बिहार दिवस पर मंत्री दीपक प्रकाश ने ममता बनर्जी के बेतुके बयान पर कसा तंज
सारांश
Key Takeaways
- दीपक प्रकाश ने बिहारवासियों को शुभकामनाएं दीं।
- ममता बनर्जी के प्रधानमंत्री पर दिए गए बयान को बेतुका
- चुनाव आयोग से संपर्क करने का सुझाव दिया।
- पश्चिम बंगाल में चुनावी हिंसा की समस्या पर चिंता व्यक्त की।
- एनडीए के नेतृत्व में सरकार बनने का दावा किया।
पटना, २२ मार्च (राष्ट्र प्रेस)। बिहार दिवस के अवसर पर राज्य सरकार के मंत्री दीपक प्रकाश ने प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। साथ ही पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के हालिया बयानों पर भी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की।
दीपक प्रकाश ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "बिहार दिवस पर बिहार के सभी लोगों को, चाहे वे राज्य में हों या बाहर, दिल से शुभकामनाएं। सभी के जीवन में सुख और समृद्धि आए। हमें बिहार के गौरवमयी इतिहास को समझने और उससे प्रेरणा लेने की आवश्यकता है, ताकि हम एक बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ सकें।"
जब ममता बनर्जी द्वारा प्रधानमंत्री को 'घुसपैठिया' कहने के संदर्भ में पूछा गया, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "इस पर क्या जवाब दिया जा सकता है? यह एकदम बेतुकी बात है।"
ममता बनर्जी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह मताधिकार छीनने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा था कि जो बंगाल को निशाना बनाए, वो जहन्नुम जाए। इस पर दीपक प्रकाश ने कहा कि यदि कोई प्रक्रिया संविधान और कानून के तहत की जाती है और उसे छेड़छाड़ बताता है, तो इसका अर्थ है कि वह व्यक्ति संविधान और कानून के खिलाफ खड़ा है।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि एसआईआर प्रक्रिया के माध्यम से किसी वैध मतदाता का नाम नहीं हटाया गया है। यदि किसी को लगता है कि उसका नाम गलत तरीके से हटाया गया है, तो वह चुनाव आयोग से संपर्क कर सकता है। समस्या के समाधान के लिए कदम उठाए जाते हैं।
दीपक प्रकाश ने पश्चिम बंगाल की कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में चुनाव के दौरान हिंसा की घटनाएं बढ़ जाती हैं और इन घटनाओं के पीछे अक्सर तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ता होते हैं।
उन्होंने कहा कि अब बंगाल की जनता यह सब देख रही है और आने वाले समय में एनडीए के नेतृत्व में वहां सरकार बनने का दावा किया।