सुरेंद्र कुशवाहा का अशोक चौधरी से विकास चर्चा पर जोर, दल बदलने की अटकलें निराधार
सारांश
Key Takeaways
- सुरेंद्र कुशवाहा की मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात विकास पर केंद्रित थी।
- मुलाकात के बाद दल बदलने की चर्चाएँ उठी हैं।
- कांग्रेस विधायक ने अपने क्षेत्र के विकास के लिए सदन में मुद्दा उठाया।
- बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर स्थिति अस्पष्ट बनी हुई है।
पटना, 29 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार की राजनीतिक फिजा में उस समय हलचल मच गई, जब कांग्रेस विधायक सुरेंद्र कुशवाहा रविवार को मंत्री अशोक चौधरी से मिलने पहुंचे। इस मुलाकात के बाद पटना के सियासी गलियारों में चर्चा होने लगी कि क्या कांग्रेस विधायक का पार्टी से मोह भंग हो गया है और वे दल बदलने के लिए तैयार हैं।
हालांकि, कांग्रेस विधायक का कहना है कि यह मुलाकात केवल उनके विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़ी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे कांग्रेस पार्टी के साथ हैं और दल नहीं बदलने जा रहे हैं। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव के दौरान पार्टी लाइन से हटकर मतदान नहीं करने वाले तीन कांग्रेस विधायकों में से एक सुरेंद्र कुशवाहा हैं। उनकी मंत्री अशोक चौधरी से मुलाकात ने सियासी अटकलों को और हवा दी है।
राष्ट्र प्रेस के साथ बातचीत में कांग्रेस विधायक ने बताया कि यह एक औपचारिक मुलाकात थी। उन्होंने कहा कि यह कोई गुप्त बातचीत नहीं थी। इस मुलाकात का मुख्य उद्देश्य यह चर्चा करना था कि उनका विधानसभा क्षेत्र सबसे अधिक अविकसित है। उनका पूरा ध्यान सिर्फ अपने निर्वाचन क्षेत्र के विकास पर केंद्रित था, अन्य किसी चीज पर नहीं।
उन्होंने कहा कि उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र के विकास कार्यों के लिए सदन में भी मुद्दा उठाया है। जनता हमें अपना मूल्यवान वोट देकर विधानसभा भेजती है, इसलिए जनप्रतिनिधि के रूप में हमारा कर्तव्य बनता है कि हम अपने क्षेत्र में विकास कार्य करवाएं। उनके विधानसभा क्षेत्र में सड़कें, पुल आदि निर्माण कार्यों पर चर्चा हुई।
बिहार के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सुरेंद्र कुशवाहा ने कहा कि इस सवाल का उत्तर वे नहीं दे सकते। यह एनडीए के सदस्यों पर निर्भर करता है कि मुख्यमंत्री कौन बनेगा। हम इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकते। महागठबंधन की ओर से हम लोग हैं।
ज्ञात हो कि सीएम नीतीश कुमार की राज्यसभा चुनाव में जीत के बाद से प्रदेश के अगले मुख्यमंत्री को लेकर सस्पेंस बना हुआ है।