भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, फार्मा स्टॉक्स में भारी बिकवाली

Click to start listening
भारतीय शेयर बाजार में गिरावट, फार्मा स्टॉक्स में भारी बिकवाली

सारांश

भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लाल निशान में शुरुआत की, जिसमें सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखी गई। फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव बना रहा, जबकि अन्य क्षेत्रों में भी नुकसान हुआ। जानें और क्या चल रहा है इस विषय में।

Key Takeaways

  • भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लाल निशान में शुरुआत की।
  • फार्मा स्टॉक्स में भारी बिकवाली देखी गई।
  • निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में गिरावट आई।
  • ईरान-अमेरिका तनाव के चलते बाजार में कमजोरी।
  • सोने और चांदी की कीमतों में भी कमी आई।

मुंबई, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को लाल निशान में शुरुआत की। सुबह 9:17 बजे सेंसेक्स में 241 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट आई, और यह 73,078.49 पर था। वहीं, निफ्टी 84.70 अंक या 0.37 प्रतिशत की कमी के साथ 22,628.40 पर पहुंच गया।

प्रारंभिक कारोबार में फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली का दबाव देखने को मिला। निफ्टी फार्मा सूचकांक लगभग एक प्रतिशत की गिरावट के साथ सबसे बड़े लूजर के रूप में उभरा। इसके अतिरिक्त, निफ्टी ऑयलएंडगैस, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी मीडिया, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी इंडिया डिफेंस और निफ्टी इन्फ्रा भी लाल निशान में रहे।

इसके विपरीत, निफ्टी आईटी, निफ्टी मेटल और निफ्टी पीएसयू बैंक हरे निशान में थे।

सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, टाइटन, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, टीसीएस, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, आईटीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट प्रमुख लाभार्थी रहे। वहीं, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, सन फार्मा, इटरनल, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व और एमएंडएम नुकसान उठाने वाले स्टॉक्स रहे।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी लाल निशान में देखे गए। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 302.60 अंक या 0.59 प्रतिशत की गिरावट के साथ 53,384 रहा, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 96.20 अंक या 0.64 प्रतिशत की कमी के साथ 15,549 पर रहा।

बाजार में कमजोरी का मुख्य कारण ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को माना जा रहा है, जिसका प्रभाव वैश्विक बाजारों पर स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है।

एशियाई बाजारों में टोक्यो और सोल हरे निशान में थे, जबकि जकार्ता के बाजार लाल निशान में थे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को लाल निशान में बंद हुए।

कच्चे तेल की कीमतों में भी मिलाजुला कारोबार चल रहा है। लेखन के समय ब्रेंट क्रूड 0.63 प्रतिशत की बढ़त के साथ 109.70 डॉलर प्रति बैरल और डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.42 प्रतिशत की कमी के साथ 111.07 डॉलर प्रति बैरल पर था।

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट बनी हुई है। सोना 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,668 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.95 प्रतिशत की कमी के साथ 72.23 डॉलर प्रति औंस पर थी।

Point of View

विशेष रूप से ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच की स्थिति का बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है। ऐसे समय में निवेशकों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
NationPress
10/04/2026

Frequently Asked Questions

भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का कारण क्या है?
गिरावट का मुख्य कारण ईरान-अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव को माना जा रहा है।
फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली का क्या असर होगा?
फार्मा स्टॉक्स में बिकवाली ने बाजार में कमजोरी का संकेत दिया है, जिससे अन्य क्षेत्रों पर भी प्रभाव पड़ सकता है।
क्या निफ्टी और सेंसेक्स में फिर से सुधार होगा?
बाजार की स्थिति वैश्विक घटनाक्रमों पर निर्भर करती है, इसलिए सुधार की संभावना भविष्य में हो सकती है।
Nation Press