अखिलेश सिंह का बयान: राज्यसभा चुनाव में महागठबंधन की हार शर्मनाक
सारांश
Key Takeaways
- महागठबंधन की हार शर्मनाक है।
- तीन कांग्रेस विधायकों का अनुपस्थित रहना मुख्य कारण था।
- हॉर्स ट्रेडिंग के आरोप लगे हैं।
- प्रदेश अध्यक्ष पर भी सवाल उठे।
- राजद नेता तेजस्वी यादव का बयान भी महत्वपूर्ण है।
पटना, 20 मार्च (न्यूज प्रेस)। बिहार की पांच राज्यसभा सीटों पर हाल ही में हुए चुनाव में महागठबंधन को पराजय का सामना करना पड़ा। कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि यह हमारे लिए शर्मनाक है कि हमारे तीन विधायक मतदान के समय उपस्थित नहीं हुए, जबकि उन्हें वहाँ होना चाहिए था।
राज्यसभा चुनाव की पाँचवीं सीट पर स्थिति जटिल हो गई थी। राजद नेता तेजस्वी यादव सहित महागठबंधन के अन्य नेता भी इस सीट पर जीत का दावा कर रहे थे। लेकिन, तीन कांग्रेस विधायकों के अनुपस्थित रहने से यह पूरी स्थिति बदल गई। यह सीट भी एनडीए के पास चली गई।
पटना में न्यूज प्रेस से बातचीत करते हुए कांग्रेस सांसद अखिलेश सिंह ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस जैसे दल का कोई सदस्य मतदान करने नहीं आया। यह हमारे लिए शर्म की बात है। इसके साथ ही, मैं यह भी कहूँगा कि जिस तरह से हॉर्स ट्रेडिंग हुई, जिसमें विधायकों को पैसे का लालच दिया गया और पैसे के बल पर उन्हें अनुपस्थित कराया गया, यह सबके सामने है।
उन्होंने कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कभी भी हॉर्स ट्रेडिंग के खिलाफ थे। लेकिन, इस बार उन्होंने राज्यसभा का चुनाव लड़ा। एनडीए की जीत हुई, लेकिन जो कुछ भी हुआ, वह लोकतंत्र को कलंकित करने वाला है।
फिल्म 'धुरंधर 2' में माफिया डॉन अतीक अहमद के आईएसआई से सीधे जुड़ाव को दिखाए जाने पर अखिलेश सिंह ने कहा कि मुझे इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर आपके पास जानकारी का स्रोत नहीं है, तो उनसे पूछिए कि उनका क्या संबंध है। फिल्म निर्माताओं से पूछिए, प्रोड्यूसर से पूछिए। मुझे यह कैसे पता होगा।
बताते चलें कि राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस के तीन विधायकों के अनुपस्थित रहने पर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष पर भी सवाल उठे। अनुपस्थित विधायकों ने दावा किया कि वे प्रदेश अध्यक्ष के कहने पर वोट देने नहीं पहुंचे। जबकि, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने इन दावों को झूठा करार दिया। राजद नेता तेजस्वी यादव ने पांचवीं सीट पर मिली हार पर कहा कि हम जीत रहे थे, लेकिन अंत में विधायकों को चुरा लिया गया।