दीपक प्रकाश एमएलसी टिकट से वंचित, उपेंद्र कुशवाहा बोले — एनडीए जब तक चाहेगा, मंत्री बने रहेंगे
सारांश
मुख्य बातें
बिहार सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश को बिहार विधान परिषद द्विवार्षिक चुनाव-2026 के लिए एनडीए का टिकट नहीं मिलने के बाद राजनीतिक हलकों में उनके मंत्री पद के भविष्य को लेकर अटकलें तेज हो गई हैं। इस पर राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने 8 जून को पटना में स्पष्ट किया कि दीपक प्रकाश को मंत्री बनाने का निर्णय एनडीए ने लिया था, इसलिए जब तक एनडीए चाहेगा, वे मंत्री पद पर बने रहेंगे।
कुशवाहा का स्पष्ट रुख
उपेंद्र कुशवाहा ने कहा, 'जिस दिन दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली थी, उस समय वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं थे। आज भी उनकी स्थिति वैसी ही बनी हुई है।' उन्होंने इस्तीफे की अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि ऐसा सवाल क्यों उठाया जा रहा है, यह उनकी समझ से परे है। कुशवाहा ने यह भी जोड़ा कि एनडीए के जितने उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है, वे सभी निर्विरोध चुने जाएंगे।
चिराग पासवान की प्रतिक्रिया
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान बिहार विधानमंडल परिसर में लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रत्याशी अशरफ अंसारी के नामांकन में शामिल हुए। दीपक प्रकाश को टिकट न मिलने पर चिराग पासवान ने कहा कि पिछले तीन-चार दिनों से गठबंधन के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर बातचीत चल रही है और चीजें जल्द सुलझ जाएंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह मामला भारतीय जनता पार्टी (BJP) और आरएलएम के बीच का है और उन्हें इसकी विस्तृत जानकारी नहीं है।
इंडिया ब्लॉक पर तीखे प्रहार
इंडिया गठबंधन की बैठक को लेकर उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि यह गठबंधन पूरी तरह से बकवास है और इसमें शामिल सभी लोग स्वार्थी हैं। चिराग पासवान ने भी कहा कि गठबंधन के भीतर दरारें साफ दिख रही हैं और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) जैसी पार्टी का दूरी बनाए रखना स्वाभाविक है। उन्होंने यह भी कहा कि ममता बनर्जी का इंडिया ब्लॉक की बैठक में शामिल होना उन्हें हैरान करता है।
लोजपा (रामविलास) का पक्ष
लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के सांसद अरुण भारती ने अशरफ अंसारी के नामांकन का संदर्भ देते हुए कहा कि 2005 में पार्टी के संस्थापक स्वर्गीय रामविलास पासवान ने मुस्लिम समुदाय को प्रतिनिधित्व देने के लिए ऐसे निर्णय लिए थे जिन्होंने पार्टी का ढाँचा बदला, लेकिन लक्ष्यों से कोई समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि उसी प्रतिबद्धता के साथ चिराग पासवान ने इस मुद्दे पर कड़ा रुख अपनाया है। अरुण भारती ने इंडिया ब्लॉक को 'मौकापरस्त लोगों का जमावड़ा' करार दिया और कहा कि पिछले चुनावों में ये दल एक-दूसरे के खिलाफ लड़े थे।
आगे क्या होगा
दीपक प्रकाश के मंत्री पद की संवैधानिक स्थिति अभी अनिश्चित बनी हुई है क्योंकि वे किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। एनडीए के भीतर टिकट वितरण को लेकर जो तनाव उभरा है, वह बिहार विधान परिषद चुनाव-2026 की प्रक्रिया पूरी होने तक बना रह सकता है। गठबंधन की एकजुटता पर सभी की नज़र टिकी है।