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश के एमएलसी चुनाव के लिए नामांकन न दाखिल करने के सवाल पर माधव आनंद ने सीधी टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा कि दीपक प्रकाश वर्तमान में मंत्री पद पर हैं और उन्हें टिकट देने या न देने का निर्णय एनडीए के शीर्ष नेतृत्व का विषय है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे पर बोलने के लिए अधिकृत नहीं हैं और गठबंधन का शीर्ष नेतृत्व जो भी निर्णय लेगा, वह सभी सहयोगी दलों को स्वीकार होगा।

नाराजगी की अटकलें खारिज

गठबंधन के भीतर कथित मतभेदों की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए माधव आनंद ने कहा कि एनडीए परिवार पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी पहले भी एनडीए का हिस्सा थी, आज भी है और आगे भी रहेगी। उन्होंने माना कि किसी भी बड़े राजनीतिक परिवार में समय-समय पर छोटे-मोटे मतभेद उभरते हैं, लेकिन उनका समाधान आपसी बातचीत और शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन में निकाल लिया जाता है।

इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला

माधव आनंद ने इंडिया गठबंधन पर निशाना साधते हुए कहा कि यह गठबंधन लगातार चुनाव दर चुनाव हार का सामना कर रहा है। उनके अनुसार, गठबंधन के घटक दलों के बीच न समन्वय है और न ही नेतृत्व को लेकर स्पष्टता। उन्होंने कहा कि इंडिया गठबंधन में कोई ऐसा सर्वमान्य नेता नहीं है जिसे सभी दल एकमत से स्वीकार करते हों।

एनडीए में नेतृत्व पर कोई भ्रम नहीं

इसके विपरीत, माधव आनंद ने कहा कि एनडीए में नेतृत्व को लेकर कोई भ्रम नहीं है — प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गठबंधन के सर्वोच्च और सर्वमान्य नेता हैं, जिनके नेतृत्व में सभी दल और कार्यकर्ता एकजुट होकर काम कर रहे हैं। बिहार विधान परिषद की यह चुनावी प्रक्रिया राज्य में एनडीए की संगठनात्मक ताकत की एक और परीक्षा मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन दीपक प्रकाश के नामांकन पर उनकी चुप्पी खुद एक संकेत है — जब एक सत्तारूढ़ गठबंधन का नेता अपने ही मंत्री के टिकट पर बोलने से इनकार करे, तो यह 'सब ठीक है' की कहानी नहीं, बल्कि आंतरिक खींचतान की स्वीकृति है। बिहार में एनडीए के भीतर सीट-बंटवारे की राजनीति नई नहीं है — जनता दल (यू), भाजपा और छोटे घटक दलों के बीच संतुलन बनाना हमेशा से नाजुक काम रहा है। शीर्ष नेतृत्व पर भरोसे की बात जितनी आश्वस्त करने वाली लगती है, उतनी ही यह भी बताती है कि निर्णय का अधिकार नीचे तक नहीं पहुँचा है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बिहार एमएलसी चुनाव 2026 में एनडीए की क्या स्थिति है?
आरएलएम विधायक माधव आनंद के अनुसार, एनडीए के सभी उम्मीदवारों का नामांकन पूरा हो चुका है और वे निर्विरोध जीत दर्ज करेंगे। गठबंधन पूरी तरह एकजुट बताया गया है।
दीपक प्रकाश ने एमएलसी के लिए नामांकन क्यों नहीं भरा?
इस पर माधव आनंद ने सीधी टिप्पणी से परहेज किया। उन्होंने कहा कि दीपक प्रकाश वर्तमान में मंत्री हैं और उन्हें टिकट देने या न देने का निर्णय एनडीए के शीर्ष नेतृत्व का विषय है।
माधव आनंद ने इंडिया गठबंधन पर क्या कहा?
माधव आनंद ने कहा कि इंडिया गठबंधन लगातार चुनाव दर चुनाव हार रहा है, उसके घटक दलों में न समन्वय है और न ही कोई सर्वमान्य नेता। उन्होंने इसे एनडीए की स्थिरता से विपरीत बताया।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) एनडीए में कब से है?
माधव आनंद के अनुसार, आरएलएम पहले भी एनडीए का हिस्सा थी, वर्तमान में भी है और भविष्य में भी रहेगी। उन्होंने नाराजगी की किसी भी अटकल को खारिज किया।
बिहार विधान परिषद में एनडीए की जीत का क्या महत्व है?
इन चुनावों में एनडीए उम्मीदवारों की जीत से विधान परिषद में गठबंधन की स्थिति और मजबूत होगी। निर्वाचित सदस्य प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की नीतियों को लागू करने में भूमिका निभाएंगे।
राष्ट्र प्रेस
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