पटना: कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा चुनाव को लेकर उठाए गंभीर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- सुरेंद्र कुशवाहा ने राज्यसभा चुनाव के उम्मीदवार के चयन पर सवाल उठाया।
- महागठबंधन के चार विधायकों ने वोट नहीं डाला।
- कांग्रेस के अन्य विधायक भी इस मुद्दे पर असंतुष्ट हैं।
- राजद और कांग्रेस के बीच मतभेद स्पष्ट हो रहे हैं।
- कुशवाहा ने एनडीए का समर्थन न करने का निर्णय लिया।
पटना, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार में आयोजित राज्यसभा चुनाव में एनडीए ने सभी पांच सीटों पर सफलता प्राप्त की है। यह माना जा रहा है कि महागठबंधन के चार विधायकों के वोट न डालने के कारण एनडीए के पांचवें उम्मीदवार की जीत संभव हो सकी। वोट न डालने वाले विधायकों में कांग्रेस के तीन और राजद का एक विधायक शामिल है।
कांग्रेस के विधायक सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा ने उम्मीदवार के चयन को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर राज्यसभा चुनाव में वोट न देने के कारणों को साझा किया है।
उन्होंने लिखा, "महागठबंधन के पास एक सीट का मौका था, तो दीपक यादव से बेहतर उम्मीदवार और कौन हो सकता था? अगर ऐसा नहीं था, तो मुकेश सहनी को ही मौका दिया जाना चाहिए था, लेकिन उन्हें न चुनकर ऐसे व्यक्ति को उम्मीदवार बना दिया गया जिसका जनाधार महागठबंधन के खिलाफ है। मैं एनडीए का समर्थन नहीं कर सकता, और राजद ने गलत उम्मीदवार चुना, इसलिए मैंने वोट न देना ही उचित समझा।"
उन्होंने आगे कहा कि उनके खिलाफ आरोप लगाने वाले लोग यह भूल जाते हैं कि मुख्यमंत्री के पसंदीदा सीट पर हमने सरकारी तंत्र को हराकर विधानसभा चुनाव में जीत हासिल की थी और बिहार में विकास कार्यों के जरिए जनता के आशीर्वाद का कर्ज चुका रहा हूं। जब विरोधी हमसे बराबरी नहीं कर पाते, तो वे बदनामी करने लगते हैं।
वहीं, वोट न देने वाले कांग्रेस के एक अन्य विधायक मनोज विश्वास का कहना है कि जब हमारे नेता को सम्मान नहीं दिया जाएगा, तो वोट देने का कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा था कि राज्यसभा चुनाव में आप सभी स्वतंत्र हैं, वोटिंग करें या न करें। इसके बाद हमने निर्णय लिया। हमारे नेता को उम्मीदवार चयन में पूछा नहीं गया।
उन्होंने कहा कि उम्मीदवार का चयन गलत हुआ था, इसलिए उन्होंने मतदान नहीं किया। हम लोग पार्टी के साथ एकजुट हैं।