श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग भूस्खलन और पत्थर गिरने से बंद: यातायात प्रभावित

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श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग भूस्खलन और पत्थर गिरने से बंद: यातायात प्रभावित

सारांश

रामबन जिले में भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग बंद हो चुका है। यातायात विभाग ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे यात्रा न करें। जानिए इस स्थिति का क्या प्रभाव पड़ेगा।

Key Takeaways

  • श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग भूस्खलन के कारण बंद है।
  • यातायात विभाग ने यात्रा न करने की सलाह दी है।
  • रेलवे सेवा चालू है, जो घाटी से जुड़ाव बनाये रखती है।
  • भूस्खलन की घटनाएं इस क्षेत्र में सामान्य हैं।
  • फल उत्पादकों को नुकसान हो रहा है।

श्रीनगर, 6 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। रामबन जिले में भूस्खलन और पत्थर गिरने की घटनाओं के चलते आज श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात को रोक दिया गया है।

यातायात विभाग के अधिकारियों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्ग पर वाहनों का आवागमन दोनों दिशाओं से, जम्मू से श्रीनगर और इसके विपरीत, अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। करोल ब्रिज और चंदरकोट के बीच सड़कें भूस्खलन और पत्थरों के गिरने के कारण अवरुद्ध हो गई हैं।

यातायात विभाग ने एक बयान में कहा है, "लोगों को सलाह दी जाती है कि जब तक एनएच-44 की मरम्मत नहीं होती, तब तक इस पर यात्रा न करें। कृपया अफवाहों पर ध्यान न दें और यात्रा शुरू करने से पहले राजमार्ग की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त करें।"

श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग, जो रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, घाटी में आवश्यक आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण रास्ता बना हुआ है, जबकि जम्मू डिवीजन और घाटी के बीच रेल संपर्क पहले से ही चालू है।

राजमार्ग के जरिए LPG, मटन, मुर्गी उत्पादों आदि का सारा स्टॉक घाटी में लाया जाता है। हालाँकि, ट्रेन के आगमन से देश के अन्य हिस्सों और घाटी के बीच हर मौसम में संपर्क स्थापित हो गया है, फिर भी घाटी से माल ले जाने वाली मालगाड़ियों का नियमित संचालन अभी तक नहीं हुआ है।

फ्लाईओवर, पुलों और सुरंगों के निर्माण के कारण यात्रा का समय पहले के 10 घंटे से घटकर 5 घंटे हो गया है, लेकिन रामसू और रामबन शहर के बीच का राजमार्ग का हिस्सा अब भी इस राजमार्ग का सबसे संवेदनशील क्षेत्र बना हुआ है। यहां बारिश के कारण भूस्खलन, कीचड़ का भूस्खलन और पत्थर गिरने जैसी घटनाएं होती हैं, जिससे यातायात प्रभावित होता है।

2025 में, घाटी में फल उत्पादकों को राजमार्ग की लगातार नाकाबंदी के कारण काफी नुकसान हुआ, क्योंकि राष्ट्रीय बाजारों में फल ले जाने वाले ट्रक फंसे रहे।

उत्तरी रेलवे के अधिकारियों ने हाल ही में हितधारकों के साथ बैठक की है ताकि इस वर्ष घाटी से फलों के परिवहन के लिए मालगाड़ी की शुरुआत की जा सके। पार्सल सेवा शुरू होने से कश्मीर के बागवानी उद्योग को अत्यंत आवश्यक मदद मिलेगी।

Point of View

NationPress
09/04/2026

Frequently Asked Questions

क्या श्रीनगर-जम्मू राजमार्ग पर यात्रा करना सुरक्षित है?
इस समय यात्रा करना सुरक्षित नहीं है, क्योंकि भूस्खलन और पत्थर गिरने के कारण राजमार्ग बंद है।
भूस्खलन के कारण यातायात कब बहाल होगा?
यातायात विभाग ने स्पष्ट नहीं किया है, लेकिन मरम्मत कार्य पूरा होने के बाद ही यातायात बहाल होगा।
क्या रेलवे सेवा चालू है?
जी हां, जम्मू डिवीजन और घाटी के बीच रेल संपर्क पूरी तरह से चालू है।
क्या फल और अन्य आवश्यक चीजें घाटी में पहुंच रही हैं?
हां, आवश्यक वस्तुएं अभी भी राजमार्ग के माध्यम से लायी जा रही हैं।
राजमार्ग की स्थिति की जानकारी कैसे प्राप्त करें?
यातायात विभाग से संपर्क करके राजमार्ग की स्थिति की जानकारी प्राप्त करें।
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